12/08/2026
कोयला धुस के नीचे छुपा के लाया जा रहा 620 .5 लीटर शराब जप्त किया गया
रजौली
थाना क्षेत्र के करिगांव टोल प्लाजा के समीप पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक ट्रक से लगभग 620.5 लीटर विदेशी शराब के साथ एक ट्रक को भी जप्त किया ।जप्त शराब का बाजार मूल्य लगभग 10 लाख रुपए से अधिक आंका जा रहा है। इस मामले में ट्रक चालक और खलासी को भी गिरफ्तार किया गया ।इस संबंध में थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि कोयला के डस्ट के नीचे शराब की एक बड़ी खेप बिहार लाई जा रही है । जस पर रात्रि गस्ती में तैनात रहे थाने के एसआई वीरेंद्र पासवान को पुलिस बल के साथ करिगांव टोल प्लाजा के पास वाहन चेकिंग अभियान में भेजा गया ।वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने ट्रक संख्या बीआर 01 जीपी 1273 को रोक कर जब ट्रक का गहनता से जांच पड़ताल किया गया तो पुलिस को कोयले के डस्ट के नीचे और ट्रक के केबिन के पीछे बने एक विशेष तहखाने में भारी मात्रा में विदेशी शराब मिली शराब को प्लास्टिक के कार्टून में पैक कर कोयले के बीच छुपाया गया था ।पुलिस ने इस मामले में नालंदा जिले के दो तस्करों को गिरफ्तार किया ।गिरफ्तार चालक की पहचान नालंदा जिला के रहुई थाना क्षेत्र के जगतनंदनपुर गांव निवासी पप्पू यादव का पुत्र कुंदन कुमार के रूप में हुई जबकि खलासी नवादा जिला के अकौना गांव निवासी रौशन कुमार है दोनों से पूछताछ में बताया कि शराब की खेप पश्चिम बंगाल के आसनसोल से बिहार ले जा रहा था थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार तस्करों के बयानों के आधार पर नालंदा जिले के शराब माफियाओं की इस तस्करी में संलिप्ता सामने आई है ।जप्त शराब और कोयला लदे ट्रक को जप्त कर थाना परिषर में रखा गया है और आगे की जांच जारी है। वहीं थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार दोनों तस्कर के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेजते हुए आगे की प्रक्रिया शुरू की गई है ।पुलिस ने पूरे शराब तस्करों की नेटवर्क की जांच में जुटी है आखिर शराब की खेप बिहार के किस जिले में पहुंचाने थे और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। वहीं लोगों का कहना है कि जब समेकित जांच चौकी पर स्कैनर व लोहे के सरिया (छड़)मार कर गिट्टी व कोयला लदे वाहनों को गज मार कर जांच किया जाता है तो आखिर यह शराब का खेप जांच चौकी से कैसे पार कर गया यह भी एक सवाल खड़ा करता है आखिर में कहीं समेकित जांच चौकी के उत्पाद विभाग का मिली भगत तो नहीं है।