05/08/2026
मंडई खुर्द डंपिंग यार्ड मामला पहुँचा केंद्र सरकार के संज्ञान में
CPGRAMS में दर्ज शिकायत संख्या DOURD/E/2026/0016905 के आधार पर नगर निगम से मांगी गई कार्रवाई, ग्रामीणों ने उठाए प्रदूषण और जनस्वास्थ्य के गंभीर सवाल
हजारीबाग
मंडई खुर्द ग्राम पंचायत में संचालित ठोस अपशिष्ट (Solid Waste) डंपिंग यार्ड को लेकर ग्रामीणों द्वारा उठाई जा रही आपत्तियाँ अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुँच गई हैं। ग्रामीणों की ओर से CPGRAMS (Centralized Public Grievance Redress and Monitoring System), भारत सरकार पर दर्ज शिकायत संख्या DOURD/E/2026/0016905 को आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने संज्ञान में लेते हुए हजारीबाग नगर निगम को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु अग्रसारित कर दिया है। पोर्टल पर मामला वर्तमान में “Under Process” प्रदर्शित हो रहा है।
यह शिकायत सीधे स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) – Solid Waste Management श्रेणी में दर्ज की गई है, जिससे स्पष्ट है कि मामला नगर निगम के कचरा प्रबंधन से संबंधित गंभीर सार्वजनिक मुद्दे के रूप में दर्ज हुआ है।
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शिकायत में क्या कहा गया है
CPGRAMS पर दर्ज शिकायत में मंडई खुर्द ग्राम पंचायत के निवासियों ने कहा है कि हजारीबाग नगर निगम द्वारा संचालित डंपिंग यार्ड घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र और कृषि भूमि के अत्यंत निकट स्थित है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि नगर निगम द्वारा यहाँ बड़े पैमाने पर नगरपालिका कचरा डाला जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में गंभीर पर्यावरणीय प्रदूषण फैल रहा है।
शिकायत के अनुसार:
- लगातार तेज दुर्गंध फैलती है,
- कई बार कचरे में आग लगने से जहरीला धुआँ निकलता है,
- मक्खियों और मच्छरों का अत्यधिक प्रकोप हो गया है,
- कचरे से निकलने वाला लीचेट (प्रदूषित तरल पदार्थ) आसपास की मिट्टी और भूजल को प्रभावित कर सकता है,
- ग्रामीणों के स्वास्थ्य और कृषि उत्पादन पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
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“स्वच्छ वातावरण में जीने का अधिकार प्रभावित”
शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि डंपिंग यार्ड से उत्पन्न स्थिति स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण में जीने के अधिकार को प्रभावित कर रही है। ग्रामीणों ने इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21, अनुच्छेद 48A और अनुच्छेद 51A(g) की भावना के विपरीत बताया है।
इसके साथ ही शिकायत में निम्न कानूनों का उल्लेख किया गया है:
- Environment (Protection) Act, 1986
- Water Act, 1974
- Air Act, 1981
- Solid Waste Management Rules, 2016
ग्रामीणों का कहना है कि यदि कचरा प्रबंधन वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है, तो यह पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
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पूर्व विरोध और प्रतिनिधित्व का भी उल्लेख
CPGRAMS शिकायत में यह भी कहा गया है कि ग्रामीणों ने इस मुद्दे को लेकर पहले कई बार प्रतिनिधित्व, आवेदन और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किए थे, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान उपलब्ध नहीं कराया गया। शिकायतकर्ताओं ने यह भी उल्लेख किया है कि इस मुद्दे को उठाने वाले कुछ ग्रामीणों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाने की बात सामने आई है, जिससे स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ा है।
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ग्रामीणों ने क्या माँग की
शिकायत में निम्नलिखित मांगें रखी गई हैं:
तत्काल कार्रवाई की प्रमुख मांगें
- सक्षम अधिकारियों द्वारा तत्काल स्थलीय निरीक्षण
- स्वतंत्र पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ टीम से आकलन
- डंपिंग यार्ड को तुरंत बंद कर वैज्ञानिक रूप से उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करना
