23/09/2026
पन्ना कलेक्टर के खिलाफ हाईकोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट: अवमानना मामले में नोटिस का नहीं दिया जवाब, एसपी को 30 सितंबर को पेश करने के सख्त निर्देश!
जबलपुर/पन्ना (मध्यप्रदेश एक्सप्रेस ब्यूरो):
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। कोर्ट ने यह सख्त कदम नियमितीकरण से जुड़े एक अवमानना मामले में नोटिस का जवाब न देने और सुनवाई के दौरान उपस्थित न होने पर उठाया है। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने मामले में पन्ना एसपी निवेदिता नायडू को वारंट तामील कराने और कलेक्टर उषा परमार को 30 सितंबर को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला? 15 माह से लंबित था आदेश
हाईकोर्ट की फटकार और वारंट जारी होने के मुख्य बिंदु:
कर्मचारी के नियमितीकरण से जुड़ा विवाद: पन्ना कलेक्ट्रेट की पूर्व कर्मचारी जाविन आरी रिजवी (सेक्शन ऑफिसर पद से रिटायर्ड) ने नियमितीकरण की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
90 दिन में निर्णय लेने का था आदेश: अदालत ने 13 अगस्त को याचिका का निराकरण करते हुए पन्ना कलेक्टर को निर्देश दिया था कि 90 दिनों के भीतर कर्मचारी के अभ्यावेदन पर फैसला लिया जाए।
आदेश की अनदेखी और अवमानना: पन्ना कलेक्ट्रेट द्वारा निर्धारित समयसीमा में आदेश का पालन न किए जाने पर रिटायर्ड कर्मचारी ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की।
हाईकोर्ट की नाराजगी: अदालत द्वारा पूर्व में जारी किए गए नोटिस पर कलेक्टर की ओर से न तो कोई रिपोर्ट पेश की गई और न ही वे उपस्थित हुईं, जिसे कोर्ट ने बेहद गंभीर लापरवाही मानते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दे दिया।