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14/02/2026

फ्लोरेंस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस का 22वाँ लैंप लाइटिंग एवं कैपिंग समारोह गरिमामय माहौल में आयोजित

फ्लोरेंस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में 22वाँ लैंप लाइटिंग एवं कैपिंग समारोह सम्पन्नसंस्थापक हाजी एहसान अंसारी के सिद्धांतों...
14/02/2026

फ्लोरेंस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में 22वाँ लैंप लाइटिंग एवं कैपिंग समारोह सम्पन्न

संस्थापक हाजी एहसान अंसारी के सिद्धांतों पर आगे बढ़ रहा फ्लोरेंस संस्थान : मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की

नर्सिंग विद्यार्थियों ने लिया सेवा का संकल्प, टॉपर्स हुए सम्मानित

राँची : ईरबा स्थित फ्लोरेंस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में 22वाँ लैंप लाइटिंग एवं कैपिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में शिल्पी नेहा तिर्की (कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री, झारखंड सरकार), विशिष्ट अतिथि मंज़ूर अहमद अंसारी (एडवाइजर मेदांता हॉस्पिटल), रिजवान अंसारी (उप प्रमुख, ओरमांझी), कमिश्नर मुंडा (जिला परिषद), जीनत कौसर (सेक्रेटरी, हाजी अब्दुर रज्जाक एजुकेशनल सोसाइटी) सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया तथा नर्सिंग छात्रों को कैप पहनाकर नर्सिंग शपथ दिलाई गई। साथ ही कॉलेज के यूनिवर्सिटी टॉपर्स को सम्मानित किया गया। एम.एससी. नर्सिंग द्वितीय वर्ष में प्रथम टॉपर सिसिलिया हेम्ब्रोम, द्वितीय टॉपर सुशीला किस्कू, तृतीय टॉपर सुचित्रा टोप्पो रहीं। एम.एससी. नर्सिंग प्रथम वर्ष में प्रथम टॉपर देबद्रिता गांगुली एवं कल्पना कन्दुलना, द्वितीय टॉपर सबा अंसारी तथा तृतीय टॉपर वर्षा कुमारी रहीं। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दीं।

मुख्य अतिथि शिल्पी नेहा तिर्की (कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री, झारखंड सरकार) ने कहा कि फ्लोरेंस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के संस्थापक हाजी एहसान अंसारी के बताए सिद्धांतों पर यह संस्थान निरंतर प्रगति कर रहा है। विपरीत परिस्थितियों में भी संस्थान ने शिक्षा की गुणवत्ता और अनुशासन से कभी समझौता नहीं किया। यही कारण है कि झारखंड ही नहीं, अन्य राज्यों के छात्र भी यहाँ नामांकन लेने की इच्छा रखते हैं। सेवा का मार्ग आसान नहीं होता, यह संघर्ष और त्याग का मार्ग है। कई बार समय सीमा से आगे बढ़कर भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना पड़ता है। इस संस्थान में अनेक गरीब परिवारों के बच्चे नर्सिंग की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिनके माता-पिता ने कठिन परिस्थितियों में उन्हें यहाँ भेजा है। छात्रों को कड़ी मेहनत और लगन से अपने परिवार के सपनों को साकार करना चाहिए। राज्य सरकार संवेदनशील है और चिकित्सा क्षेत्र में आवश्यक हर संभव सहयोग देने का प्रयास करेगी।

विशिष्ट अतिथि मंज़ूर अहमद अंसारी (एडवाइजर मेदांता हॉस्पिटल) ने कहा कि देश की सभी नर्सों के प्रति उन्हें सम्मान और गर्व की भावना है तथा उन्होंने छात्रों से उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि नर्सें चिकित्सा पेशे की गुमनाम नायिका होती हैं, जो ज़रूरतमंदों की अटूट समर्पण और करुणा के साथ सेवा करती हैं। उनके अथक प्रयासों पर भले ही कम ध्यान जाता हो, लेकिन लोगों के जीवन पर उनका प्रभाव अत्यंत गहरा होता है।

