13/08/2026
खनिज विधेयक को लेकर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, बिनय सिन्हा दीपू बोले—“झारखंड के हक पर दिल्ली का फैसला मंजूर नहीं”
रांची, 13 अगस्त 2026। झारखंड के खनिज और राजस्व अधिकारों को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव बिनय सिन्हा दीपू ने संसद से पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को झारखंड के हितों पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि राज्य के खनिज और जमीन से जुड़े अधिकारों का फैसला दिल्ली में बैठकर नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि झारखंड लंबे समय से अपने खनिज संसाधनों के उचित राजस्व और बकाया राशि का हकदार है। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा नए कानून के जरिए राज्यों के अधिकारों को सीमित करने की कोशिश को कांग्रेस किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।
₹1.36 लाख करोड़ के बकाये का उठाया मुद्दा
बिनय सिन्हा दीपू ने दावा किया कि झारखंड का विभिन्न केंद्रीय उपक्रमों और कोल इंडिया के पास करीब ₹1.36 लाख करोड़ का भूमि मुआवजा, कॉमन कॉज और रॉयल्टी से संबंधित बकाया लंबित है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य अपने पुराने बकाये की मांग कर रहा है, तब उसे भुगतान करने के बजाय कानून में बदलाव कर राज्यों के राजस्व अधिकारों को ही कमजोर करने की कोशिश क्यों की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह केवल खनिज नीति का मामला नहीं है, बल्कि झारखंड के आर्थिक और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर सवाल है।
“खनिज राजस्व से चलती हैं जनकल्याणकारी योजनाएं”
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि खनिज और उससे मिलने वाले राजस्व का सीधा असर राज्य के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनिज राजस्व और सेस से मिलने वाले संसाधनों का इस्तेमाल मंईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास, छात्रवृत्ति और ग्रामीण विकास जैसे कार्यों में किया जाता है।
उनका कहना है कि यदि राज्यों के राजस्व अधिकारों को कमजोर किया गया तो इसका असर सीधे आम जनता और राज्य की कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ेगा।
रघुवर सरकार का भी किया जिक्र
बिनय सिन्हा दीपू ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में भी जल, जंगल, जमीन और खनिज से जुड़े झारखंड के अधिकारों को कमजोर करने की दिशा में कदम उठाए गए थे। उनके मुताबिक, अब केंद्र की भाजपा सरकार उसी नीति को राष्ट्रीय स्तर पर कानून का रूप देने की कोशिश कर रही है।
“हेमंत सोरेन के साथ खड़ी है कांग्रेस”
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य के अधिकारों की लड़ाई में पूरी मजबूती से साथ खड़ी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने संशोधन विधेयक वापस नहीं लिया तो कांग्रेस राज्यभर में आंदोलन तेज करेगी।
बिनय सिन्हा दीपू ने कहा कि यह लड़ाई केवल कांग्रेस की नहीं, बल्कि झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज पर अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो पंचायत स्तर से लेकर राजधानी रांची तक व्यापक आंदोलन किया जाएगा और झारखंड की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य के संसाधनों और राजस्व अधिकारों से जुड़े किसी भी फैसले में झारखंड की जनता के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।