18/12/2025
🎧 शीर्षक: “परदेस का साया”
[Hook]
परदेस का साया, कंधों पे बोझ भारी
माँ की दुआ साथ, पर जेब अब भी खाली
सपनों की कीमत, नींद से चुकाई
गरीब की कहानी, माइक पे सुनाई
[Verse 1]
गाँव की मिट्टी आज भी जूते में लगी
शहर की रौशनी आँखों को चुभी
चार दीवार, आठ घंटे की नौकरी
नाम का मालिक, पर रूह अभी भी ग़ुलामी
पिता के हाथों में छाले, माँ की चुप दुआ
फोन पे हँसी, पर दिल में है धुआँ
लोग पूछें, “भाई परदेस में मज़ा?”
मैं कहूँ “हाँ”, पर सच को कैसे बताऊँ यहाँ
[Hook]
परदेस का साया, कंधों पे बोझ भारी
माँ की दुआ साथ, पर जेब अब भी खाली
सपनों की कीमत, नींद से चुकाई
गरीब की कहानी, माइक पे सुनाई
[Verse 2]
रात की शिफ्ट, दिन की तन्हाई
अपने लोग दूर, बस यादें कमाई
इंस्टा पे लोग दिखाएँ चमक
मेरे कैमरे में सिर्फ़ संघर्ष की झलक
कभी टूटा हौसला, फिर खुद को जोड़ा
किस्मत ने छोड़ा, पर मैंने नहीं छोड़ा
कल जो हँसे थे, आज सुनेंगे नाम
मेहनत की आग से जल रहा अंजाम
[Bridge]
ये रैप नहीं, ये मेरी ज़ुबानी है
हर लाइन में मेरी कहानी है
गरीब हूँ, पर सपने अमीर
आज नहीं तो कल, मेरी ही बारी है
[Hook]
परदेस का साया, कंधों पे बोझ भारी
माँ की दुआ साथ, पर जेब अब भी खाली
सपनों की कीमत, नींद से चुकाई
गरीब की कहानी, माइक पे सुनाई
[Outro]
जो नीचे से आए, वही ऊपर की क़ीमत जाने
मिट्टी से निकले, सोना बनने का हुनर माने
ये सिर्फ़ गाना नहीं, ये ऐलान है
गरीब का बेटा भी एक दिन पहचान है 🔥