30/01/2026
🌺 केमोखर हनुमान मंदिर 🌺
यह सिर्फ एक मंदिर नहीं…
यह हमारी आस्था, हमारी संस्कृति और हमारे जीवनधार का प्रतीक है।
चंबल के बीहड़ों की पावन भूमि पर स्थित यह मंदिर वर्षों से दयनीय स्थिति में रहा है।
पिछले 10–15 वर्षों से यहाँ एक तपस्वी साधु – उर्दी बाबा निरंतर सेवा में लगे हुए हैं।
जब बाबा यहाँ आए थे, तब मंदिर बेहद जर्जर हालत में था।
आज भी मंदिर की स्थिति चिंताजनक है…
▪️ चूने-पत्थर और मिट्टी की दीवारें बारिश में गिरने लगती हैं
▪️ छत पर लगे तिन के पत्ते गर्मियों में तपते हैं
▪️ सर्दियों में यहाँ ठंड असहनीय हो जाती है
यह सब हमें याद दिलाता है कि इस पावन स्थल को संरक्षण और पुनर्निर्माण की कितनी आवश्यकता है।
🙏 उर्दी बाबा का समर्पण
बाबा की निस्वार्थ देखरेख से मंदिर में धीरे-धीरे सुधार हुआ है।
उन्होंने साफ-सफाई करवाई, दीप-प्रकाश की व्यवस्था की और मंदिर को सुंदर बनाने का निरंतर प्रयास किया।
इतना ही नहीं—
🐦 पक्षियों के लिए दाना-पानी
🐾 छोटे जीव-जंतुओं की देखभाल
यह सब बाबा की करुणा और सेवा-भाव को दर्शाता है।
उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है।
✨ मंदिर की अनोखी विशेषता
यहाँ एक साथ विराजमान हैं –
🔸 जाम्बवंत जी
🔸 हनुमान जी
बहुत कम स्थानों पर यह अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
यह हमें सिखाता है कि शक्ति और बुद्धि जब साथ आती हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है।
🌼 अब हमारी बारी है
इस पावन मंदिर को सुरक्षित और भव्य बनाने के लिए आपका सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
आपका हर छोटा-सा योगदान—
▪️ पुनर्निर्माण
▪️ रख-रखाव
▪️ आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षण
में बड़ा बदलाव ला सकता है।
केमोखर हनुमान मंदिर सिर्फ एक स्थान नहीं…
यह एक अनुभव है।
यहाँ बैठकर ध्यान करने से हम न केवल ईश्वर के करीब आते हैं,
बल्कि अपने संस्कारों, मूल्यों और जीवनधार से भी जुड़ते हैं।
🙏 आइए…
इस पावन स्थल पर आएँ
अपनी आत्मा को शुद्ध करें
और मंदिर के पुनर्निर्माण में अपना योगदान दें।
क्योंकि यह मंदिर सिर्फ ईश्वर का निवास नहीं…
बल्कि हमारी संस्कृति, हमारी आस्था और भविष्य की प्रेरणा है।
🌺 आपके सहयोग से यह मंदिर फिर से भक्ति, सेवा और सहयोग का जीवंत प्रतीक बनेगा। 🌺
यह सिर्फ एक मंदिर नहीं…
यह हमारी आस्था, हमारी संस्कृति और हमारे जीवनधार का प्रतीक है।
चंबल के बीहड़ों की पावन भूमि पर स्थित यह मंदिर वर्षों से दयनीय स्थिति में रहा है।
पिछले 10–15 वर्षों से यहाँ एक तपस्वी साधु – उर्दी बाबा निरंतर सेवा में लगे हुए हैं।
जब बाबा यहाँ आए थे, तब मंदिर बेहद जर्जर हालत में था।
आज भी मंदिर की स्थिति चिंताजनक है…
▪️ चूने-पत्थर और मिट्टी की दीवारें बारिश में गिरने लगती हैं
▪️ छत पर लगे तिन के पत्ते गर्मियों में तपते हैं
▪️ सर्दियों में यहाँ ठंड असहनीय हो जाती है
यह सब हमें याद दिलाता है कि इस पावन स्थल को संरक्षण और पुनर्निर्माण की कितनी आवश्यकता है।
🙏 उर्दी बाबा का समर्पण
बाबा की निस्वार्थ देखरेख से मंदिर में धीरे-धीरे सुधार हुआ है।
उन्होंने साफ-सफाई करवाई, दीप-प्रकाश की व्यवस्था की और मंदिर को सुंदर बनाने का निरंतर प्रयास किया।
इतना ही नहीं—
🐦 पक्षियों के लिए दाना-पानी
🐾 छोटे जीव-जंतुओं की देखभाल
यह सब बाबा की करुणा और सेवा-भाव को दर्शाता है।
उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है।
✨ मंदिर की अनोखी विशेषता
यहाँ एक साथ विराजमान हैं –
🔸 जाम्बवंत जी
🔸 हनुमान जी
बहुत कम स्थानों पर यह अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
यह हमें सिखाता है कि शक्ति और बुद्धि जब साथ आती हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है।
🌼 अब हमारी बारी है
इस पावन मंदिर को सुरक्षित और भव्य बनाने के लिए आपका सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
आपका हर छोटा-सा योगदान—
▪️ पुनर्निर्माण
▪️ रख-रखाव
▪️ आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षण
में बड़ा बदलाव ला सकता है।
केमोखर हनुमान मंदिर सिर्फ एक स्थान नहीं…
यह एक अनुभव है।
यहाँ बैठकर ध्यान करने से हम न केवल ईश्वर के करीब आते हैं,
बल्कि अपने संस्कारों, मूल्यों और जीवनधार से भी जुड़ते हैं।
🙏 आइए…
इस पावन स्थल पर आएँ
अपनी आत्मा को शुद्ध करें
और मंदिर के पुनर्निर्माण में अपना योगदान दें।
क्योंकि यह मंदिर सिर्फ ईश्वर का निवास नहीं…
बल्कि हमारी संस्कृति, हमारी आस्था और भविष्य की प्रेरणा है।
🌺 आपके सहयोग से यह मंदिर फिर से भक्ति, सेवा और सहयोग का जीवंत प्रतीक बनेगा। 🌺