KCIB 24

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 #सुशासन_बनाम_अपराधिक_संरक्षक   #भ्रष्ट_सरकार_बनाम_बिहार बिहार के मधुबनी जिला में 29 मार्च 2021 को होली के दिन एक राजपूत...
03/03/2025

#सुशासन_बनाम_अपराधिक_संरक्षक #भ्रष्ट_सरकार_बनाम_बिहार
बिहार के मधुबनी जिला में 29 मार्च 2021 को होली के दिन एक राजपूत परिवार के पाँच सदस्यों की बर्बरता पूर्वक की गई उस हत्या काण्ड को आज तक नहीं भूल पाया हूँ जिसे राजपूतों के द्वारा पुजनीय समझे जाने वाले ब्राह्मण जाति के अपराधियों ने अंजाम दिया था। आज उस घटना के चार साल हो गये, लेकिन आज तक इस परिवार को सरकार के द्वारा किसी भी तरह की मदद नहीं दी गई। जबकि इसी देश में फूलनदेवी, अतीक अहमद और शहाबुद्दीन जैसे दुर्दान्त अपराधियों की सहायता करने के लिए शासन-प्रशासन और माफ़िया जरा सी भी देरी नहीं करती है। उनकी सहायता करने के लिए देश की सम्पत्ति को इस तरह खर्च करती है, मानों वह लूट की सम्पत्ति हो।
लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक फौजी की नौकरी करने वाले और राष्ट्र की उन्नत्ति के लिए बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाने वाले शिक्षक की नौकरी करने वाले देशभक्तों की दुर्दान्त हत्या करने के बाद भी जब सरकार उनके आश्रितों को सहारा नहीं देगी तब ऐसे देश से कौन प्रेम करेगा? ऐसे देश में रहने वाले देशभक्तों की टोली! यदि देशद्रोही बन जायें तो कुछ भी गलत होगा? आखिर उस घटना से पीड़ित परिवार को आज तक क्यों नहीं किसी तरह की सरकारी सहायता दी गई? न तो उस घटना में मारे गए फौजी के किसी आश्रित को केन्द्र सरकार के द्वारा सहायता दी गई न ही बिहार सरकार के अधीन शिक्षक की नौकरी करने वाले दिवंगत शिक्षक के परिवार को बिहार सरकार के द्वारा सहायता की गई। कम से कम इन लोगों के आश्रितों को अनुकम्पा के आधार पर नौकरी भी दे दी जाती तो उनके आश्रितों के समक्ष जीविकोपार्जन की समस्या का समाधान हो जाता। ऐसे मामलों में सरकार द्वारा दी जाने वाली त्वरित सहायता को देख कर उन नागरिकों में भी देशभक्ति की भावना अंकुरित हो सकती थी, जिनके हृदय से देशभक्ति की भावना खत्म हो चुकी है।
अब भी वक़्त है इस देश को संगठित और सशक्त बनाने के लिए आज से और अभी से ही इस देश के असली जरूरतमंदों की सहायता करना शुरू कर दें। ऐसे मामलों में नेतागिरी और भाषणबाजी करने के बजाए जरूरतमंद लोगों की न सिर्फ़ खुल कर मदद करें बल्कि उन्हें न्याय और अधिकार दिलाने के लिए भी निस्वार्थ होकर काम करें।

INDI एलायंस के द्वारा खुद को Prime Minister का भावी उम्मीदवार समझने वाले नीतीश कुमार के इस बयान के बाद भी क्या आपको लगता...
25/12/2023

INDI एलायंस के द्वारा खुद को Prime Minister का भावी उम्मीदवार समझने वाले नीतीश कुमार के इस बयान के बाद भी क्या आपको लगता है कि वे माननीय मोदी जी से मुकाबला करने के दौरान बेनामी सम्पत्ति बनाने वाले लोगों का साथ छोड़ कर एक बार फिर से एनडीए के साथ मिलकर सरकार बनायेंगे?