जीनत कौसर (सेक्रेटरी, हाजी अब्दुर रज्जाक एजुकेशनल सोसाइटी) ने कहा कि एक नर्स के लिए मरीजों की भावनाओं और जरूरतों को समझना, उनके प्रति दयालु होना, नैतिक मूल्यों के प्रति ईमानदार रहना, स्पष्ट संवाद करना, तनावपूर्ण परिस्थितियों में संयम बनाए रखना, आपातकाल में त्वरित निर्णय लेना, टीम के साथ समन्वय से कार्य करना, समय का पालन करना, बारीकियों पर ध्यान देना तथा बदलती परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालना अत्यंत आवश्यक गुण हैं। ये गुण न केवल बेहतर सेवा प्रदान करने में सहायक होते हैं, बल्कि मरीजों के साथ विश्वास का संबंध स्थापित करने और सकारात्मक स्वास्थ्य वातावरण बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मौके पर निदेशक डॉ. शाहीन कौशर, डॉ. नाजनीन कौशर, अबू नसर बहाउद्दीन अंसारी, प्राचार्या विनिशा टी बांसरियार, उप-प्राचार्य बिक्रम मजुमदार, एडवाइजर शकील परवेज, मुशर्रफ हुसैन, ज्योति ग्लोरिया, शोएब अख्तर, बिनीता खलखो, मनीषा वर्मा, वर्षा कुमारी, रेशमा लकरा, सुनीता कुमारी, कीर्ति शर्मा, अल्मा गीध, नीमा वंदना, रश्मि सोरेंग, यस्मिन जहाँ, जेनिफर शालिनी, शालुता संगीता, पल्लाबी पांजा, अनामिका लाकर, केया महतो, बिंदिया कुमारी, सुमाना सरकार, वाशु राठौर, लीना लकड़ा, मो. कलाम अंसारी, सादिक अंसारी, हाजी मंसूर अंसारी, प्रियातोष रंजन, शशि कुमार, आंचल सिंह सहित कॉलेज के शिक्षकगण, कर्मचारीगण, अभिभावक एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

जनसेवा की मिसाल : ईरबा में कंबल पाकर खिले जरूरतमंदों के चेहरे, वंचित परिवारों तक पहुँचे कंबलराँची — कड़ाके की ठंड से राह...
07/02/2026

जनसेवा की मिसाल : ईरबा में कंबल पाकर खिले जरूरतमंदों के चेहरे, वंचित परिवारों तक पहुँचे कंबल

राँची — कड़ाके की ठंड से राहत दिलाने के उद्देश्य से ईरबा पंचायत में विधायक दल के उप नेता सह खिजरी विधायक राजेश कच्छप के सौजन्य से लगभग सौ जरूरतमंद गरीब, असहाय एवं बुजुर्ग लोगों के बीच कंबलों का वितरण किया गया था। इस पहल से बड़ी संख्या में जरूरतमंद लाभान्वित हुए। हालांकि, सीमित संख्या के कारण कुछ परिवार कंबल प्राप्त करने से वंचित रह गए, जिससे वे निराश थे। इसकी जानकारी मिलते ही ईरबा पंचायत अध्यक्ष मजेबुल अंसारी ने तत्परता दिखाते हुए अपने स्तर से नए कंबलों की व्यवस्था की। इसके पश्चात शुक्रवार की सुबह वे स्वयं जरूरतमंद परिवारों के बीच पहुँचे, लोगों को एकत्र कर विधायक दल के उप नेता सह खिजरी विधायक राजेश कच्छप के नाम से कंबलों का वितरण किया। इस मानवीय पहल से वंचित लोगों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई और उन्होंने पंचायत अध्यक्ष मज़ेबुल अंसारी के इस संवेदनशील प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की। स्थानीय लोगों ने कहा कि मजेबुल अंसारी पंचायत के प्रत्येक जनहितकारी कार्य में सक्रिय भूमिका निभाते हैं और जरूरत के समय हमेशा आगे बढ़कर सहयोग करते हैं। लोगों ने आशा व्यक्त की कि वे आगे भी इसी प्रकार जनसेवा के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाते रहेंगे। इस अवसर पर मज़ेबुल अंसारी ने बताया कि जैसे ही उन्हें जानकारी मिली कि कुछ जरूरतमंद परिवार कंबल से वंचित रह गए हैं, उन्होंने तत्काल व्यवस्था कर वितरण सुनिश्चित कराया। उन्होंने कहा कि वे पंचायतवासियों की सेवा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेंगे और जनहित से जुड़े कार्यों में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ योगदान देते रहेंगे।







ऑल झारखंड एकता मंच की बैठक — कार्यकर्ता सम्मेलन सह संगठन कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्नसंगठन को जमीनी स्तर पर मज़बूत करने ...
11/11/2025

ऑल झारखंड एकता मंच की बैठक — कार्यकर्ता सम्मेलन सह संगठन कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न

संगठन को जमीनी स्तर पर मज़बूत करने और सामाजिक एकता को प्रोत्साहित करने का लिया गया संकल्प

