18/06/2026
नर्मदा पुरम के 14 गौ रक्षों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई। यह मामला क्षेत्र में खासा चर्चित रहा, जिससे समुदाय के बीच टिप्पणी और प्रतिक्रिया का दौर लगातार जारी था। सजा सुनाने का कार्य वहाँ की कर्तव्यनिष्ठ न्यायाधीश एडीजे तबस्सुम खान ने किया, जिनकी धार्मिक पहचान मुस्लिम है। तबस्सुम खान के इस फैसले ने न्याय प्रणाली में किसी भी प्रकार की पक्षपात पर सख्ती से नज़र रखने का संकेत दिया। अदालत कक्ष में वातावरण गंभीर था, जहां न्याय की शांति महसूस की जा सकती थी। इस निर्णय ने लोगों के बीच एक नया विमर्श पैदा किया, जिसमें न्यायाधीश के धर्म के बावजूद निष्पक्षता को प्रमुखता दी गई। न्यायाधीश तबस्सुम खान ने अपनी धर्मनिरपेक्षता और कानून के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को इस फैसले के माध्यम से पुनः स्थापित किया, उनके इस कदम ने समाज में कानून की शक्ति और धर्मनिरपेक्षता का दर्पण तैयार किया।