08/11/2019
उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत की तहसील कलीनगर क्षेत्र के गांव शिवनगर में चल रही रामलीला के 7वें दिन मथुरा से आए कलाकारों द्वारा मंच पर शबरी, नवधा भक्ति, सुग्रीव मित्रता, बाली वध का मंंचन किया। रामलीला में सीता हरण के पश्चात भगवान राम सीता को खोजते हुए शबरी के आश्रम में पहुंचे। वहां भगवान राम ने शबरी को नवधा भक्ति बताते हुए, सीता की सुध पूछी, शबरी ने बताया कि आगे शिष्यमुख पर्वत पर कपियों के नायक सुग्रीव महाराज रहते हैं। वहीं सीता की सुध ही बता सकते हैं। भगवान राम-लक्ष्मण शबरी का उद्धार कर आगे बढ़े। राम को आते देखकर सुग्रीव को खुशी हुई। सुग्रीव अपने बड़े भाई बाली से बहुत डर रहा था। इस अवसर पर राम और हनुमान का परिचय हुआ। हनुमानजी श्रीराम और लक्ष्मण को अपने पीठ पर बैठाकर सुग्रीव के पास ले गए। राम और सुग्रीव की मित्रता हुई। तब राम ने सुग्रीव को दुखी देखकर उनसे पूछा कि आप क्यों दुखी हैं। सुग्रीव ने सारी कथा बताई। इस पर राम ने बालि का वध किया। बाली के वध के बाद सुग्रीव को प्रजा ने राजा बना दिया। रामलीला के दौरान लंका दहन का कार्यक्रम भी किया गया।
रामलीला का आयोजन धूमधाम से हुआ। इसमें कलाकारों द्वारा राम, लक्ष्मण, सीता, रावण बनकर आए और रामायण को अपने नाटक में सजाया। कलाकारों ने भगवन राम की कहानी सुनाई और बताया किस प्रकार बुराई पर अच्छाई की जीत हुई।
शिवनगर गांव में रामलीला के दौरान सारे किरदार संवाद अदायगी से दर्शकों को लुभाते रहे।
राम जी संकट में है, लक्ष्मण को राम की सहायता में भेजना, सीता काे पंचवटी में अकेली पाकर रावण द्वारा हरण कर उन्हें लंका में अशोक वाटिका में ले जाने का मंचन किया। उधर, रामताल तत्वावधान में ठाकुर द्वारा मंदिर के पास स्थानीय कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन किया जा रहा है।
हनुमान माता सीता की खोज में निकल पड़ते हैं और वह समुन्द्र पार कर लंका पहुंच जाते हैं और वहाँ पर उनकी भेंट विभीषण से होती है और वह उन्हे अशोक वाटिका में माता सीता है उन्हें बताते हैं तभी हनुमान जी माता सीता से मिलने के लिए अशोक वाटिका में जाते हैं माता सीता से मिलकर अशोक वाटिका ने लगे फलो को खाते हैं और थोड़ा उत्पात मचाते हैं उसके बाद रावण के एक से एक योद्धा हार जाते हैं तभी मेघनाथ आकर उन्हें ब्रह्म शक्ति से बांधकर रावण के दरबार में ले जाता है तभी वहां पर मौजूद कुछ मंत्रियों ने हनुमान की पूंछ में आग लगाने को कहा तभी रावण ने आदेश दिया कि हनुमान की पूंछ में आग लगा दी जाए हनुमान ने इस तरह पूछ बढ़ाई की पूरी लंका के वस्त्र उनकी पूंछ में लिपट गया उसके बाद मिट्टी का तेल सेट करो कि पूछ में आग लगा दी है उन्होंने अपनी पूंछ से पूरी लंका का दहन कर दीया लंका दहन को देखकर सभी श्रोता झूम उठे और भगवान श्रीराम के जयकारों से पंडाल गूंज उठा
और मेले में दंगल का भी आयोजन किया गया जिसमें हरियाणा चंडीगढ़ पंजाब से आए पहलवानों ने दमखम दिखाया
श्री राम मेला कमेटी अध्यक्ष व कमेटी के पदाधिकारी
एवं समस्त क्षेत्र बासी भारी संख्या में मौजूद रहे
रिपोर्ट - सुशील जायसवाल