07/10/2026
रामगढ़ की कविता महतो आज हिम्मत और संघर्ष की मिसाल बनकर सामने आई हैं।
पति के निधन के बाद दो छोटे बच्चों और बुजुर्ग ससुर की जिम्मेदारी कविता ने अकेले संभाली।
मुश्किल हालात के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। तपती धूप में साड़ी पहनकर दौड़ की तैयारी की और अपनी मेहनत से सबको हैरान कर दिया।
बताया गया है कि 10 मिनट की दौड़ को कविता ने महज 6 मिनट में पूरा कर अपनी काबिलियत साबित की। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए वह रोज सुबह 4 बजे उठकर मेहनत करती हैं।
कविता महतो की कहानी बताती है कि हालात चाहे कितने भी मुश्किल हों, हौसला मजबूत हो तो रास्ता जरूर निकलता है। ❤️
आप भी कविता महतो के जज्बे को सलाम करते हैं तो कमेंट में ❤️ जरूर लिखें।