08/09/2026
रामणी-पुलिंडा मोटर मार्ग पर बार-बार सड़क पर आया 12 हाथियों का झुंड, कई वाहन छतिग्रस्त, राहगीरों में दहशत; वन विभाग ने तैनात की क्विक रिस्पांस फोर्स
कोटद्वार। उत्तराखंड के कोटद्वार में हाथियों का झुंड अब राहगीरों के लिए बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार-रामणी-पुलिंडा मोटर मार्ग पर रविवार को करीब 12 हाथियों का झुंड अचानक सड़क पर आ गया। हाथियों की मौजूदगी से सड़क पर यातायात थम गया, वहीं झुंड ने एक टीवीएस मोटरसाइकिल को क्षतिग्रस्त कर दिया।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद हाथियों को सड़क से हटाकर जंगल की ओर खदेड़ा। करीब दोपहर 12:50 बजे यातायात सुचारू कराया गया, लेकिन खतरा टला नहीं। शाम करीब चार बजे हाथियों का झुंड एक बार फिर सड़क पर आ धमका। इस दौरान एक बुलेट मोटरसाइकिल और एक स्कूटी भी हाथियों की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई। कुछ समय तक मार्ग पर यातायात बाधित रहा। वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर हाथियों को दोबारा जंगल की ओर भेजा और करीब 4:30 बजे यातायात बहाल कराया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ गौरव वर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने, गश्त बढ़ाने और हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
वन विभाग के मुताबिक रात की गश्त के दौरान भी हाथियों से क्षतिग्रस्त वाहन और रास्ते में फंसे कुछ राहगीर मिले। वनकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित कोटद्वार पहुंचाया। वहीं 7 सितंबर की सुबह गश्त के दौरान भी हाथियों से क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल और कुछ राहगीर मार्ग पर मिले, जिन्हें वन विभाग की टीम ने सुरक्षित कोटद्वार पहुंचाया।
'यह हाथियों का कॉरिडोर है'
पूरे मामले पर लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ गौरव वर्मा ने कहा कि रामणी-पुलिंडा रोड हाथियों के कॉरिडोर क्षेत्र से होकर गुजरती है और इस मार्ग पर हाथियों की आवाजाही काफी अधिक है। हाथियों का मूवमेंट अपहिल से डाउनहिल की तरफ रहता है। रविवार को हाथियों ने एक स्कूटी और दो बाइक को क्षतिग्रस्त किया।
डीएफओ ने राहगीरों से सड़क किनारे लगे चेतावनी बोर्ड को ध्यान से पढ़ने और वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मार्ग के शुरुआती हिस्से में बैरियर पर भी वन विभाग की ओर से जरूरी दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। ऐसे में वाहन चालकों को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।
सुरक्षा के लिए क्विक रिस्पांस फोर्स तैनात
डीएफओ के मुताबिक राहगीरों की सुरक्षा को देखते हुए इस मार्ग पर क्विक रिस्पांस फोर्स तैनात की गई है और वन विभाग 24 घंटे हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। राहगीरों से अपील की गई है कि वन क्षेत्र के भीतर वाहन रोककर खड़े न हों और जंगल में कहीं भी कूड़ा न फेंकें।
वन विभाग संवेदनशील स्थानों पर साइनिंग बोर्ड और जागरूकता पोस्टर भी लगा रहा है। विभाग की ओर से सड़क पर अनावश्यक रूप से रुकने वाले लोगों को जागरूक किया जाएगा।
डीएफओ गौरव वर्मा ने स्पष्ट किया कि रामणी-पुलिंडा मार्ग रिजर्व फॉरेस्ट के भीतर से गुजरता है। यदि कोई व्यक्ति जंगल के भीतर सड़क किनारे अनावश्यक रूप से खड़ा मिलता है या कूड़ा फेंकता है तो उसके खिलाफ वन अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
लगातार सड़क पर हाथियों के पहुंचने और वाहनों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के बाद इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि हाथियों को देखकर सुरक्षित दूरी बनाए रखें, हॉर्न या तेज आवाज न करें, हाथियों के बेहद करीब न जाएं और उनका रास्ता रोकने की कोशिश न करें।