04/01/2026
समय का पहिया घूमता है: राबड़ी आवास छोड़ अब वेटनरी कॉलेज के पास लौटेगा लालू परिवार
बिहार की राजनीति में एक लंबे अध्याय के समापन की तस्वीर अब साफ होती नजर आ रही है। करीब दो दशकों से पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास—जिसे आमतौर पर राबड़ी आवास कहा जाता है—में रह रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार अब इस आवास को छोड़ने की तैयारी में है।
राबड़ी आवास खाली होने के बाद लालू परिवार महुआ बाग नहीं, बल्कि पटना के वेटनरी कॉलेज कैंपस के पीछे, कौटिल्य नगर में बन रहे एक भव्य निजी बंगले में शिफ्ट हो सकता है। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और बताया जा रहा है कि यह अंतिम चरण में है। खरमास समाप्त होते ही यहां ‘गृह प्रवेश’ की संभावना जताई जा रही है।
सरकारी आवास से निजी घर की ओर
सूत्रों के अनुसार, लालू यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी किसी अन्य सरकारी आवास में जाने के बजाय अब अपने शेष जीवन को निजी घर में बिताना चाहते हैं। हालांकि दानापुर के महुआ बाग इलाके में एक और भव्य निजी बंगला निर्माणाधीन है, लेकिन उसके पूरी तरह तैयार होने में अभी एक साल या उससे अधिक का समय लग सकता है। ऐसे में वेटनरी कॉलेज के पीछे बन रहा यह आवास फिलहाल अंतरिम ठिकाना होगा।
वेटनरी कॉलेज से लालू का पुराना रिश्ता
लालू यादव का वेटनरी कॉलेज परिसर से गहरा और पुराना नाता रहा है। गोपालगंज जिले के फुलवरिया गांव में जन्मे लालू यादव पढ़ाई के दौरान पटना आए थे। उस समय उनके बड़े भाई वेटनरी कॉलेज में चपरासी थे और लालू उन्हीं के साथ कॉलेज परिसर के सरकारी क्वार्टर में रहते थे।
यहीं से उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई। पटना यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई के दौरान वे छात्र राजनीति में सक्रिय हुए और 1970 में बिहार छात्र संघ के महासचिव बने। यही वह दौर था जब लालू यादव बिहार की राजनीति में एक उभरते चेहरे के रूप में सामने आए।
संघर्ष से सत्ता तक और फिर वापसी
1977 में 29 साल की उम्र में लालू यादव सांसद बने। 1990 में वे बिहार के मुख्यमंत्री बने और इसके बाद कई वर्षों तक सरकारी आवास उनके जीवन का हिस्सा रहा। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्हें 1 अणे मार्ग का आवास मिला और बाद में राबड़ी देवी के मुख्यमंत्री बनने पर भी सरकारी आवास ही परिवार का ठिकाना रहा।
2005 में राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड का आवास मिला, जो करीब 20 वर्षों तक RJD की राजनीति का केंद्र बना रहा। यहीं से बड़े राजनीतिक फैसले हुए, रणनीतियां बनीं और आंदोलन संचालित हुए।
अब राबड़ी आवास से मोहभंग
करीब एक महीने पहले बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली करने का नोटिस दिया था। साथ ही, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के लिए हार्डिंग रोड पर वैकल्पिक आवास भी आवंटित किया गया।
हालांकि RJD की ओर से शुरुआत में इसका विरोध किया गया, लेकिन 25 दिसंबर की आधी रात को आवास से सामान हटाए जाने की खबरों के बाद स्थिति बदलती दिखी। बताया गया कि उस रात पौधे और गार्डन से जुड़ा सामान अन्य स्थानों पर शिफ्ट किया गया, जबकि उस समय लालू यादव दिल्ली में और तेजस्वी यादव विदेश यात्रा पर थे।
नया बंगला: आधुनिक सुविधाओं से लैस
वेटनरी कॉलेज कैंपस के पीछे बन रहे इस नए निजी आवास में 5 बेडरूम,2 बड़े हॉल,और विशाल गार्डन एरिया तैयार किया जा रहा है।
करीब दो दर्जन मजदूर लगातार निर्माण कार्य में जुटे हैं। बाहरी ढांचा लगभग तैयार है, जबकि अंदर इंटीरियर, पेंटिंग और लैंडस्केपिंग का काम तेज़ी से चल रहा है। सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है।
राजनीति का एक दौर खत्म
10 सर्कुलर रोड का बंगला सिर्फ एक सरकारी आवास नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति का एक बड़ा प्रतीक रहा है। इसके खाली होने को RJD की राजनीति के एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।
कहते हैं—समय का पहिया घूमता है—और लालू यादव का जीवन एक बार फिर उन्हें उसी वेटनरी कॉलेज के पास ले आता दिख रहा है, जहां से उन्होंने संघर्ष की राजनीति शुरू की थी।