19/03/2026
आज सिरतार, रोहतक के प्रांगण में संस्थान के प्राचार्य डॉ ए०.डी. पासवान की अध्यक्षता में भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआई), नई दिल्ली के तत्वाधान में दो दिवसीय स्टेट लेवल कर प्रोग्राम का आयोजन किया गया जिसका विषय ष्इंपैक्ट ऑफ ट्रॉमा ऑन लर्निंग - बिहेवियरष् रहा। इस कार्यक्रम के मुख्यतिथि डा० सुबोध कुमार, पूर्व सदस्य सचिव, भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआई), नई दिल्ली रहे व विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ प्रदीप कुमार, कंसल्टेंट, साइकिएट्रिक सोशल वर्कर, (सिंह), पीजीआईएमएस, रोहतक उपस्थित रहे। देश के प्रसिद्ध, अनुभवी विशेषज्ञों ने अपने अमूल्य ज्ञान और अनुभवों को प्रतिभागियों के साथ सांझा किया। डॉ बारे विजय प्रसाद, एसोसियेट प्रोफेसर नेदानिक मनोवैज्ञानिक, डिप्टी. ऑफ साइकियाट्री, एआईआईएमएस, नई दिल्ली, डा० प्रियंका, नेदानिक मनोवैज्ञानिक, किशोर न्याय बोर्ड दिल्ली और दिल्ली उच्च न्यायालय, डॉ कर्मबीर कुंडू, पुनर्वास मनोवैज्ञानिक, सिविल अस्पताल, रोहतक तथा डॉ जोगिन्द्र, नेदानिक मनोवैज्ञानिक, पं.बी.डी. शर्मा, पीजीआईएमएस, रोहतक बतौर रिसोर्स परसन सम्मिलित हुए जिनका संस्थान में पहुँचने पर प्राचार्य डॉ ए.डी. पासवान द्वारा बुके देकर स्वागत किया गया तथा मुख्यतिथि के साथ सभी रिसोर्स परसन द्वारा संस्थान के प्रांगण में पौधा रोपण किया गया। तत्पश्चात् द्वीप प्रज्ज्वलित करके प्रौग्राम का शुभारम्भ किया गया। मुख्यातिथि ने देश के विभिन्न संस्थानों से आये प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सीखने और व्यवहार पर आघात का गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है जो मस्तिष्क के विकास को प्रभावित कर उकाग्रता, स्मृति और भावनाओं के नियंत्रण में बाधा डालता है। इससे बच्चें डर, चिंता, अत्यधिक सतर्कता या आकामकता प्रदर्शित कर सकते है। संस्थान के प्राचार्य डॉ ए.डी पासवान ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यकम शिक्षकों एवं विशेषज्ञों की क्षमता वृद्धि में अत्यन्त सहायक सिद्ध होते है तथा दिव्यांगजनों के समग्र विकास एवं पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। इस कार्यकम के दौरान इन सभी विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। संस्थान के निदेशक एवं अतिरिक्त उपायुक्त, रोहतक श्री नरेन्द्र कुमार, आई.ए.एस. ने प्राचार्य, सिरतार को उनके कुशल नेतृत्व में कार्यकम के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यन्त ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताया। इस कार्यकम को कोरडीनेट श्रीमति अन्जू, कोर्स कोरडीनेटर द्वारा किया गया।