30/05/2026
वतन की लाज रखने को, जो मौत से भी टकराए थे,
दुश्मन भी काँप उठे जिससे, वो ऐसे वीर कहलाए थे।
इतिहास के पन्नों में चमकेगा, सोने की तरह सदा नाम कमलराम आपका,
वीर गुर्जर ने छाती पर, शौर्य के पदक सजाए थे।🙏
खास खबर संचार :विश्राम सिंह नेकाड़ी
जब किंग जॉर्ज छठवें (King George VI) इटली के दौरे पर आए, तो उन्होंने खुद रणक्षेत्र में जाकर जुलाई 1944 में कमलराम जी को 'विक्टोरिया क्रॉस' से अलंकृत किया। वे विक्टोरिया क्रॉस पाने वाले सबसे युवा भारतीय सैनिकों में से एक थे।
कैप्टन कमलराम गुर्जर भारतीय सैन्य इतिहास के उन चमकते सितारों में से एक हैं, जिन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अपने अदम्य साहस और वीरता से दुनिया को चौंका दिया था। उन्हें ब्रिटेन के सर्वोच्च सैन्य सम्मान 'विक्टोरिया क्रॉस' (Victoria Cross - VC) से सम्मानित किया गया था।
कैप्टन कमलराम गुर्जर का जीवन हमें सिखाता है कि उम्र या संसाधन कभी आपकी वीरता के आड़े नहीं आते। आज भी विदेश के साथ साथ (हाल ही इटली में स्मारक बना है )भारतीय सेना और विशेषकर राजस्थान की वीर भूमि पर उनका नाम बड़े ही गर्व और सम्मान के साथ लिया जाता है। हमें प्रशासन व रक्षा मंत्रालय से निवेदन है कि उनकी उनके पैतृक क्षेत्र और देश के कई हिस्सों में उनकी प्रतिमाएं स्थापित होनी चाहिए जिससे आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा मिलती रहे
कमलराम vc अमर रहें 🙏
खास खबर संचार विश्राम सिंह नैकाडी