28/12/2025
प्रेरणादायक लेख (संक्षिप्त लेकिन गहन) :
आज के समय में विवाह को लेकर सबसे बड़ा भ्रम यह है कि “यदि प्रेम नहीं है, तो विवाह का कोई अर्थ नहीं।”
यह सोच आकर्षक लग सकती है, पर पूर्ण सत्य नहीं है।
व्यवस्थित (Arranged) विवाह सदियों से चले आ रहे हैं
क्योंकि वे केवल दो व्यक्तियों का नहीं,
बल्कि दो जीवन-दृष्टियों, मूल्यों और जिम्मेदारियों का मिलन होते थे।
यह सच है कि कई विवाहों में
प्रेम तुरंत नहीं होता —
और कभी-कभी वैसा गहरा प्रेम विकसित भी नहीं होता
जैसा कहानियों या फिल्मों में दिखाया जाता है।
पर क्या इससे उस वैवाहिक जीवन का मूल्य समाप्त हो जाता है?
नहीं।
क्योंकि विवाह केवल प्रेम से नहीं चलता —
वह चलता है सम्मान, सहनशीलता, समझदारी और निभाने की इच्छा से।
आज तलाक इसलिए बढ़ रहे हैं क्योंकि:
अपेक्षाएँ बहुत ऊँची हैं
सहनशीलता बहुत कम
और “मैं” की भावना “हम” से बड़ी हो गई है
जबकि सच्चाई यह है — हर रिश्ते में प्रेम से पहले जिम्मेदारी आती है।
विवाह प्रेम की मंज़िल नहीं,
प्रेम सीखने की यात्रा है।