17/02/2026
छत्तीसगढ़ के ये बाबा 28 सालों से कर रहें हैं तपस्या
बचपन में भगवान शिव को अर्पित कर दी अपनी जीभ
13 साल का एक लड़का… स्कूल के लिए घर से निकला और लौटकर कभी नहीं आया।
कोसमनारा की मिट्टी में बैठा वही हलधर आज 28 सालों से तप में लीन सत्यनारायण बाबा हैं।
दिन–रात, ठंड–बरसात, जंगल–जानवर… बस मौन, शिव और साधना।
कहते हैं 16 फरवरी 1998 से उन्होंने आंखें बस दिन में एक बार खोली हैं।
एक पत्थर को शिव मानकर जीभ अर्पित करने से शुरू हुई कहानी अब आस्था, हठयोग और मानसिक शक्ति की मिसाल बन चुकी है।
पर सवाल अभी भी ज़िंदा है—
यह चमत्कार है?
अत्यंत तपस्या?
या इंसानी मन की ऐसी दृढ़ता जिसे हम समझ नहीं पाए?
कोसमनारा में जलती वो ज्योति सिर्फ तेल से नहीं, विश्वास से जलती है। 🔥
और कहीं न कहीं, एक मां आज भी मंदिर में बेटे की वापसी की प्रार्थना कर रही है।