25/12/2023

मैं अग्नि से खेल रही हूं, हां मैं एक क्षत्राणी हूँ
कुल श्रेष्ठ घराना है मेरा, मैं रणचण्डी की ज्वाला हूँ
धर्म धरा से पैदा हुइ, मैं जनक दुलारी सीता हुं
शिव धनुष से खेला करती, मैं अपार बलशाली हुं
मैं अग्नि से खेल रही हूं, हां मैं एक क्षत्राणी हूँ

सतयुग में स्वयं सती शिव, मैं कैलाश निवासी हूँ
त्रेतायुग में रघुकुल भुषण, श्री राम की प्यारी हूं
दाव्पर युग मे अग्नि जलती, मैं स्वयं द्रौपदी हूँ
सुंदरता का नाम पद्मिनी, मैं मेवाड़ क्षत्राणी हूँ
मैं अग्नि से खेल रही हूं, हां मैं एक क्षत्राणी हूँ

सतियों का सत नहीं डिगेगा, मैं स्वयं रणचण्डीहूँ
देवों को भी जन्म दिया है, देवों की मैं जननी हूँ
ब्रह्मा विष्णु और महेश को, पालने में झूलाती हूँ
अरी शीश मिटाने को, महाकाली मैं खुद बन जाती हूँ
मैं अग्नि से खेल रही हूं, हां मैं एक क्षत्राणी हूँ ।।
जयभवानी🚩🚩🙏
क्षत्रिय धर्म युगे युगे🚩🚩

क्रिसमस डे के अवसर पर सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह जी के बेटों की शहीदी और तुलसी जयन्ती व गीता जयन्ती जैसे वैदिक त्यो...
25/12/2023

क्रिसमस डे के अवसर पर सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह जी के बेटों की शहीदी और तुलसी जयन्ती व गीता जयन्ती जैसे वैदिक त्योहारों को भुला चुके लोगों मे देशभक्ति और धर्मानुराग जगाने के लिए आज कौशिक कंसल्टेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो के कार्यालय में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर सनातन धर्म की रक्षा करने के लिए बनाये गये सिक्खों के संघ सहित धर्म रक्षार्थ राजपूतों को जगाने वाले दिवंगत नेता ठाकुर सुखदेव सिंह गोगामेड़ी जी को भी याद किया गया।
जब धर्म के नाम पर हिन्दुस्तान के टुकड़े कर के पाकिस्तान बनाने वाले लोगों का नेता और हिन्दुओं का दुश्मन फारुक अब्दुल्ला ने हिन्दुस्तानियों को चैलेंज करते हुए कहा था कि "अगर किसी में हिम्मत है तो लाल चौक पर तिरंगा फहरा कर दिखाये।" तब ठाकुर सुखदेव सिंह गोगामेड़ी जी ने उस देशद्रोही के चैलेंज को स्वीकार करते हुए कहा था कि "श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना इस चैलेंज को स्वीकार करती है। मैं सुखदेव सिंह गोगामेड़ी! श्री राजपूत करणी सेना का राष्ट्रीय अध्यक्ष चैलेंज करता हूँ कि यदि कोई सुरमा है तो मुझे रोक कर दिखाये। 15 अगस्त को देश के प्रधानमंत्री दिल्ली के लाल किले पर तिरंगा फहरायेंगे और हम श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहरायेंगे। क्योंकि लाल चौक कश्मीर में है और कश्मीर हिन्दुस्तान का है। इसके कारण एक हिन्दुस्तानी होने के नाते, एक हिन्दू होने के नाते लाल चौक पर तिरंगा झण्डा जरूर फहरायेंगे।

Manish Kasyap- Son Of Bihar जेल से छूटते ही गहलौर घाटी से क्यों किया सजग भारत अभियान का आगाज. क्रांतिकारी युवाओं का सिरम...
24/12/2023

Manish Kasyap- Son Of Bihar
जेल से छूटते ही गहलौर घाटी से क्यों किया सजग भारत अभियान का आगाज.

