03/03/2026
मोहब्बत के सफ़र में बदनसीब हूँ मैं, तमाम कोशिशों के बावजूद खुशियाँ कम, शिकायतें ज़्यादा हैं। मेहबूब के होंठों की एक मुस्कान, मेरे लिए दुनिया से भी प्यारी है। मगर वो ये समझ नहीं पाता, हर रोज़ नादानी के ख़ंजर से मेरे दिल के टुकड़े करता जाता है। 💔😢💕😍😔