20/05/2026
“संगत से गुण होते हैं, संगत से गुण जात,
जैसी संगत बैठिए, वैसी बनती बात।
फूलों संग रहोगे तो खुशबू बन जाओगे,
काँटों में उलझोगे तो दर्द ही पाओगे।
अच्छों का साथ इंसान को ऊँचा उठा देता है,
और बुरी संगत का असर सब कुछ मिटा देता है।
इसलिए सोच-समझकर रिश्ते निभाइए,
क्योंकि संगत ही इंसान की पहचान बनाइए। 🔥