क्रांतिकारी युवाओं का सिरमौर बना बिहार का यूट्यूबर मनीष कश्यप उर्फ़ त्रिपुरारी तिवारी बिहार के पटना में स्थित आदर्श केन्द्रीय कारा, बेऊर से मुक्त होते ही बिहार के उस घाटी को नमन करने गया जिसे तीर्थ स्थल बनाने का श्रेय दशरथ मांझी को देने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर बॉलीवुड के माफियाओं ने भी बिहार के दलितों को ठगने का काम किया है। नीतीश कुमार ने दशरथ मांझी को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा कर जो फोटो खिंचवाया था उसे मुख्यमंत्री के चैम्बर के बाहरी दिवार पर लगा कर लोगों को यह दिखाया जा रहा रहा था कि नीतीश कुमार ही दलितों के असली मसीहा हैं। उस फोटो को भंजाने के लिए नीतिश जी ने बिहार के दलितों का विकास कर के उन्हें अगड़ी जाति के समकक्ष लाने के बजाए महादलित बनाने का काम किये। इसके लिए बजाफ्ता महादलित आयोग का गठन किया गया। दशरथ मांझी के देहावसान के बाद उनकी स्मृति में बनने वाले समाधि से ही महादलितों को ठगने का काम शुरू हुआ। इसके प्रमाण स्वर्गीय दशरथ मांझी की समाधि स्थल पर आज भी देखे जा सकते हैं। उनकी समाधि के छत की ऊंचाई चार फीट भी नहीं है। इसके कारण एक ईंट के ऊपर रखे हुए दशरथ मांझी जी की तस्वीर के सामने दीप जलाने के लिए इच्छुक व्यक्ति को रेंगते हुए जाना पड़ता है। यह मांझी जी की आत्मा के साथ मजाक नहीं तो और क्या है? सिर्फ़ इतना ही नहीं नीतीश कुमार ने मांझी जी को वचन दिया था कि उनके बेटे को रोजगार, रहने के लिए सरकारी सहायता कोष से एक घर और आर्थिक सहायता दिया जाएगा। लेकिन उनके परिवार को आज तक कोई सहायता नहीं नहीं मिला। जबकि दशरथ मांझी जी के नाम पर दशरथ मांझी महादलित विकास आयोग बना कर दलितों का वोट ठगने में सफल हुए। बिहारियों का मजाक उड़ाने वाले बॉलीवुड ने भी दशरथ मांझी जी के नाम पर फिल्म बनाते समय इनके परिवार को आर्थिक सहायता देने का जो वचन दिया था उसका पालन नहीं किया। बिहार की भोली-भाली जनता के नाम पर चल रही विकास योजनाओं के पैसे लूटने के काम में जी-जान से लगे नेताओं, अभिनेताओं, अभियंताओं सहित सरकारी योजनाओं को मूर्त रूप देने वाले ठेकेदारों का असली चेहरा दिखाने के लिए ही मनीष कश्यप ने उस समाधि स्थल पर आना जरूरी समझा जिसे गहलौर के पहाड़ी को अपने हाथों से काट कर रास्ता बनाने वाले दशरथ मांझी जी को सम्मान देने के लिए बनवाया गया था। लेकिन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े उस समाधि स्थल और दशरथ मांझी के परिजनों की तरह ही उपेक्षा और ठगी का दंश झेल रहे लोगों को एकजुट होकर आवाज़ उठाने का सन्देश देने के लिए ही मनीष कश्यप ने गहलौर घाटी से अपनी आवाज़ को बुलन्द किया है। इस अभियान के लिए मनीष कश्यप उर्फ़ त्रिपुरारी तिवारी और उनके समर्थकों को हार्दिक बधाई।

नौ महीनों के बाद कारागार से छुटते ही पारिवारिक सदस्यों से मिलने के बजाए इस देश को भ्रष्टाचार, उत्पीड़न और अन्याय से मुक्ति दिलाने के लिए साथ देने के लिए संकल्पित युवाओं से मिलकर गहलौर की घाटी से मनीष कश्यप ने जिस अभियान का आगाज किया है, उसने यह साबित कर दिया है कि यह डरा नहीं है। सनातन भारत को बर्बाद करने का स्वप्न देख रहे स्टालिन और उसके समर्थकों की धमकियों का भी इसे कोई खौफ़ नहीं है। रवीश जैसे देश विरोधी पत्रकारों की तरह मनीष कश्यप को राजनीतिक संरक्षण और सुख-सुविधाओं की कोई लालच नहीं है, बल्कि इसे तो वाकई में इस देश के भविष्य की, खास कर बिहार के युवाओं की चिन्ता है।

