14/01/2026
सर्वहारा वर्ग की सत्ता के कामना के साथ मनाई गई सीपीआई की शताब्दी स्थापना दिवस
रोसड़ा:- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की शताब्दी स्थापना दिवस सह नवीकरण समारोह धूमधाम से संत कबीर चिल्ड्रन एकेडमी रोसरा के प्रांगण में मनाया गया। इस शताब्दी स्थापना समारोह में सबसे पहले अंचल मंत्री अनिल महतो के द्वारा पार्टी का झंडोतोलन और वयोवृद्ध कम्युनिस्ट नेता सह जेपी सेनानी रामकुमार चौधरी के सम्मान के पश्चात् शहीदों के वेदी पर सभी साथियों ने पुष्पांजलि किया।
उसके बाद धर्मेन्द्र कुमार महतो की अध्यक्षता में एक सभा हुई।इस स्थापना दिवस के मुख्य अतिथि
सीपीआई के जिला मंत्री सुरेंद्र कुमार सिंह मुन्ना ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी त्याग,बलिदान और संघर्षों की पार्टी है। हमारी पार्टी अपने स्थापना 1925 से ही आम अवाम के बेहतर भविष्य के लिए संघर्षरत रही है, हमें गर्व है कि हमारी पार्टी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के राष्ट्रीय लड़ाई और शोषित वंचित वर्गों की सामाजिक- आर्थिक मुक्ति की लड़ाई लड़ी है और हजारों साथियों की कुर्बानी देकर अपने देश को आजादी दिलाई है।
उन्होंने लाल झंडा के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा की हम कम्युनिस्ट पार्टी के संघर्ष और आंदोलन के बदौलत ही बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ, प्रिवी पर्स की समाप्ति और साथ ही बासगीत पर्चा जैसे कानून बना।
वही अनिल कुमार महतो ने कहा कि हमें गर्व है कि हमारी पार्टी के साथियों ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में देश की आजादी के लिए हजारों की संख्या में अपनी कुर्बानी दी और अंग्रेजी हुकूमत को नाक में दम कर दिया था।
उन्होंने राष्ट्रवादी साम्यवादी शहीदों पर चलाए गए पेशावर षड्यंत्र केस (1922),कानपुर षड्यंत्र केस (1924 )और मेरठ षड्यंत्र केस (1929- 33)का हवाला देते हुए कहा कि हमारी पार्टी का इतिहास लड़ने और कुर्बानी देने का इतिहास रहा है और सीपीआई वर्तमान की मोदी के नेतृत्व की कॉर्पोरेट घराने की सरकार से भारत की सभी सरकारी उपक्रमों और संपदाओं को बचाने के लिए संघर्षरत है।
वहीं किसान नेता रामबालक महतो ने कहा कि वर्तमान की बिजनेसमैन की सरकार हमारे संघर्षों और कुर्बानियों के बदौलत बने कानून को लगातार ध्वस्त करती जा रही है। चाहे मनरेगा का नाम बदलने की बात हो,चाहे मजदूरों के हित में बने 44 श्रम कानूनो को रद्द करने या फिर जबरदस्ती विद्यार्थियों पर नई शिक्षा नीति 2020 को थोपने सहित काम के समय सीमा 8 घंटे को बढ़ाने जैसे तानाशाही रवैया का शिकार पुरे देश की आम आवाम हो रही है। इस सरकार में देश के किसान, मजदूर,छात्र, नौजवान सभी शोषण के शिकार हो रहे हैं।
उन्होंने मौजूद कार्यकर्ता से कार्ल मार्क्स के नारे " दुनिया के मजदूर एक हो जाओ" को आत्मसात करने की अपील किया।
अंत में मौजूद कार्यकर्ताओं ने अपना अपना वार्षिक नवीकरण कराया और सर्वहारा वर्ग की सरकार के कामना के साथ सभा का स्थगन किया।
सभा को रामबदन ठाकुर, रामबालक महतो,एआईएसएफ संयुक्त सचिव अभिषेक आनंद, रुमल यादव, अविनाश कुमार पिंटू,अशोक शाह, कुमार गौरव, वार्ड पार्षद लक्ष्मण पासवान, सरपंच राम उदगार, अमरनाथ भारती,जावेद आलम,रामचंद्र यादव, सहदेव महतो, मो. निसार,सुधीर मिश्र,घूरनी देवी, पृथ्वी पासवान सहित कई साथियों ने संबोधित किया!