KANKE— ऑल झारखंड एकता मंच के प्रधान कार्यालय सोसो, उलातू (थाना–काँके, जिला–राँची) में मंगलवार सुबह 11:00 बजे से मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक एवं कार्यकर्ता सम्मेलन सह संगठन विस्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता ऑल झारखंड एकता मंच के अध्यक्ष अशफाक खान साहब ने की। बैठक का शुभारंभ ऑल झारखंड एकता मंच सेक्रेटरी सह पूर्व उप प्रमुख मुन्तजीर अहमद रजा ने पूर्व बैठक में लिए गए प्रस्तावों की सम्पुष्टि के साथ किया। तत्पश्चात मंच के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न सामयिक, सामाजिक एवं संगठनात्मक विषयों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया। बैठक में सर्वसम्मति से निम्नलिखित प्रस्ताव पारित किए गए—

1. पूर्व बैठक में पारित प्रस्तावों की औपचारिक पुष्टि की गई।

2. राज्यभर में मुस्लिम हितों की रक्षा तथा लोकतांत्रिक आंदोलन को मज़बूती प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और धार्मिक संस्थाओं को एक साझा मंच पर लाने का निर्णय लिया गया।

3. वक्फ संशोधन कानून के मद्देनज़र उत्पन्न परिस्थितियों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई तथा मिल्ली मुफ़ाद (सामुदायिक हित) की हिफ़ाज़त हेतु आवश्यक एवं ठोस कदम उठाने का संकल्प लिया गया।

4. एसआईआर मतदाता पुनर्निरीक्षण के संदर्भ में जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई और इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

5. संगठन के विस्तार एवं पुनर्गठन पर विचार करते हुए यह निर्णय लिया गया कि आगामी दिनों में प्रत्येक प्रखंड स्तर पर कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिससे संगठनात्मक ढाँचा और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बन सके।

6. अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई और उनके कार्यान्वयन हेतु संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया।

ऑल झारखंड एकता मंच सेक्रेटरी सह पूर्व उप प्रमुख मुन्तजीर अहमद रजा ने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय, सामाजिक एकता एवं भाईचारे को मज़बूत करने तथा झारखंड में समानता एवं न्याय की स्थापना के लिए मिलजुलकर कार्य करने का आह्वान किया। बैठक के दौरान संगठन के विस्तार क्रम में कई नए सदस्यों ने ऑल झारखंड एकता मंच की सदस्यता ग्रहण की। सदस्यता ग्रहण करने वालों में प्रमुख रूप से — शेख मजीद, शेख तौहीद, एजाज अंसारी, मजीद अंसारी, मंजूर अंसारी, बसीरुल हक, तौहीद आलम, हसीबुल हक, जाकीर हुसैन, मुबारक अंसारी, नाजीर खान, रेहान खान, जमाहीर अंसारी, अली इमाम अंसारी, इम्तियाज अंसारी, सलीम अंसारी, शमीम (कोकदोरो), सफीक अंसारी और पप्पू खान शामिल रहे।

कार्यक्रम के दौरान संगठन की संरचना को और मजबूत करने के उद्देश्य से जिला एवं प्रखंड पदाधिकारियों का चयन किया गया। नव-निर्वाचित पदाधिकारियों में — रांची जिलाध्यक्ष नईम अंसारी, रांची जिला महासचिव समीउल्लाह ख़ान, काँके प्रखंड अध्यक्ष ओवैस अंसारी, ओरमांझी प्रखंड अध्यक्ष मुबारक अंसारी, अनगड़ा प्रखंड अध्यक्ष मुमताज़ ख़ान एवं अनगड़ा प्रखंड सचिव अली इमाम अंसारी शामिल हैं। बैठक में मंच के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और विशिष्ट सदस्य भी उपस्थित रहे, जिनमें —ऑल झारखंड एकता मंच के अध्यक्ष अशफाक खान, सेक्रेटरी सह पूर्व उप प्रमुख मुन्तजीर अहमद रजा (ओरमांझी), उपाध्यक्ष हैदर अंसारी, कोषाध्यक्ष जाकिर अंसारी, पूर्व जिला परिषद सदस्य मोज़िबुल रहमान (काँके), अथर इमाम, अमन ग्रुप अध्यक्ष अंजुमन अताउल्लाह अंसारी, मोजीब अली, कमरुल हक, अब्दुल कुद्दूस अंसारी, रहीम अंसारी, जमील अंसारी, इफ्तिखार आदि लोग मौजूद रहें।

ारखंड_एकता_मंच
#कांके








धनबाद में मुस्लिम फ्रंट की महाबैठक, सरकार को 15 नवंबर तक का अल्टीमेटमएस अली बोले— अगर मुस्लिम मसले हल नहीं हुए तो 15 नवं...
02/11/2025

