08/07/2014
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिशद जिला खेल अधिकारी प्रतिमा सागर के भ्रश्टाचार के खिलाफ हेतु
मुख्यमंत्री कों ज्ञापन ।
प्रति,
माननीय डॉ. रमन सिंह छत्तीसगढ़ षासन, रायपुर द्वारा:- कलेक्टर कांकेर जिला उ.ब. कांकेर छ.ग.।
विषय:- जिला खेल अधिकारी प्रतिमा सागर के भ्रश्टाचार के खिलाफ हेतु
महोदय, संगठन के रूप में निरंतन राश्टंहित एवं छात्रहित में काम कर रहा है ।
विगत 9 वर्शों से कांकेर में पदस्थ हैं इनके कार्य के प्रति लापरवाही एवं भ्रश्टाचार के चलते जिले के खिलाड़ियों एवं प्रषिक्षकों में गहरा असंतोश एवं रोष है। जिसके कारण जिले में खेल गतिविधियां थम सील गई हैं। प्रोत्साहन के कारण खिलाड़ी खेलों से पलायन कर रहे हैं, प्रतिमा सागर के भ्रश्टाचार के संबंध में खेल प्रषिक्षकों द्वारा पहले भी प्रषासन को षिकायत किया गया था जिस पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है ।
1- सिंगारभाट में करोड़ों की लागत से बना स्टेडियम एवं स्वीमिंगपुल रख रखाव के कमी के कारण जर्जर हो गया है ।
2- खेल अधिकारी को जमीनी स्तर पर खेल कौन करा रहे है इसी जानकारी नहीं है।
3- खिलाड़ियों के डाइट मनी एवं प्रोत्साहन पुरस्कार की जानकारी उचित समय पर नहीं देती जिससे प्रतिभावान खिलाड़ी पुरस्कार पाने से वंच्छित हो जाते है ।
4- 01 वर्श में लाखों का बचत आता है जिसमें से अधिकत्तर आयोजन फर्जी बिलों एवं कागजों पर कर दी जाती है । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिशद 9 जुलाई 1994 से एक छात्र ज्ञात हो कि खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी सुश्री प्रतिमा सागर
5- जिला केन्द्र में इन्डोर स्टेडियम जो लाखों की लागत से बनी स्टेडियम चार सालों से बन के तैयार है जो बंद पड़ा है ।
6- खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा खेल संघों को केाई सुविधा नहीं मिल पा रही है ।
7- खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए जो नगद पुरस्कार दिया गया है उसमें खिलाड़ी के हस्ताक्षर नहीं है । जिसमें हस्ताक्षर है उसमें राषि नहीं दी गई ।
8- जिला खेल अधिकारी द्वारा किये गये स्पोटिस सामग्री के बिल पर अवलोकन से पता लगता है कि इसमंे बड़ी गफलत हुई है । हिंद एजेंसी कांकेर से स्पोर्ट्स से बिल
क्रं. 2063, 08/11/12 को कटा है वहीं इसके बाद के सीरियल
नं. 06/11/2012 को कटा है इसी तरह दषरथ
हलवाई टेंट डोकोरेषन हाउस के बिल में भी 486 नंबर
का बिल 06 नवम्बर 2012 को कटा है जबकि उसके बाद का सीरिलय नं.
490 का बिल इसके पहले 04 नवंबर को दिया गया है ।
9- विभाग द्वारा सभी आयोजन केवल कागज में होते मैदान पर केाई खेल नहीं हो रहा है ।
10- पाइका खेल के अन्तर्गत जितने भी खेल कूद हुए हैं उनमें भारी भ्रश्टाचार हुए हैं ग्रीश्मकालीन खेल प्रषिक्षण षिविर में भारी भ्रश्टाचार एवं अनियमितता हुआ है। जिसकी जानकारी निम्नानुसार है ।
11- अन्य खेल आयोजन के नाम से अनावष्यक खेल सामग्री तय की जाती
है और फर्जी बिल प्रस्तुत कर दिया जाता है ।
01. क्वालिटी स्पोर्ट भिलाई से बिल क्रं. 882 दिनांक
06/08/2013 एवं क्रं. 883 दिनांक 08/08/2013,
909063 एवं सार्टस की खरीदी की गई लेकिन इस सामान का वितरण
खिलाड़ियों को नहीं किया गया ।
02. 20 नग टेंक षूट प्रषिक्षकों के लिए 600 की दर से खरीदी गई
जिसमे सिर्फ 11 टेंकषूट का वितरण किया गया। 09 टेंक षूट किसे
दिया गया उसकी जानकारी नहीं दिया गया।
03. आयोजन के लिए 15 हॉकी स्टीक खरीदी गई जबकि पावती में 40
नग हॉकी प्रषिक्षक को प्रदान किया दर्षाया गया ।
04. जिला मुख्यालय को छोड़कर हैण्डबाल का प्रषिक्षण कन्हारपुरी
बारडोंगरी में लगाया गया। 25 खिलाड़ियों को क्या खेल
सामग्री दी गई इसकी जानकारी नहीं दी गई ।
05. क्रिकेट के खिलाड़ियों को भी कोई खेल सामग्री नहीं दी
गई ।
06. पृश्ट 40 से 62 तक 22 खिलाड़ियों के पंजीयन फार्म में किस खेल
का प्रषिक्षण लिया इसकी जानकारी नहीं है ।
07. पृश्ट 86 से 105 तक के पंजीयन फार्म में एक साथ दो खेलों को
नाम लिखा है। एक खिलाड़ी एक समय में दो खेलों का प्रषिक्षण
कैसे ले सकता है ।
08. कई पंजीयन फार्म से खिलाड़ियों का फोटो, हस्ताक्षर नहीं है
कई फार्म में एक ही व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षर किया गया है ।
09. हॉकी खेल में हरिष पटेल, कुमेन्द्र साहू, चोला राम कोर्राम,
दिनेयष साहू, तन्मय माणिकपुरी, मिहिा माणिकपुरी का पंजीयन फार्म
जमा हुआ हैं। लेकिन लिस्ट में कहीं नाम नहीं है ।
10. सलमान खान एवं पीयूश साहू का हस्ताक्षर अलग-अलग हैं ।
11. ग्रीश्मकालिन खेल प्रषिक्षण षिविर का आयोजन 25/05/2013 से
14/06/2013 तक किया गया था जबकि समस्त खर्च एवं खरीदी
25/07/2013 से 07/08/2013 तक की गई है। आयोजन एवं
व्यय में 2 माह का अंतर हैं ।
12. प्रषिक्षण षिविर के नाम पर कई अनावष्यक खेल सामग्री क्रय की गई या
फर्जी बिल प्रस्तुत कर भ्रश्टाचार की गई है।
12- अन्य अनियमितताएं
13. खेल सामग्री खरीदी के लिए कोई टेंडर नहीं मंगाया गया तथा
थोकभाव से ज्यादा कीमत पर खेल सामग्री क्रयस की गई है ।
14. सभी बिल का भुगतान आयोजन के 2 माह बाद किया गया हैं एवं
सभी बिलों में पैडबाई मी कियास गया है जबकि आबंटन आयोजन
के पहले आ जाता है ।
15. क्वालिटी स्पोर्टस भिलाई का बिल क्रं. 882 दिनांक
06/08/2013 बिल क्रं. 833 दिनांक 08/08/2013 बिल क्रं.
