30/10/2025
तेजस्वी जी मोकामा पहुंचते ही कलम बांटे थे, कलम बांटते हुए अपने बस के छत पर दहाड़ते हुए कहा था —
“ मोकामा की धरती को AK 47 नहीं कलम से बदला जाएगा ”
इसपर नीतीश कुमार के दुलरूआ गुंडा अनंत सिंह ने तेजस्वी यादव को कई अपशब्द कहा!
नीतीश कुमार के मुख्य प्रवक्ता नीरज सिंह ने कसम खाया कि AK 47 और कई लोगों के हत्या के आरोपी अनंत सिंह को नीतीश कुमार अगर टिकट देते हैं तो मैं प्रचार में नहीं जाऊंगा, फ़िर भी नीतीश कुमार में मोकामा में कलम के जगह AK 47 वाले जोकर अपराधी को टिकट दिया।
आज नीतीश जी के कुर्मी प्रेम का दंश समाज ने चुकाया है।
धानुक समाज से उभरते हुए नौजवान नेता पियूष प्रियदर्शी के काफिले पर गोलियां चलाई गई, उन्हें जान से मार दिया जाता अगर बीच में दुलारचंद यादव न आते।
दुलारचंद यादव को नीतीश कुमार के कुशासन ने गोलियों से भून दिया क्योंकि वो दुलारचंद यादव जाति से उपर उठकर एक नौजवान धानुक को नेता बना रहे थे..!!
दुलारचंद यादव के हत्या पर बिलखते पियूष प्रियदर्शी को देखिए और फिर नीतीश कुमार के सुशासन को याद कीजिए जिसे अनंत सिंह ने अपने अंग विशेष का सरकार बताया है।
यही है जंगलराज..!!!
यही थे तब भी यही हैं अब भी, बस तबके जंगलराज बताने वाले आज के जंगलराज को अपना राज बना लिए हैं।
नीतीश कुमार के कुशासन ने जातीय उन्माद फैलाकर नौकरी/कमाई/पढ़ाई/लिखाई वाले चुनाव को जातीय लड़ाई बनाने का पासा फेंक दिया है..!!
ज़वाब हम अब भी कलम से ही देंगे.!!!
बस वक्त आने दो..!!