- हवा, पानी, मिट्टी और भूजल की वैज्ञानिक जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करना
- प्रभावित ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करना
- नियमों के उल्लंघन की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना
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केंद्र सरकार से नगर निगम तक पहुँचा मामला
CPGRAMS पोर्टल पर उपलब्ध विवरण के अनुसार शिकायत 29 जुलाई 2026 को प्राप्त हुई थी। बाद में इसे आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने स्थानीय कार्रवाई के लिए हजारीबाग नगर निगम को भेज दिया। पोर्टल पर दर्ज अद्यतन के अनुसार 03 अगस्त 2026 को मामले में कार्रवाई दर्ज हुई और इसे सहायक नगर आयुक्त अनिल पांडेय के अधीन चिह्नित किया गया।
इसका अर्थ यह है कि अब मामले की प्रारंभिक जांच, तथ्य संग्रह और कार्रवाई रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन पर है।
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ग्रामीणों में बढ़ी उम्मीद
केंद्र सरकार के आधिकारिक शिकायत पोर्टल पर मामला दर्ज होने और नगर निगम को अग्रसारित किए जाने के बाद मंडई खुर्द के ग्रामीणों में यह उम्मीद जगी है कि अब उनकी समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास और स्वच्छता अभियान के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसी भी स्थिति में आवासीय क्षेत्र और खेती की जमीन के बीच बड़े पैमाने पर कचरा डंपिंग स्वीकार्य नहीं हो सकती।
एक ग्रामीण ने कहा, “हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि गांव में रहने वाले बच्चों, महिलाओं और किसानों को स्वच्छ हवा, साफ पानी और सुरक्षित वातावरण मिले। यदि डंपिंग यार्ड वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप नहीं है तो इसे आबादी से दूर स्थानांतरित किया जाना चाहिए।”
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पर्यावरण और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा सवाल
मंडई खुर्द का यह मामला अब केवल स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत नहीं रह गया है, बल्कि यह शहरी कचरा प्रबंधन बनाम ग्रामीण पर्यावरण सुरक्षा का महत्वपूर्ण उदाहरण बनता जा रहा है। यदि प्रशासन इस मामले में वैज्ञानिक जांच कराता है और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक होती है, तो यह हजारीबाग जिले में Solid Waste Management व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर भी महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर सकता है।
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अब सबकी नजर अगली कार्रवाई पर
फिलहाल मंडई खुर्द के ग्रामीण हजारीबाग नगर निगम, जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण तंत्र की आगामी कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि:
- क्या स्थलीय निरीक्षण होगा?
- क्या पर्यावरणीय जांच कराई जाएगी?
- क्या डंपिंग यार्ड के स्थानांतरण पर विचार किया जाएगा?
- और क्या प्रभावित ग्रामीणों को व्यावहारिक राहत मिलेगी?
इन सवालों के जवाब अब प्रशासनिक कार्रवाई और आधिकारिक जांच रिपोर्ट से ही सामने आएंगे।
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मुख्य तथ्य एक नजर में
बिंदु| विवरण
शिकायत संख्या| DOURD/E/2026/0016905
पोर्टल| CPGRAMS, भारत सरकार
प्राप्ति तिथि| 29 जुलाई 2026
संबंधित मंत्रालय| आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA)
श्रेणी| Swachh Bharat Mission (Urban) – Solid Waste Management
संबंधित निकाय| हजारीबाग नगर निगम
वर्तमान स्थिति| Under Process
कार्रवाई दर्ज तिथि| 03 अगस्त 2026
संबंधित अधिकारी| अनिल पांडेय, सहायक नगर आयुक्त
मुख्य मांग| डंपिंग यार्ड का बंदीकरण और वैज्ञानिक रूप से उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरण
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(यह रिपोर्ट CPGRAMS पोर्टल पर उपलब्ध शिकायत विवरण, शिकायतकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत तथ्यों तथा संबंधित दस्तावेजों के आधार पर तैयार की गई है। संबंधित विभागों की अंतिम आधिकारिक जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है।)