मनीष! यहाँ के भ्रष्ट नेताओं और नौकरशाहों की प्रताड़ना महीनों झेलने के बाद भी नई उम्मीदों और उत्साह के साथ सजग भारत अभियान को पुनः समायोजित करने के लिए शुरू की गई तुम्हारी इस यात्रा में अब तो मेरे जैसे लाखों लोग तुम्हारे साथ जुट चुके हैं। बेख़ौफ़ होकर पुनः शुरू किये जा रहे इस अभियान के लिए हमारे कौशिक परिवार की ओर से भी हार्दिक बधाई। ... ॐ 💞

  कौन कर रहे हैं अग्निपथ रिक्रूटमेंट स्कीम का विरोध? क्या है इस स्कीम के द्वारा भारत सरकार का उद्देश्य? जानने के लिए जरू...
18/06/2022


कौन कर रहे हैं अग्निपथ रिक्रूटमेंट स्कीम का विरोध? क्या है इस स्कीम के द्वारा भारत सरकार का उद्देश्य? जानने के लिए जरूर देखें Kaushik Consultancy Intelligence Bureau नामक हमारे संगठन के ब्लॉग का संलग्न आलेख।
संलग्न ब्लॉग में दी गई मेरी सूचना यदि अच्छी लगे तो ज्यादा से ज्यादा लोगों में शेयर कर के आप भी राष्ट्र विरोधी लोगों के विरुद्ध हमारे जन जागरुकता अभियान में साथ दें।🙏

अग्निपथ रिक्रूटमेंट स्कीम के बारे जानने के लिए संलग्न लिंक पर क्लिक करें।👇

http://fb.me/kcib.in

 अग्निपथ रिक्रूटमेंट स्कीम के विरोध में क्यों हो रहा है विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन? सच्चाई जानने के लिए संलग्न लिंक के...
17/06/2022


अग्निपथ रिक्रूटमेंट स्कीम के विरोध में क्यों हो रहा है विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन? सच्चाई जानने के लिए संलग्न लिंक के द्वारा जरूर देखें मेरे ब्लॉग का यह आलेख।https://kcib24.blogspot.com/2022/06/blog-post_17.html

10/06/2022

World's Cheapest Gold :
दुनिया के इन देशों में मिलता है सबसे सस्ता सोना, लेकिन भारत में इसे सीमित मात्रा में ही ला सकते हैं।
आपको बता दें कि दुनिया कई देशों में सोने के दाम भारत से 15 प्रतिशत तक कम किमत में मिलते हैं। लेकिन उन देशों की सूची में मुख्य रूप से कौन-कौन देश सम्मिलित हैं और उन देशों से कितना सोना भारत ला सकते हैं, आइए जानते हैं उनके बारे में।

विश्व में सबसे सस्ता सोना :
दुनिया के इन देशों में मिलता है सबसे सस्ता सोना, लेकिन भारत सीमित मात्रा में ही सोना ला सकते हैं।

Sachin Chaturvedi & Prasenjeet
10 May 2022, 22:16:36
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दुनिया के कई देशों में Gold की दीवानगी सिर चढ़कर बोलती है। स्विटजरलैंड के ज्यूरिख शहर में लोगों को अच्छा और बेहतर सोना मिल सकता है, दुनिया में पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र दुबई गोल्ड का भी एक बड़ा हब है।

World's Cheapest Gold: मानव सभ्यता के हजारों वर्षों के इतिहास में जिस चीज़ से इंसान ने बेइंतहा प्यार किया है, वह है सोना! सोने को लेकर इंसान की इसी दीवानगी ने सोने को दुनिया की सबसे बहुमूल्य धातुओं में से एक बना दिया है। यही कारण है कि सोने को मुश्किल दिनों का साथी भी कहा जाता है। दुनिया में तेल के बाद सबसे अधिक पैसा सोने में निवेश किया जाता है।

