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ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग, 48 घंटे का अल्टीमेटमइस्तीफा नहीं तो देशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनीCEC ज्ञानेश कुमार पर ...
24/09/2026

ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग, 48 घंटे का अल्टीमेटम
इस्तीफा नहीं तो देशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी
CEC ज्ञानेश कुमार पर CJP का बड़ा हमला, 48 घंटे का अल्टीमेटम
48 घंटे में इस्तीफा दो, वरना आंदोलन—अभिजीत दीपके

Sariful Shekh

24/09/2026

चुनाव आयोग में घमासान! ज्ञानेश कुमार पर उठे गंभीर सवाल
ज्ञानेश कुमार पर आरोपों से गरमाई सियासत, चुनाव आयोग में मतभेद
चुनाव आयोग के फैसलों पर सवाल, ज्ञानेश कुमार को लेकर बढ़ा विवाद
SIR को लेकर चुनाव आयोग में मतभेद, ज्ञानेश कुमार पर उठे सवाल
चुनाव आयोग में 14 आपत्तियों का दावा, ज्ञानेश कुमार पर क्यों उठे सवाल?


तेजस्वी यादव का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला!बिहार और बंगाल में फिर चुनाव कराने की मांग।Sach Jharkhand Tv Sariful Shekh      ...
24/09/2026

तेजस्वी यादव का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला!
बिहार और बंगाल में फिर चुनाव कराने की मांग।
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13/09/2026

स्कूल जाने के लिए बच्चों का खतरनाक सफर, जुगाड़ की नाव बनी मजबूरी
बिहार के बाढ़ में बच्चों की पढ़ाई पर बड़ा खतरा!
आजाद नगर महादलित बस्ती के करीब 10 बच्चे रोज जुगाड़ की नाव से महानंदा नदी पार कर स्कूल जाते हैं।
पुराने पीपा पुल के लोहे के कैप्सूल को रस्सी से बांधकर नाव बनाई गई है, जिसे बच्चे खुद खींचकर पार करते हैं।
तेज बहाव के बीच बच्चों का यह सफर सवाल खड़ा करता है—आखिर सुरक्षित रास्ता कब मिलेगा?


बिहार के बाढ़ में बच्चों की पढ़ाई पर बड़ा खतरा! “जुगाड़ की नाव से स्कूल जाते हैं बच्चे, जान जोखिम में!”पटना के बाढ़ प्रख...
13/09/2026

बिहार के बाढ़ में बच्चों की पढ़ाई पर बड़ा खतरा! “जुगाड़ की नाव से स्कूल जाते हैं बच्चे, जान जोखिम में!”

पटना के बाढ़ प्रखंड की एकडंगा पंचायत के प्राथमिक विद्यालय मोगल चक में पढ़ने के लिए आजाद नगर महादलित बस्ती के करीब 10 बच्चे हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचते हैं।
बच्चों को स्कूल जाने के लिए महानंदा नदी पार करनी पड़ती है। गांववालों ने पुराने पीपा पुल के लोहे के कैप्सूल को रस्सी से बांधकर जुगाड़ की नाव बना दी है। इसी नाव को बच्चे खुद खींचकर नदी पार करते हैं।
उफनती नदी और तेज बहाव के बीच यह सफर किसी खतरे से कम नहीं है। सवाल यह है कि बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने के लिए सुरक्षित पुल या नाव की व्यवस्था कब होगी?
सरकार और प्रशासन से सवाल—क्या इन बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसी हादसे के बाद ही याद आएगी?

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13/09/2026

Jharkhand : मुश्किल घड़ी में जनता के साथ खड़ी साहिबगंज पुलिसl
चार थानों में लंगर, पुलिस ने खुद परोसा खाना।
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वर्दी में इंसानियत: पुलिस ने बाढ़ पीड़ितों को खिलाया खाना”साहिबगंज पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल।साहिबगंज से एक ऐसी तस...
13/09/2026

वर्दी में इंसानियत: पुलिस ने बाढ़ पीड़ितों को खिलाया खाना”
साहिबगंज पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल।

साहिबगंज से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो वर्दी के पीछे छिपे इंसानियत के चेहरे को दिखाती है।

इन दिनों साहिबगंज में बाढ़ की वजह से कई परिवार परेशान हैं। कई लोगों के घरों में पानी है, रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित है और सबसे बड़ी चिंता है—खाने की।

ऐसे मुश्किल समय में साहिबगंज पुलिस ने सिर्फ ड्यूटी निभाने का काम नहीं किया, बल्कि इंसानियत की एक मिसाल पेश की है।

