18/09/2026
साफ़ सफ़ाई के नाम पर पर्यटकों से लाखों की वसूली, कर्मचारियों को भी नहीं मिली सैलरी
https://youtu.be/FDLzFJrLVMU?si=JRsKgdZe5GYJNKn8
चारधाम यात्रा के दौरान बद्रीनाथ दर्शन करने आने वाले तीर्थयात्री दर्शन के बाद माणा गाँव घूमने जाते है तो इनसे इको पर्यटन शुल्क (Eco-Tourism Fee) के नाम पर लाखों रुपये की वसूली जिला पंचायत करती है। जिस उद्देश्य से ये शुल्क लिया जाता है उस पर कोई खर्चा नहीं किया जाता है है। जिससे जगह जगह कचरा फैला है, शौचालय टूटे हुए और पेशाबघर गंदे और कचरा सीधे अलकनंदा नदी और सरस्वती नदी में सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है जो सीधे सीधे NGT के आदेशों का उलंघन है। बावजूद इसके जिला पंचायत साफ़ सफाई और जिसके लिए यात्रियों से पर्यटन शुल्क लिया जाता है उस पर एक ढेला खर्च नहीं कर रही है। जिसका पता इससे चल जाता है की कर्मचारियों को चार माह से मानदेय तक नहीं मिला जिससे उनके आगे आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।इस संबंध में अपर मुख्यअधिकारी तेज सिंह का कहना है कि इको पर्यटन शुल्क की वसूली ही साफ़-सफ़ाई और कचरा प्रबंधन के लिए होता है इसे दिखवाया जाएगा और कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान भी होगा।