धनबाद में मुस्लिम फ्रंट की महाबैठक, सरकार को 15 नवंबर तक का अल्टीमेटम

एस अली बोले— अगर मुस्लिम मसले हल नहीं हुए तो 15 नवंबर के बाद उग्र आंदोलन होगा

धनबाद:- मुस्लिम समुदाय के संवैधानिक और शैक्षिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर धनबाद जिले के तोपचांची प्रखंड अंतर्गत भुईयां चितरो में धनबाद मुस्लिम फ्रंट की ओर से एक महाबैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित आमया एवं झारखंड छात्र संघ के अध्यक्ष एस. अली ने कहा कि संयुक्त बिहार में मुस्लिम समुदाय को जो अधिकार प्राप्त थे, उन्हें झारखंड में क्रमशः छीना जा रहा है। एस. अली ने कहा कि झारखंड सरकार के निर्देश पर झारखंड एकेडमिक काउंसिल वर्ष 2003 से 2023 तक की आलिम-फाजिल डिग्रियों की मान्यता समाप्त करने पर आमादा है। वहीं, रांची विश्वविद्यालय से आलिम-फाजिल की परीक्षा आयोजित कराने का मामला वर्ष 2017 से लंबित है। उन्होंने कहा कि सहायक आचार्य बहाली में आलिम डिग्री धारकों का रिजल्ट रोक दिया गया, और माध्यमिक आचार्य बहाली में फाजिल डिग्रीधारकों को शामिल ही नहीं किया गया। एस. अली ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग ने मनमानी करते हुए 543 उर्दू विद्यालयों का स्टेटस समाप्त कर उन्हें सामान्य विद्यालयों में परिवर्तित कर दिया। बिहार से प्राप्त 4401 उर्दू सहायक शिक्षक पदों में से 3712 पदों को सरेंडर कर दिया गया और शेष पदों का ग्रेड पे आधा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि झारखंड में अब तक 68 मॉब लिंचिंग की घटनाएँ हो चुकी हैं, लेकिन सदन से पारित भीड़ नियंत्रण एवं रोकथाम बिल अब तक लागू नहीं किया गया। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना में अल्पसंख्यक समाज के लिए बजट प्रावधान नहीं रखा जाता। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लाभाषी झारखंडी मुसलमानों का उत्पीड़न लगातार जारी है, भैंसवंशी पशुओं के वध की अनुमति नहीं दी जा रही, बुनकर व टेलरिंग समितियों को सरकारी कार्यों से वंचित रखा जा रहा है। एस. अली ने कहा कि सरकारी भूमि पर स्थापित पुराने मुस्लिम धार्मिक स्थलों को भूमि पट्टा नहीं दिया जा रहा तथा सरकारी और निजी नौकरियों में आबादी के अनुपात में मुस्लिम युवाओं को भागीदारी नहीं मिल रही। उन्होंने चेतावनी दी कि 15 नवम्बर 2025 को झारखंड राज्य के 26 वर्ष पूर्ण हो जाएंगे, लेकिन झारखंड अलग राज्य आंदोलन में शामिल झारखंडी मुसलमानों को आज तक संवैधानिक अधिकार नहीं मिला। उन्होंने मांग की कि हेमंत सोरेन सरकार 15 नवम्बर तक इन मुद्दों पर ठोस कार्रवाई करे, अन्यथा राज्यव्यापी उग्र आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा। महाबैठक की अध्यक्षता अजमूल अंसारी ने की तथा संचालन अजमत अंसारी ने किया।

बैठक को मो. कफीलुर्रहमान, मो. उसीउल्लाह, मो. खुर्शीद अंसारी, मौलाना अमजद, मौलाना खुर्शीद नदवी, रुस्तम अंसारी, मुफ्ती सैफुल्लाह कासमी, डॉ. सैफुल्लाह खालिद, मौलाना कासमी जमाली, मो. इरफान अंसारी, अलीमुद्दीन अंसारी, जियाउद्दीन अंसारी, मौलाना फजलूल कदीर, गुलाम मुस्तफ़ा, मो. मोहसिन हव्वारी, एहसास जमील सहित कई अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। बैठक में धनबाद सहित विभिन्न जिलों से सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।













अल्पसंख्यक समाज के मुद्दों को लेकर झारखंड मुस्लिम युवा मंच का प्रतिवाद मार्चमहागठबंधन सरकार आरएसएस के एजेंडे पर काम कर र...
02/11/2025

