Ravikant Patel

Ravikant Patel शिक्षा, ग्रामीण विकास एवं सामाजिक जागरूकता के लिए समर्पित।
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MPPSC सहायक प्राध्यापक भर्ती 2025 में बड़ा संशोधन, Botany और Zoology अभ्यर्थियों को मिली राहत📄 मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग...
09/06/2026

MPPSC सहायक प्राध्यापक भर्ती 2025 में बड़ा संशोधन, Botany और Zoology अभ्यर्थियों को मिली राहत

📄 मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने सहायक प्राध्यापक भर्ती 2025 के अंतर्गत वनस्पतिशास्त्र (Botany) एवं प्राणीशास्त्र (Zoology) विषयों के लिए महत्वपूर्ण शुद्धिपत्र जारी किया है।

उच्च शिक्षा विभाग के संशोधित आदेश के अनुसार अब कुछ अतिरिक्त सह-विषयों (Allied Subjects) को भी मान्यता प्रदान की गई है।
🔹 Botany के लिए – Applied Microbiology, Applied Microbiology & Biotechnology तथा Biochemistry को मान्य किया गया है।
🔹 Zoology के लिए – Biochemistry को मान्य किया गया है।

इस संशोधन से उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलेगी जो संबंधित सह-विषयों के साथ अपनी योग्यता रखते हैं और सहायक प्राध्यापक भर्ती में आवेदन करना चाहते हैं।

08/06/2026

"श्री राम कंप्यूटर इंस्टीट्यूट, मऊगंज में आयोजित हुआ भावुक विदाई समारोह, छात्रा की मधुर प्रस्तुति ने बांधा समां"

आज हमारे संस्थान श्री राम कंप्यूटर इंस्टीट्यूट, मऊगंज में विदाई समारोह (Farewell Program) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और संस्थान के साथ बिताए गए यादगार पलों को स्मरण किया।

कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा द्वारा प्रस्तुत की गई एकल गायन ने सभी का मन मोह लिया। उसकी मधुर आवाज़ और भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भावुक बना दिया। उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने उसकी प्रस्तुति की सराहना की।

हम अपने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं और आशा करते हैं कि वे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन करेंगे।

MPPSC सहायक प्राध्यापक भर्ती 2025: संस्कृत, भूगोल, मनोविज्ञान सहित 6 विषयों की परीक्षा 12 जुलाई 2026 को📖 मध्य प्रदेश लोक...
07/06/2026

MPPSC सहायक प्राध्यापक भर्ती 2025: संस्कृत, भूगोल, मनोविज्ञान सहित 6 विषयों की परीक्षा 12 जुलाई 2026 को

📖 मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक प्राध्यापक भर्ती 2025 के लिए परीक्षा आयोजन संबंधी महत्वपूर्ण सूचना जारी कर दी है। संस्कृत, भूगोल, मनोविज्ञान, विधि, भूगर्भशास्त्र एवं योगिक विज्ञान विषयों के पदों हेतु परीक्षा 12 जुलाई 2026 (रविवार) को आयोजित की जाएगी।

परीक्षा दो सत्रों में होगी –
🔹 प्रथम प्रश्न-पत्र (सामान्य अध्ययन): प्रातः 10:00 बजे से 11:00 बजे तक
🔹 द्वितीय प्रश्न-पत्र (संबंधित विषय): दोपहर 1:00 बजे से 4:00 बजे तक

परीक्षा का आयोजन इंदौर में किया जाएगा। अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र 02 जुलाई 2026 से MPPSC एवं MP Online की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे।


कब तक जलती रहेंगी ज़िंदगियाँ और हम सिर्फ संवेदनाएँ व्यक्त करते रहेंगे?आज दिल्ली के मालवीय नगर स्थित Flourish Stay B&B मे...
03/06/2026

कब तक जलती रहेंगी ज़िंदगियाँ और हम सिर्फ संवेदनाएँ व्यक्त करते रहेंगे?