886 दिनांक 07/08/2013 में भिन्नता है ।
16. लाखों रूपये की लागत से बना जीम एक भी दिन नहीं खुला सभी
उपकरण निम्न स्तर के है जो बेकार पड़ा है ।
17. खेल सामग्रीयों की क्रय करने के पष्चात विक्रय कर प्रस्तुत नहीं किया
जाता समस्त राषि का आहरण स्वयं क्रीड़ा अधिकारी द्वारा कर दिया जाता
है ।
इसी प्रकार खेल एवं युवाकल्याण विभाग के हर आयोजन मंें खेल
अधिकारी प्रतिमा सागर फर्जी बिलों एवं कागजों के सहारे भ्रश्टाचार को
अंजाम दे रही है। अतः जिला खेल अधिकारी को तत्काल निलंबित कर उनके
उपर ठोस कार्यवाही किया जाए तथा जिला खेल अधिकारी द्वारा किए गए
आयोजनों, खरीदी की जांच कर कठोर कार्यवाही करें ताकि प्रतिभावान
खिलाड़ियों के भविश्य में भ्रश्टाचार आड़े ना आये ।
13- एतिहासिक खेल मैदान नरहरदेव एवं मिनीस्टेडियम प्रकाष व्यवस्था एवं बाउण्डंीवाल कर जीर्णोधार किया जावे ।
14- नरहरदेव मैदान के खेल का बैडमिंटन हॉल एवं जिम सभी खिलाड़ियों को तत्काल खोला जाएं ।
15- सिंगारभाट में बना स्टेडियम एवं स्वीमिंग पुल पंचायत या एनजीओ को रखरखाव सौप कर खिलाड़ियों के उपयोग लायक बनाया जाए ।
16- जिले के मैदान खिलाड़ियों को प्रोत्साहन एवं खेल सामग्री प्रदान किया जाए।
17- निश्क्रीय जिला ओलंपिक संघ को तत्काल भंगकर कर पुर्नगठन किया जाऐ ।
18- षासकीय एवं निजी विद्यालयों पदस्थ खेल प्रषिक्षकों को केवल खेल पतिविधियों में संलग्न रखा जाए ।
19- जिले के निश्क्रीय खेल संघों को मान्यता एवं पंजीयन रद्द कर नए ऊर्जावार एवं खेल में समर्पित लोगों को मौका दे । साथ ही साथ विद्यार्थी परिशद यह निम्न लिखित मांग करती है
20- प्रषासन हर छः माह में खेल गतिविधियों की जानकारी एवं खेल संघों प्रषिक्षकों की बैठक ले ।
21- 9 वर्शीय बालिका ख्वा नागवानी पिता महेष नागवानी को 10 कि.मी. मैराथन पूरा करने पर भी प्रषक्ति पत्र नहीं दिया गया ।
22- राज्य एवं राश्टंीय स्तर पर पदक प्राप्त करने वाले सभी खिलाड़ियों का जिला प्रषासन राश्टंीय पर्व स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस पर सम्मान करें ।
23- एक व्यक्ति को एक से अधिक खेल संघों का संचालन तत्काल रद्द किया जाए।
24- ग्रामीण खिलाड़ियों को पंचायत के माध्यम से आवष्यक खेल सामग्री एवं प्रोत्साहन दिया जाए ।
25- खेल मैदान का उपयोग राश्टंीय पर्व को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार का सामाजिक, राजनीतिक, मेला एवं षादी का आयोजन प्रतिबंधित किया जाए ।
26- नरहरदेव मैदान में षाम एवं रात्रि को नियमित एक पुलिस ड्यूटी में रहे जिससे खेल मैदान में नषा खोरी कर गाली गलौच करने वाले एवं जूआ खेलने वाले असमाजिक तत्वों पर लगाम कसा जा सके।
27- जो ग्रामीण क्षेत्र से मैदान में पहुंचने वाले खिलाड़ियों को परिवहन के लिए पास दिया जाये । अन्यथा अभाविप राश्टंहित तथा छात्रहित में उग्र आन्दोलन करेंगी ।