सोने को लेकर दीवानगी सिर्फ भारत में ही नहीं है, बल्कि दुनिया के कई देशों में इसकी दीवानगी सिर चढ़कर बोलती है। हम सभी ने अखबारों मैगजीन या टीवी पर दुबई की तस्वीरें देखी होंगी, जिसमें दुकानों पर भर भर कर जेवरात दिखाई देते हैं। ऐसे में आपके मन में भी सवाल उठ रहा होगा कि क्या वहां सोेना इतना सस्ता है? जी हां, दुनिया में कई देशों में सोने के दाम भारत से 15 प्रतिशत तक कम हैं। आइए जानते हैं इन देशों के बारे में..

दुबई :
सस्ते सोने के मामले में दुबई का मुकाबला शायद ही कोई दूसरा देश कर पाए। दुनिया में पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र दुबई गोल्ड का भी एक बड़ा हब है। यहां की सरकार सोने पर किसी प्रकार का टैक्स नहीं लगाती है, यह भी यहां सस्ता सोना मिलने का एक प्रमुख कारण है। यहां का दिएरा एक ऐसी जगह है, जहां गोल्ड सूक एरिया गोल्ड शॉपिंग का हब माना जाता है।

स्विट्जरलैंड :
आपको स्विट्जरलैंड का नाम सुनकर स्विस बैंक का ख्याल जरूर आता होगा। लेकिन स्विटजरलैंड दुनिया भर में गोल्ड के लिए भी फेमस है। स्विस वॉचेज़ अपनी डिजाइनर गोल्डन घड़ियों के लिए काफी मशहूर है। इस देश में सोने का अच्छा कारोबार होता है। स्विटजरलैंड के ज्यूरिख शहर में लोगों को अच्छा और बेहतर सोना मिल सकता है। यहां हैंडमेड डिजाइनर गहनों के साथ आपको काफी वैरायटी मिलती है।

हांगकांग :
एक समय ब्रिटिश कोलोनी रहे हांगकांग में टैक्स की रियायतें भी भरपूर हैं। ऐसे में चीन का यह स्वायत्त क्षेत्र दुनिया भर में गोल्ड शॉपिंग के लिए भी मशहूर है। हांगकांग में आपको सोना बेहद कम कीमत पर मिलता है। मालूम हो कि यह विश्व का सबसे एक्टिव गोल्ड ट्रेडिंग मार्केट में से एक है।

थाईलैंड :
अपने सुंदर बीच और पर्यटन केंद्रों के लिए मशहूर थाईलैंड भी दुबई की तरह ही सस्ते सोने का केंद्र है। थाईलैंड के बैंकॉक में आप कम कीमत में अच्छी क्वालिटी का सोना खरीद सकते हैं। थाईलैंड के चाइना टाउन में यावोरात रोड सोना खरीदने के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है। यहां आपको बहुत कम मार्जिन में गोल्ड मिल जाता है और साथ ही अच्छी वैरायटी भी होती है।

भारत ला सकते हैं कितना सोना?
सवाल उठता है कि थाइलैंड से लेकर दुबई तक आप सस्ता सोना खरीद सकते हैं। लेकिन विदेशों में खरीदा सोना क्या भारत लाया जा सकता है, इस पर टैक्स कितना देना होगा, आपको इस पर भी गौर करना चाहिए। देश में सोने के सिक्के गहने आदि लाने को बड़ी सख्ती से केंद्र सरकार द्वारा नियंत्रित किया जाता है। वित्त मंत्रालय के तहत आने वाली सेंट्रल इनडायरेक्ट टैक्स और कस्टम ने गाइड फॉर ट्रैवलर्स जारी की गई है। इसमें आपको बताया गया है कि विदेश से आप कितना सोना ला सकते हैं।

