31/08/2022
दमोह चलो दमोह चलो
मेरे प्रिय भाइयों बहनों एवं माताओं और बुजुर्गों...
दोस्तों आज यह एक ऐसा दौर चल रहा हैं जहाँ लोग सच और झूठ में फर्क नहीं कर पा रहें है, हमारा प्रदेश उस दौर से गुजर रहा है जहाँ बलात्कारी का जो भी इंसान विरोध कर रहा है, जो भी उसका पुतला फूंक रहा है उसकी एफआईआर की जा रहीं हैं। सागर जिले की बंडा तहसील के खजरा भेड़ा गांव में एक 13 साल की बच्ची के साथ 56 साल के अरुण मिश्रा ने बलात्कार किया तो उसके समर्थन में बड़े बड़े लोग उतर आए पर बेटी के लिए वो लोग खड़े नहीं हो रहे हैं। मेरे प्यारे भाइयों हमने इसी के विरोध में बलात्कारी अरुण मिश्रा का जबलपुर के पाटन में पुतला फूंका तो दमोह में ब्राम्हण समाज और हिन्दू संगठनों के लोग मुझ पर एफआईआर कराने दमोह एसपी ऑफिस पहुंच गए। अब निर्णय आप लोगों को करना है क्या मैं गलत हूँ या फिर वो 13 साल की बेटी हिन्दू नहीं है, जिसके इंसाफ के लिए अभी तक किसी हिन्दू संगठन या किसी ब्राह्मण ने एक ज्ञापन भी अरुण मिश्रा के खिलाफ नही दिया। क्या एक ज्ञापन ये लोग अरुण मिश्रा के खिलाफ नहीं दे सकते थे? मगर नहीं दिया। तो सवाल तो यही है कि क्यों नहीं दिया ? आज प्रदेश में एक कथावाचक किसी भी व्यक्ति को व्यास पीठ पर बैठकर मसलने कुचलने की बात करता है, उसके डीएनए पर सवाल खड़ा करता है क्या उसको ये अधिकार है ? वो व्यक्ति धर्म की आड़ में सार्वजनिक मंच से एक महिला को रड़वाल और गररानी जैसे अमर्यादित शब्दो का प्रयोग करता है जो सभी नारी जाति के स्वाभिमान पर ठेस पहुँची क्या ये सही है? क्या ऐसे व्यक्ति के लिए कोई कानून नहीं है जो सजा दे सकें ? प्रिय भाइयों सवाल तो सवाल हैं अब तय आपको करना है कि आप ऐसे लोगों के साथ खड़ें होंगे या बलात्कारी के विरोध में खड़े होंगे।
एकत्रीकरण- भीमराव अंबेडकर चौक दमोह
दिनांक- 3/9/2022
समय- 11 बजे
आपका अपना पुष्पेंद्र सेन
मो. 9669367427