13/09/2026
वर्दी में इंसानियत: पुलिस ने बाढ़ पीड़ितों को खिलाया खाना”
साहिबगंज पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल।
साहिबगंज से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो वर्दी के पीछे छिपे इंसानियत के चेहरे को दिखाती है।
इन दिनों साहिबगंज में बाढ़ की वजह से कई परिवार परेशान हैं। कई लोगों के घरों में पानी है, रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित है और सबसे बड़ी चिंता है—खाने की।
ऐसे मुश्किल समय में साहिबगंज पुलिस ने सिर्फ ड्यूटी निभाने का काम नहीं किया, बल्कि इंसानियत की एक मिसाल पेश की है।
बाढ़ पीड़ित लोगों तक खाना पहुंचाने के लिए जिले के चार थाना क्षेत्रों में लंगर की व्यवस्था शुरू की गई है।
सबसे खास बात यह है कि यहां पुलिसकर्मी सिर्फ व्यवस्था देखकर वापस नहीं जा रहे हैं, बल्कि खुद लोगों के बीच पहुंचकर खाना परोस रहे हैं।
जिन हाथों में आमतौर पर कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी होती है, वही हाथ आज बाढ़ से परेशान लोगों को खाना परोसते हुए नजर आ रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों और जवानों ने खुद लोगों को खाना परोसा और उनकी जरूरतों को समझने की कोशिश की।
बाढ़ जैसी आपदा के समय सबसे ज्यादा परेशानी गरीब और जरूरतमंद परिवारों को होती है। जब घर में चूल्हा जलना मुश्किल हो जाए, तब किसी के लिए एक वक्त का खाना भी बहुत बड़ी मदद बन जाता है।
साहिबगंज पुलिस की यह पहल इसी सोच को दिखाती है कि पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था संभालने वाली संस्था नहीं, बल्कि मुश्किल समय में जनता के साथ खड़ी रहने वाली व्यवस्था भी है।
आज जब बाढ़ का पानी लोगों के घरों और रास्तों तक पहुंच गया है, ऐसे समय में पुलिस की यह पहल उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, जिन्हें इस वक्त सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है।
वर्दी पहनकर लोगों की सुरक्षा करना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन उसी वर्दी में किसी जरूरतमंद को अपने हाथों से खाना खिलाना मानवता की एक अलग तस्वीर पेश करता है।
साहिबगंज पुलिस ने इस पहल के जरिए यही संदेश दिया है कि आपदा के समय जनता अकेली नहीं है।
बाढ़ का पानी भले ही लोगों के घरों तक पहुंच गया हो, लेकिन मदद के लिए बढ़े ये हाथ उम्मीद जिंदा रख रहे हैं।
साहिबगंज पुलिस की यह पहल वाकई मानवता की एक मिसाल है।