आज दिल्ली के मालवीय नगर स्थित Flourish Stay B&B में हुए भीषण अग्निकांड की खबर पढ़ी। 21 लोगों की मौत हो गई। दर्जनों लोग घायल हुए। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूद गए। कुछ अपने परिवारों से आखिरी बार बात भी नहीं कर पाए।

खबर पढ़ते-पढ़ते मन अचानक उन चेहरों के बारे में सोचने लगा, जो कल तक जिंदा थे, सपने देख रहे थे, अपने घर लौटने की तैयारी कर रहे थे। किसी मां का बेटा, किसी बच्चे का पिता, किसी पत्नी का जीवनसाथी... कुछ ही मिनटों में सब कुछ खत्म हो गया।

लेकिन सच कहूं तो यह सिर्फ दिल्ली की कहानी नहीं है।

अभी कुछ ही दिन पहले मध्य प्रदेश के सीधी जिले में तीन मासूम भाई-बहन आग की भेंट चढ़ गए। वे बच्चे, जिनकी आंखों में भविष्य के सपने थे, जिनके जीवन की शुरुआत भी ठीक से नहीं हुई थी, वे जिंदा जल गए।

फिर दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े प्रतिष्ठित संस्थान School of Planning and Architecture (SPA) के भवन में आग लगने की खबर आई। सौभाग्य से वहां कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए।

और अब दिल्ली का यह अग्निकांड...

तीन घटनाएं...

अलग-अलग स्थान...

अलग-अलग परिस्थितियां...

लेकिन एक सवाल समान—

क्या हम हादसों के बाद जागने वाला देश बन चुके हैं?

हर बार एक जैसी कहानी सामने आती है।

पहले आग लगती है।

फिर चीखें सुनाई देती हैं।

फिर मौतें होती हैं।

फिर प्रशासन सक्रिय होता है।

फिर जांच के आदेश दिए जाते हैं।

फिर मुआवजे की घोषणा होती है।

और कुछ दिनों बाद सब कुछ भुला दिया जाता है।

लेकिन जिन परिवारों ने अपने लोगों को खोया है, उनके लिए यह घटनाएं कभी पुरानी नहीं होतीं।

मैं सरकार से राजनीति नहीं, जवाबदेही मांगना चाहता हूं।

अगर सुरक्षा नियम मौजूद हैं, तो उनका पालन क्यों नहीं होता?

अगर निरीक्षण होते हैं, तो खामियां समय रहते क्यों नहीं पकड़ी जातीं?

अगर व्यवस्थाएं मजबूत हैं, तो बार-बार ऐसी त्रासदियां क्यों सामने आती हैं?

क्या नागरिकों की सुरक्षा केवल भाषणों और सरकारी दस्तावेजों तक सीमित रह गई है?

एक लोकतंत्र में सरकार का सबसे पहला दायित्व नागरिकों की सुरक्षा है। विकास, निवेश, नई योजनाएं और बड़े-बड़े दावे अपनी जगह हैं, लेकिन यदि लोग अपने घर, होटल, स्कूल, अस्पताल और सार्वजनिक भवनों में ही सुरक्षित नहीं हैं, तो विकास का अर्थ अधूरा रह जाता है।

आज दिल्ली में 21 लोग मारे गए हैं।

सीधी में तीन मासूम बच्चे मारे गए।

कल शायद किसी और शहर से ऐसी ही खबर आए।

और तब फिर हम दो मिनट का मौन रखेंगे, श्रद्धांजलि देंगे, सोशल मीडिया पर दुख व्यक्त करेंगे और आगे बढ़ जाएंगे।

लेकिन क्या कभी ऐसा दिन आएगा जब किसी हादसे के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले व्यवस्था जागेगी?

क्या कभी ऐसा होगा कि सुरक्षा नियम सिर्फ कागजों पर नहीं, जमीन पर भी दिखाई दें?

क्या कभी किसी मां को अपने बच्चे की जली हुई लाश की पहचान नहीं करनी पड़ेगी?

यही सवाल आज मेरे मन में है।

क्योंकि हादसे अचानक होते हैं, लेकिन उनकी पृष्ठभूमि अक्सर वर्षों की लापरवाही, अनदेखी और जवाबदेही की कमी से तैयार होती है।

आज दिल्ली के उन 21 लोगों को याद कीजिए।

सीधी के उन तीन मासूम बच्चों को याद कीजिए।

और फिर खुद से पूछिए—

क्या उनकी मौत सिर्फ एक दुर्घटना थी, या हमारी व्यवस्था के लिए एक चेतावनी?

अगर यह चेतावनी भी अनसुनी रह गई, तो आने वाले दिनों में शायद हम फिर किसी नई त्रासदी पर शोक व्यक्त कर रहे होंगे।

और तब सबसे बड़ा सवाल यही होगा—

आखिर हम हर हादसे के बाद दुखी तो होते हैं, लेकिन उससे पहले जागते क्यों नहीं?

