SonPrabhat Live

SonPrabhat Live "Stay updated with the latest hindi news from Sonbhadra, Jharkhand, CG, MP, Bihar, Uttar Pradesh, India!

Sonprabhat Live is your trusted source for local news, events, and updates. Visit our website at www.sonprabhat.live for more news and information!"

23/02/2026

सोनभद्र : म्योरपुर थाना क्षेत्र के किरवानी गांव में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे में तीन महिलाओं की जान चली गई। जंगल में घरों की पुताई के लिए सफेद मिट्टी निकालने गई पांच महिलाएं और एक बच्चा अचानक मिट्टी का टीला ढहने से मलबे में दब गए।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। साथ गए लोगों की चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने हाथों से मलबा हटाकर दो महिलाओं और एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीन की मदद से घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तीन महिलाओं को बाहर निकाला गया।

म्योरपुर सीएचसी ले जाने पर डॉक्टरों ने सदिकुनिषा (35) निवासी बडहोर, अमीषा खातून (35) एवं सीता (30) निवासी किरवानी को मृत घोषित कर दिया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि टीले के अंदर गहराई तक की गई असुरक्षित खुदाई के कारण मिट्टी कमजोर हो गई थी, जिससे यह हादसा हुआ।
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में असुरक्षित तरीके से मिट्टी खनन की गंभीर समस्या की ओर एक बार फिर ध्यान आकर्षित करती है।

🖊️ संवाददाता : आशीष गुप्ता
📍 म्योरपुर, सोनभद्र
Son Prabhat News

18/02/2026

सोनभद्र में पानी बना ‘साइलेंट किलर’?
सोनभद्र के म्योरपुर, बभनी और दुद्धी ब्लॉक के 94 गांवों में
पीने के पानी में फ्लोराइड की मात्रा मानक से अधिक पाई गई है।

चौंकाने वाली बात ये है कि —
कई गांवों में 60% बच्चों के दांत खराब हो चुके हैं
और कम उम्र में ही हड्डियों से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं।

रिहंद जलाशय का यही पानी
आज हजारों घरों तक पीने के लिए पहुंच रहा है…
लेकिन औद्योगिक अपशिष्ट और राख के महीन कण
अब इस पानी की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

इस गंभीर मुद्दे को
स्थानीय पत्रकार एवं पर्यावरण कार्यकर्ता
जगत नारायण विश्वकर्मा
लगातार जमीनी स्तर से उठाते रहे हैं।

क्या हम अनजाने में
बीमारियों का पानी पी रहे हैं?

📺 देखिए सोन प्रभात न्यूज़ की ग्राउंड रिपोर्ट।

17/02/2026

सोनभद्र जिले के पिपरी थाना क्षेत्र अंतर्गत चकेलवा कुंडा भाटी स्थित बेलवादह डैम में एक दर्दनाक हादसे में महिला और चार वर्षीय मासूम बच्ची की डूबकर मौत हो गई। ट्यूब के सहारे डैम पार कर रहे पति, पत्नी और बच्ची अचानक संतुलन बिगड़ने से गहरे पानी में गिर गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों ने देर शाम तक तलाश अभियान चलाया, लेकिन अंधेरा और पानी में घनी झाड़ियों के कारण सफलता नहीं मिल सकी। मंगलवार सुबह वाराणसी से SDRF की 9 सदस्यीय टीम सब इंस्पेक्टर शहंशाह कटियार के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद महिला और बच्ची के शव पानी के अंदर झाड़ियों में फंसे हुए बरामद किए गए।

सीओ रणधीर मिश्र के अनुसार दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

📍 Location: Belwadah Dam, Pipri, Sonbhadra
📺 Watch Sonbhadra Daily Khabrein Episode 28















सोनभद्र न्यूज : एच आई वी पॉजिटिव था बंदी, नशे का आदी था। मां और भाई भी जेल में ही है।
06/02/2026

सोनभद्र न्यूज : एच आई वी पॉजिटिव था बंदी, नशे का आदी था। मां और भाई भी जेल में ही है।

22/01/2026

“जब संसाधन कम हों और संकल्प बड़ा—तभी असली पत्रकारिता जन्म लेती है।”
#सोनभद्र

22/01/2026

सोन प्रभात को आवश्यकता है, कुशल वीडियो एडिटर की।
जॉब लोकेशन : सोनभद्र

Sonbhadra News : डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ‘संजय’ की शोधग्रंथ ‘सोनभद्र का इतिहास’ का 23 जनवरी को भव्य लोकार्पण।*https://so...
22/01/2026

Sonbhadra News : डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ‘संजय’ की शोधग्रंथ ‘सोनभद्र का इतिहास’ का 23 जनवरी को भव्य लोकार्पण।*

https://sonprabhat.live/sonbhadra-news-डॉ-जितेंद्र-कुमार-सिंह/

#सोनभद्र

संपादकीय लेख : आशीष गुप्ता | सोन प्रभात न्यूज़

एक सुबह, एक साक्षात्कार और इतिहास से साक्षात्कारसमय—2024 की गर्मियाँ।माहौल—दुद्धी विधानसभा का उपचुनाव।हवा में राजनीति थी...
08/01/2026

