01/09/2026
विकास या फिर विनाश !
केदारनाथ रोपवे निर्माण से हिमालय के संवेदनशील पहाड़ों पर भारी खुदाई और पेड़ कटने के कारण भूस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ जाएगा। इसके अलावा अचानक अत्यधिक भीड़ बढ़ने से घाटी में कचरा, सीवेज और प्रदूषण का भारी दबाव बनेगा, जिससे स्थानीय पर्यावरण को गहरा नुकसान होगा। साथ ही पैदल मार्ग पर चलने वाले घोड़ा-खच्चर, डंडी-कंडी संचालकों और छोटे ढाबों-होमस्टे के स्थानीय रोजगार पर भी सीधा बुरा असर पड़ेगा।