27/08/2026
*कुछ राखियाँ कलाई का इंतज़ार नहीं करतीं, किसी अपने का इंतज़ार करती हैं*
* रिश्ता नहीं, बंधन अनमोल है || इस बार राखी किसी कलाई की नहीं, किसी अपने की तलाश में है
*बुंदेलखंड, अगस्त 2026:* रक्षाबंधन के आगमन से पहले ही घरों में तैयारियाँ शुरू हो जाती हैं। कहीं बहन भाई की कलाई के लिए राखी चुन रही होती है, तो कहीं भाई अपनी बहन के लिए तोहफा लेकर घर पहुँचने की जल्दी में होता है। बाजारों में रौनक होती है, घरों में मिठास होती है और दूर रह रहे अपनों के लौटने की खुशी होती है। लेकिन, हर किसी के जीवन में भाई या बहन का रिश्ता जन्म से मौजूद हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ लोगों के लिए यह त्यौहार उन रिश्तों की कमी भी महसूस कराता है, जो कभी उनके हिस्से में आए ही नहीं। इसी अनकहे खालीपन को अपने कैम्पेन के माध्यम से एक खूबसूरत रिश्ते की शुरुआत में बदलने की कोशिश की है जाने-माने चैलन बुंदेलखंड 24x7 ने, जिसकी थीम इस एहसास को एक पंक्ति में समेटती है:
“कुछ राखियाँ कलाई का इंतज़ार नहीं करतीं, किसी अपने का इंतज़ार करती हैं।”
यह अभियान रक्षाबंधन की परंपरागत परिभाषा से आगे बढ़कर एक सरल लेकिन गहरे सवाल को सामने रखता है कि क्या भाई या बहन का रिश्ता सिर्फ जन्म से मिलता है?
हर व्यक्ति के जीवन में कुछ ऐसे लोग होते हैं, जिनसे उसका कोई पारिवारिक रिश्ता नहीं होता, लेकिन उनका साथ, चिंता और अपनापन किसी सगे रिश्ते से कम नहीं होता। कभी कोई दोस्त भाई जैसा बन जाता है, कभी कोई सहकर्मी बहन जैसा, तो कभी जिंदगी में मिला कोई व्यक्ति बिना किसी औपचारिक रिश्ते के ही परिवार का हिस्सा बन जाता है।
बुंदेलखंड 24x7 के चैनल डायरेक्टर, आसिफ पटेल ने कहा, "बुंदेलखंड की पहचान सिर्फ इसकी मिट्टी और संस्कृति से नहीं, बल्कि यहाँ के लोगों के अपनत्व से भी है। हमारा यह अभियान उसी भावना को सलाम करता है, जहाँ रिश्ते नाम से नहीं, निभाने से बड़े होते हैं।"
बुंदेलखंड की आवाज और यहाँ की खबरों को लोगों तक पहुँचाने वाले इस डिजिटल मंच ने रक्षाबंधन के मौके पर एक ऐसी वीडियो कहानी तैयार की है, जो भाई-बहन के रिश्ते को सिर्फ जन्म से मिले रिश्ते तक सीमित नहीं रखती, बल्कि बताती है कि कभी-कभी जिंदगी खुद हमारे लिए कोई अपना चुन लेती है।
इस कहानी में बुंदेलखंड की अपनी परंपरा भुजरिया को भी जोड़ा गया है। भाई-बहन के स्नेह, लोकपरंपरा और अपनेपन से जुड़े इस पर्व के जरिए कैम्पेन ने रक्षाबंधन की भावना को बुंदेलखंड की मिट्टी से जोड़ने की कोशिश की है। संदेश स्पष्ट है, रिश्ता हमेशा जन्म से नहीं मिलता, कभी-कभी उसे दिल स्वीकार करता है।
बुंदेलखंड 24x7 का यह अभियान इसी भावना को रेखांकित करता है कि रिश्तों की खूबसूरती उनके नाम या परिभाषा में नहीं, बल्कि उस अपनापन में होती है जिसे दो लोग एक-दूसरे के लिए महसूस करते हैं। रक्षाबंधन एवं भुजरिया की हार्दिक शुभकामनाएँ।