ये है ड्यूटी चार्ज :
जो नागरिक एक साल से विदेश में रह रहे हैं, वे अधिकतम 40 ग्राम सोना ही ला सकते हैं
यात्रियों को सीमा से अधिक गोल्ड लाने पर ड्यूटी कनवर्टिबल करेंसी में देना होता है।
गोल्ड बार, तोला बार जिस पर मैन्युफैक्चर का नाम सीरियल नंबर लिखा होता है, 12.5 प्रतिशत की दर से सरचार्ज देना होता है।
अन्य प्रकार के गोल्ड जैसे कि पत्थरों या मोतियों से जड़े गहनों के अलावा 12.5 प्रतिशत ड्यूटी के साथ 1.25% समाज कल्याण सरचार्ज लगाया जाता है।

विस्तृत जानकारी के लिए हमारे संगठन Kaushik Consultancy Intelligence Bureau के वेब ऐड्रेस https://fb.me/kcib.in पर उपलब्ध लिंक्स के द्वारा अपने सवाल हमें भेज सकते हैं।

क्या आपको पिछले चुनाव प्रचार के दौरान जदयू का यह स्लोगन याद है?"बिहार में बहार है,नीतीशे कुमार है।"अब समझ गये होंगे कि भ...
09/06/2022

क्या आपको पिछले चुनाव प्रचार के दौरान जदयू का यह स्लोगन याद है?
"बिहार में बहार है,
नीतीशे कुमार है।"
अब समझ गये होंगे कि भ्रष्टाचार और कमीशनखोर में लिप्त बिहार सरकार के नेताओं की कैसे बहार आयी है?...🤔

 #कौन_होते_हैं_सिद्धी :पूर्वी अफ्रीका के देश इथियोपिया का पुराना नाम अबीसिनिया था। अबीसिनिया को अरबी लोग अल-हबास कहते थे...
23/05/2022

#कौन_होते_हैं_सिद्धी :
पूर्वी अफ्रीका के देश इथियोपिया का पुराना नाम अबीसिनिया था। अबीसिनिया को अरबी लोग अल-हबास कहते थे। इसके कारण ही अबीसिनिया में रहने वाले लोगों का नाम अपभ्रंश के कारण हब्सी पड़ गया।
हब्सी कहलाने वाले जिन लोगों को बन्दी बना कर भारत लाया गया था। उन लोगों में से सिद्धि कहलाने वाले लोगों के वंशज़ आज भी गिर सोमनाथ जिले में निवास करते हैं। कहते हैं कि ये लोग सनातन संस्कृति के आधार स्तम्भ माने जाने वाले शिव-पार्वती के पुत्र गणेश जी के वंशज़ हैं। पौराणिक कथाओं में भी शिव पुत्र गणेश जी की दो पत्नियों के नाम बताये गये हैं, जिनके नाम रिद्धि और सिद्धि थे। गणेश जी की सिद्धि नामक पत्नी के गर्भ से उत्पन्न अबीसिनियाई मूल के लोगों की जाति का नाम ही सिद्धी है।

 #भाजपा_के_संस्थापकयह दुर्लभ तस्वीर उस समय की है जब ६ अप्रैल १९८० को इन महान हस्तियों नें  #मुम्बई में  #भारतीय_जनता_पार...
21/05/2022

#भाजपा_के_संस्थापक
यह दुर्लभ तस्वीर उस समय की है जब ६ अप्रैल १९८० को इन महान हस्तियों नें #मुम्बई में #भारतीय_जनता_पार्टी का गठन किया था। जिस हस्तियों ने इस पार्टी का गठन किया था उन लोगों में शामिल
श्री #कुशाभाऊ_ठाकरे
श्री #भैरों_सिंह_शेखावत
श्री #सुंदरलाल_पटवा
श्री ाल_खुराना
श्री #लालकृष्ण_आडवाणी
राजमाता #श्रीमती_विजय_राजे_सिंधिया
और #प्रथम_भाजपा_अध्यक्ष #श्री_अटल_बिहारी_वाजपेई जी
जैसे महान हस्तियों को नमन है। इन ऐतिहासिक हस्तियों की रखी हुई नींव आज आलीशान इमारत का रुप लेकर पूरी दुनियां में भारत का नाम रोशन कर रही है।

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