अल्पसंख्यक समाज के मुद्दों को लेकर झारखंड मुस्लिम युवा मंच का प्रतिवाद मार्च

महागठबंधन सरकार आरएसएस के एजेंडे पर काम कर रही है — मुन्तजीर अहमद रजा का आरोप

राँची:- झारखंड मुस्लिम युवा मंच एवं अन्य सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में अल्पसंख्यक समाज से संबंधित विभिन्न मुद्दों को लेकर एक प्रतिवाद मार्च का आयोजन किया गया। यह मार्च अपराह्न 3 बजे लॉ यूनिवर्सिटी, रिंग रोड, कांके से प्रारंभ होकर कांके बाजार टांड तक निकाला गया। मार्च में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र, बुद्धिजीवी और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। सरकार से अल्पसंख्यक समाज से संबंधित लम्बित मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग की और कहा कि सरकार को इन विषयों पर संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

प्रतिवाद मार्च की प्रमुख मांगें:

1. आलिम-फाजिल डिग्री की मान्यता बहाल की जाए — झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा जारी आलिम-फाजिल की डिग्री को असंवैधानिक बताकर उसकी मान्यता रद्द किए जाने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए।

2. मदरसा बोर्ड एवं उर्दू शिक्षा बोर्ड का गठन किया जाए — राज्य गठन के 25 वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक दोनों बोर्डों का गठन नहीं हुआ है, जिससे उर्दू माध्यम की शिक्षा प्रभावित हो रही है।

3. 544 उर्दू विद्यालयों का स्टेटस बहाल किया जाए — राज्य के 544 उर्दू स्कूलों की स्थिति को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए।

4. मॉब लिंचिंग विरोधी कानून लागू किया जाए — झारखंड में मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून तत्काल लागू किया जाए।

झारखण्ड मुस्लिम युवा मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद अय्यूबी ने कहा कि यदि राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक समाज से जुड़े इन मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो मंच चरणबद्ध राज्यव्यापी आंदोलन चलाने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि मंच का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि न्यायसंगत अधिकारों की प्राप्ति है। महासचिव समीर अली उर्फ मुन्ना ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अल्पसंख्यक समाज के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि उर्दू राज्य की दूसरी राजभाषा होने के बावजूद शिक्षा संस्थानों से उर्दू नेमप्लेट तक हटा दी गई हैं, स्कूलों के नाम बदले गए हैं और शुक्रवार की छुट्टी समाप्त कर दी गई है। इससे मुस्लिम बच्चे अपनी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से दूर होते जा रहे हैं। ऑल झारखंड एकता मंच सेक्रेटरी सह पूर्व उप प्रमुख मुन्तजीर अहमद रजा (ओरमांझी) ने कहा महागठबंधन की सरकार भी आरएसएस की मैनिफेस्टो लागू करने पर काम कर रही हैं। किसी भी कौम को मिटाने के लिए उसकी जुबान को मिटाया जाता हैं, उसका तहजीब को मिटाया जाता हैं तब वो कौम मिटता हैं और यही काम महागठबंधन की सरकार कर रही हैं। यदि सरकार ने इन मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो यह आंदोलन राज्य के प्रत्येक जिले में व्यापक रूप से संचालित किया जाएगा। मार्च के समापन पर मंच के पदाधिकारियों ने नियुक्त मजिस्ट्रेट को एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें राज्य सरकार से सभी प्रमुख मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की गई। अधिकारियों से आग्रह किया गया कि यह पत्र राज्य सरकार तक पहुँचाया जाए ताकि समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके। झारखंड मुस्लिम युवा मंच ने हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के सभी प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

झारखंड मुस्लिम युवा मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद अय्यूबी, महासचिव समीर अली उर्फ मुन्ना, ऑल झारखंड एकता मंच अध्यक्ष अशफाक खान, ऑल झारखंड एकता मंच सेक्रेटरी सह पूर्व उप प्रमुख मुन्तजीर अहमद रजा (ओरमांझी), पूर्व जिला परिषद सदस्य एनुअल हक अंसारी (कांके), तौफीक अंसारी, हसीबुल अंसारी, इम्तियाज अंसारी, आफताब अली,
हैदर अली (बंटी), शाकिब अंसारी, आबिद हुसैन, सद्दाम अंसारी, अब्दुल गफ्फार अंसारी, अख्तर रजा, मुर्शिद अंसारी, हिबजुल रहमान, इमरोज अंसारी, आफताब अली, शम्स रजा, इमरान अंसारी, मोहसिन अंसारी सहित सैकड़ों लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे।






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