06/11/2024
बिहार कोकिला को शारदा सिन्हा लिखू या माँ शारदा सिन्हा लिखू. छठ पर्व की हर तकलीफ का समाधान शारदा सिन्हा जी का गाया हुआ गीत है. एक माँ जैसे अपने संतान को ढाढ स बांधती है ठीक वैसे माँ शारदा सिन्हा जी अपने गीतों से नई बहुरिया से लेकर बुजुर्ग छठ व्रतियों तक को ढाढस बधाती है. आप छठ पर्व में मशगूल रहिए माँ शारदा सिन्हा जी का गीत बज जायेगा तो आंख में पानी आ जायेगा, गला सूख जायेगा और चेहरे पर एक संतुष्टि वाली मुस्कान दिखेगी. ऊर्जा तो पूछिये मत दुगना नहीं सौ गुना आ जाएगी.
देखिये छठ गीत हजारों ने गाया है पर शारदा सिन्हा जी के गीत कानो कोसबसे ज़्यादा मधुर लगते हैं. लगता है मेरे घर की महिला ही आंगन में बैठकर गा रही है. आजकल छठ पर्व मे जीजा- साली घुसाने वाले गायक को शारदा जी से थोड़ा तो सीखना चाहिए. 5 जी के गायक लोग ऐसा गायक बनिए जिससे हर पीढ़ी सुनकर प्रसन्न हो जाए. ऐसा गीत मत गाइये जो घर के आंगन में भी प्रवेश ना करें.
आज शारदा सिन्हा जी के नहीं रहने पर हर छठव्रती मायूस होगी. एक बार सभी भगवान भास्कर और माँ छठी से प्रार्थना करती होगी शारदा सिन्हा जी जहां भी रहे खुश रहे.
बिहार कोकिला शारदा सिन्हा जी को अंतिम प्रणाम 🙏🏻