✍️ रविकांत पटेल
मेरी कलम से...

02/06/2026

💔 "मम्मी-पापा... मुझमें दोबारा NEET देने की हिम्मत नहीं है..."

यह सिर्फ एक सुसाइड नोट की पंक्ति नहीं, बल्कि एक बेटी के टूटे हुए सपनों की आखिरी चीख थी।

मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की होनहार छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी अब इस दुनिया में नहीं रही। वह डॉक्टर बनना चाहती थी। उसके माता-पिता ने अपनी हैसियत से बढ़कर संघर्ष किया। किसान पिता ने कर्ज लिया, नागपुर में कुक का काम किया, ताकि बेटी सफेद कोट पहन सके और परिवार का भविष्य बदल सके।

बताया जाता है कि NEET परीक्षा के बाद आकांक्षा को अपने चयन की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा से जुड़ी विवादों और अनिश्चितताओं ने उसे गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया।

आज उस घर में किताबें हैं, नोट्स हैं, NEET की तैयारी का हर सामान है...
लेकिन उन्हें पढ़ने वाली बेटी नहीं है।

एक पिता का कर्ज बाकी है...
एक मां की आंखों के आंसू बाकी हैं...
और अधूरा रह गया है एक डॉक्टर बनने का सपना।

सवाल सिर्फ आकांक्षा का नहीं है।
सवाल उन लाखों छात्रों का है जो हर साल NEET जैसी परीक्षाओं के लिए अपना बचपन, अपनी खुशियां और अपने परिवार की जमा-पूंजी दांव पर लगा देते हैं।

आकांक्षा चली गई...
लेकिन पीछे छोड़ गई एक ऐसा सवाल, जिसका जवाब पूरे देश को देना होगा।

🕯️ विनम्र श्रद्धांजलि।

MPPSC Veterinary Services Exam 2026 | परीक्षा तिथि घोषित | Admit Card Date Outमध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा स...
29/05/2026

MPPSC Veterinary Services Exam 2026 | परीक्षा तिथि घोषित | Admit Card Date Out

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा सहायक संचालक/पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ/पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा 2026 की परीक्षा तिथि घोषित कर दी गई है।

📌 परीक्षा तिथि: 02 अगस्त 2026 (रविवार)
🕛 समय: दोपहर 12:00 बजे से 03:00 बजे तक
📍 परीक्षा केंद्र: इंदौर
🎫 प्रवेश पत्र उपलब्ध: 26 जुलाई 2026 से

अधिक जानकारी एवं Admit Card डाउनलोड करने के लिए MPPSC की आधिकारिक वेबसाइट विजिट करें।

सुप्रीम कोर्ट सख्त: अवैध निर्माण पर अब सिर्फ नोटिस नहीं, सीधे कार्रवाईसुप्रीम कोर्ट ने देशभर में अवैध निर्माण और भूमि उप...
28/05/2026

सुप्रीम कोर्ट सख्त: अवैध निर्माण पर अब सिर्फ नोटिस नहीं, सीधे कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में अवैध निर्माण और भूमि उपयोग परिवर्तन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि केवल सर्वे और नोटिस देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अवैध निर्माणों पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी वास्तविक कार्रवाई जरूरी है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

यह फैसला शहरी विकास, मास्टर प्लान और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

MPPSC भर्ती परीक्षाओं के लिए नए नियम 2026: सरकार ने मांगे जनता से सुझावमध्यप्रदेश शासन द्वारा “मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ...
23/05/2026

MPPSC भर्ती परीक्षाओं के लिए नए नियम 2026: सरकार ने मांगे जनता से सुझाव

मध्यप्रदेश शासन द्वारा “मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा नियम, 2026” के नए प्रारूप को लेकर सार्वजनिक सूचना जारी की गई है। राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से आम नागरिकों, अभ्यर्थियों एवं संस्थाओं से सुझाव और आपत्तियाँ आमंत्रित की हैं। इच्छुक व्यक्ति 05 जून 2026 तक अपने सुझाव ई-मेल एवं GAD विभाग की वेबसाइट के माध्यम से भेज सकते हैं।

यह कदम MPPSC भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलावों का संकेत माना जा रहा है, जिससे भविष्य की परीक्षाओं के नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं।

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