बाढ़ पीड़ित लोगों तक खाना पहुंचाने के लिए जिले के चार थाना क्षेत्रों में लंगर की व्यवस्था शुरू की गई है।

सबसे खास बात यह है कि यहां पुलिसकर्मी सिर्फ व्यवस्था देखकर वापस नहीं जा रहे हैं, बल्कि खुद लोगों के बीच पहुंचकर खाना परोस रहे हैं।

जिन हाथों में आमतौर पर कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी होती है, वही हाथ आज बाढ़ से परेशान लोगों को खाना परोसते हुए नजर आ रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों और जवानों ने खुद लोगों को खाना परोसा और उनकी जरूरतों को समझने की कोशिश की।

बाढ़ जैसी आपदा के समय सबसे ज्यादा परेशानी गरीब और जरूरतमंद परिवारों को होती है। जब घर में चूल्हा जलना मुश्किल हो जाए, तब किसी के लिए एक वक्त का खाना भी बहुत बड़ी मदद बन जाता है।

साहिबगंज पुलिस की यह पहल इसी सोच को दिखाती है कि पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था संभालने वाली संस्था नहीं, बल्कि मुश्किल समय में जनता के साथ खड़ी रहने वाली व्यवस्था भी है।

आज जब बाढ़ का पानी लोगों के घरों और रास्तों तक पहुंच गया है, ऐसे समय में पुलिस की यह पहल उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, जिन्हें इस वक्त सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है।

वर्दी पहनकर लोगों की सुरक्षा करना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन उसी वर्दी में किसी जरूरतमंद को अपने हाथों से खाना खिलाना मानवता की एक अलग तस्वीर पेश करता है।

साहिबगंज पुलिस ने इस पहल के जरिए यही संदेश दिया है कि आपदा के समय जनता अकेली नहीं है।

बाढ़ का पानी भले ही लोगों के घरों तक पहुंच गया हो, लेकिन मदद के लिए बढ़े ये हाथ उम्मीद जिंदा रख रहे हैं।

साहिबगंज पुलिस की यह पहल वाकई मानवता की एक मिसाल है।

12/09/2026

नाव नहीं मिली तो नाद पर सफर करने को मजबूर बच्चा!

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक बच्चा स्कूल जाने के लिए नाद के सहारे सफर करता दिखाई दे रहा है।

बताया जा रहा है कि रास्ते में पानी होने के कारण नाव का इंतजाम नहीं हो पाया, जिसके बाद बच्चे को नाद के सहारे जाने की मजबूरी बनी।

जिस उम्र में बच्चे को किताब-कॉपी लेकर आसानी से स्कूल पहुंचना चाहिए, वहां उसे इस तरह का सफर करना पड़ रहा है।

हम ऐसे विश्वगुरु बनेंगे?

सवाल है—आखिर बच्चों को ऐसी परेशानी से कब राहत मिलेगी?
विकास के दावों के बीच यह तस्वीर सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

आखिर इन बच्चों की परेशानी कब दूर होगी?
क्या यही हमारे विकास की जमीनी तस्वीर है?

बच्चों की पढ़ाई के लिए सुरक्षित रास्ते का इंतजाम कौन करेगा?
सरकार विकास के दावे करती है, लेकिन जमीन पर बच्चों की ऐसी तस्वीर क्यों दिख रही है?
आखिर सिस्टम की नजर इन बच्चों की मजबूरी पर कब पड़ेगी?


सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक बच्चा स्कूल जाने के लिए नाद के सहारे सफर करता दिखाई दे रहा है।बताया जा रहा ...
12/09/2026

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक बच्चा स्कूल जाने के लिए नाद के सहारे सफर करता दिखाई दे रहा है।

बताया जा रहा है कि रास्ते में पानी होने के कारण नाव का इंतजाम नहीं हो पाया, जिसके बाद बच्चे को नाद के सहारे जाने की मजबूरी बनी।

बच्चों की पढ़ाई के लिए सुरक्षित रास्ते का इंतजाम कौन करेगा?
सरकार विकास के दावे करती है, लेकिन जमीन पर बच्चों की ऐसी तस्वीर क्यों दिख रही है?
आखिर सिस्टम की नजर इन बच्चों की मजबूरी पर कब पड़ेगी?
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11/09/2026

दिल्ली के यादव नगर इलाके के समीर नाम के ई-रिक्शा चालक से जुड़ी है। सोशल मीडिया पर वायरल रिपोर्टों में समीर ने आरोप लगाया है कि उसका ई-रिक्शा चोरी हो गया था और उसने खुद तलाश करके रिक्शा और कथित चोर को ढूंढ लिया। इसके बाद जब वह पुलिस के पास पहुंचा, तो उसके अनुसार कार्रवाई करने के बजाय पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की।
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