10/06/2026
सुरेश साले से हुई कड़ी पूछताछ के बाद इस मामले की आंच श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे तक भी पहुंच गई है. सरकारी सूत्रों का कहना है कि बहुत जल्द राजपक्षे को बुलाकर इस मामले में कड़ी पूछताछ की जा सकती है.
श्रीलंका में साल 2019 में हुए भयावह ईस्टर संडे धमाकों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. देश के पब्लिक सिक्योरिटी मिनिस्ट आनंद विजेपाला ने संसद में एक ऐसा बयान दिया है जिसे यकीन करना मुश्किल हो रहा है. श्रीलंका सरकार ने पहली बार आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार किया है कि 279 मासूमों की जान लेने वाले इस आत्मघाती हमले का असली सूत्रधार कोई और नहीं, बल्कि देश का पूर्व खुफिया प्रमुख मेजर जनरल सुरेश साले ही था. यानी रक्षक ही भक्षक बन गया.
मंत्री विजेपाला ने संसद को बताया कि जांच में यह साफ हो चुका है कि इसी साल फरवरी में गिरफ्तार किए गए रिटायर्ड मेजर जनरल सुरेश साले ने आतंकियों की मदद की. इसके अलावा उसने खुद एक कैथोलिक चर्च को ढूंढ कर निकाला था जिसे निशाना बनाया गया था.