26/05/2026
बिना हेडलाइट जलाए दौड़ रही ई-रिक्शा, सड़क हादसों को दे रही खुला न्योता,थोड़ी सी बैटरी बचाने के चक्कर में जान जोखिम में डाल रहे हैं ई-रिक्शा चालक
शहर और आसपास के क्षेत्रों में रात के समय बिना हेडलाइट के ई-रिक्शा चलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। सड़कों पर अंधेरे में बिना लाइट के दौड़ रही ई-रिक्शाएं आम लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही हैं। ऐसे वाहन न केवल खुद चालक और सवारियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं, बल्कि अन्य वाहन चालकों और राहगीरों के लिए भी हादसों का कारण बन सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की कई सड़कों पर रात के समय कुछ ई-रिक्शा चालक यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए बिना हेडलाइट वाहन चला रहे हैं। अंधेरे में अचानक सामने आ जाने वाले इन वाहनों को देख पाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। खासकर व्यस्त बाजारों, चौराहों और कम रोशनी वाले इलाकों में यह समस्या अधिक देखने को मिल रही है।नागरिकों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद इस तरह के मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने ध्यान नहीं दिया, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने बिना लाइट, बिना नंबर प्लेट और नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ अभियान चलाने की मांग की है।यातायात विशेषज्ञों के अनुसार, रात के समय वाहन चलाते समय हेडलाइट का सही इस्तेमाल बेहद जरूरी होता है। हेडलाइट न केवल चालक को आगे का रास्ता दिखाती है, बल्कि अन्य वाहन चालकों को भी वाहन की मौजूदगी का संकेत देती है। बिना हेडलाइट के वाहन चलाना गंभीर लापरवाही माना जाता है और इससे दुर्घटना का खतरा काफी बढ़ जाता है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ई-रिक्शा चालकों के लिए नियमित जांच अभियान चलाया जाए, यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके,
@टॉप फ़ैन