एक सुबह, एक साक्षात्कार और इतिहास से साक्षात्कार

समय—2024 की गर्मियाँ।
माहौल—दुद्धी विधानसभा का उपचुनाव।
हवा में राजनीति थी, लेकिन ज़मीन पर जनता की बेचैनी, उम्मीदें और सवाल।

मैं और मेरा अज़ीज़ कैमरा पर्सन नितेश मौर्य तय कर चुके थे कि इस बार किसी भीड़ वाले चौराहे या मंच की चमक में नहीं, बल्कि किसी गाँव की मिट्टी में जाकर चुनावी धड़कन को महसूस करेंगे।
नितेश ने सहज ही कहा—
“भईया, क्यों न उसी गाँव चला जाए जहाँ से दुद्धी के सबसे लंबे समय तक विधायक रहे विजय सिंह गोंड जी आते हैं?”

मेरे मन ने बात आगे बढ़ाई—
“फिर क्यों न सीधे उन्हीं के घर चला जाए, जहाँ से दुद्धी की राजनीति का एक लंबा इतिहास निकला है।”

सहमति बनी।
सुबह लगभग 8 बजे हम कटोली (Katuali) पहुँचे—पूर्व मंत्री, सात बार विधायक रहे विजय सिंह गोंड जी के आवास पर।

वहाँ कोई शोर नहीं था, लेकिन हर चेहरा चुनावी जिम्मेदारी से भरा हुआ था।
पार्टी कार्यकर्ता, प्रचारक—कोई अनुमति ले रहा था, कोई रणनीति समझ रहा था, कोई क्षेत्र की ओर रवाना हो रहा था। यह किसी नेता का घर नहीं, एक चलता-फिरता राजनीतिक केंद्र लग रहा था।

हमने परिचय दिया—
“हम मीडिया से हैं। इस चुनाव को लेकर जनता के सवाल हैं, कुछ हमारे भी। एक साक्षात्कार करना चाहते हैं।”

उन्होंने बिना औपचारिकता के हामी भरी—
“बताइए, क्या करना है?”

उनके आवास परिसर में ही एक गार्डन का शांत कोना चुना गया।
दो कुर्सियाँ लगीं।
कैमरा ऑन हुआ।
और फिर शुरू हुई वह बातचीत, जो केवल साक्षात्कार नहीं थी—वह अनुभव था, स्वीकारोक्ति थी, और ज़मीन से जुड़ी राजनीति की पाठशाला थी।

करीब 58 मिनट तक चली उस बातचीत में जो बातें सामने आईं, वे सिर्फ खबर नहीं थीं—वे जनता की आँखें खोलने वाली थीं।
चुनावी माहौल में वह साक्षात्कार एक हल्की-सी हलचल नहीं, बल्कि गहरी तरंग बनकर निकला।

साक्षात्कार खत्म हुआ।
उन्हें बातचीत बहुत पसंद आई।
जब उन्होंने मुझसे मेरे गाँव के बारे में पूछा और मैंने कहा—
“मैं धनखोर गाँव से हूँ, और वही आपकी विधानसभा में आता है।”

उनके चेहरे पर जो आश्चर्य और अपनापन उभरा, वह शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।
अपने क्षेत्र के व्यक्ति को सामने पाकर उनकी आँखों में जो खुशी थी, वह उनके व्यक्तित्व के बड़ेपन की सबसे सच्ची तस्वीर थी।

चुनाव परिणाम आए।
और फिर—चुनाव जीतने के बाद—लखनऊ से उन्होंने खुद मेरा नंबर ढूंढवाया।
फोन आया।
सिर्फ औपचारिक धन्यवाद नहीं, बल्कि आत्मीय साधुवाद।
एक और साक्षात्कार हुआ, एक साफ सुथरा स्वभाव और सबको समझने वाला व्यवहार एक अलग जोश था अब भी अगले कार्यकाल को लेकर।

आज जब पीछे मुड़कर देखता हूँ, तो साफ़ लगता है—
आदिवासी समाज के लिए, दुद्धी की मिट्टी के लिए, इतने लंबे समय तक इतने निःस्वार्थ भाव से काम करने वाला नेता विरला होता है।
यही कारण है कि दुद्धी ने उन्हें 8 बार अपना विधायक चुना।
और यही कारण है कि उनका जाना सिर्फ एक व्यक्ति का जाना नहीं था—
वह एक युग का अवसान था।

अपने अंतिम कार्यकाल के दौरान ही उन्होंने हमें अलविदा कहा।
लेकिन उनके विचार, उनका संघर्ष, और उनकी सादगी आज भी दुद्धी की हवाओं में ज़िंदा है। शब्द कम हैं, बस कुछ भावनाएं जो शब्दों में बयान की जा सकती थी यहां हैं। नमन "आदिवासी गांधी" 🙏

विजय सिंह गोंड जी—
आप सिर्फ नेता नहीं थे,
आप विश्वास थे।

आपको शत-शत नमन।

Vijay Singh Gond

03/12/2025

Address

Sonprabhat Office, Sonbhadra
Renukoot
231212

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when SonPrabhat Live posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to SonPrabhat Live:

Share