10/05/2026
छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र से निकली एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी ने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित कर दिया है। रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव के निवासी अजय गुप्ता, जो एक साधारण तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार से आते हैं, ने भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होकर यह साबित कर दिया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर संघर्ष से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
अजय गुप्ता ने कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई करते हुए अखिल भारतीय स्तर पर 91वीं रैंक हासिल की। बचपन में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रह कर परिवार की मदद करने वाले अजय अब उन्हीं जंगलों के संरक्षण की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्होंने 10वीं में 92.66 प्रतिशत और 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। आगे चलकर उनका चयन राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में हुआ, जहां उन्हें तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति भी मिली।
अजय बताते हैं कि पहले उनके सपने सीमित थे, लेकिन एनआईटी में प्रवेश के बाद उनका दृष्टिकोण बदला और उन्होंने बड़े लक्ष्य तय किए। जंगल से उनका जुड़ाव बचपन से रहा है, जिसने उन्हें जीवन की दिशा और प्रेरणा दी।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
अजय का बचपन अभावों में बीता, जहां उनके माता-पिता ने सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षा को प्राथमिकता दी। छुट्टियों में अजय जंगल जाकर परिवार के साथ वनोपज संग्रहण में सहयोग करते थे। इन्हीं कठिन परिस्थितियों ने उन्हें मजबूत बनाया और सफलता की ओर अग्रसर किया।