03/03/2026
महाराजा हिरण्यकश्यप को “माफिया-गुंडा” जैसे शब्दों से जोड़कर प्रस्तुत करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है।
भारतीय इतिहास और परंपराओं में कई पात्रों के बारे में अलग-अलग दृष्टिकोण मिलते हैं, लेकिन किसी भी ऐतिहासिक या पौराणिक चरित्र के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग समाज में अनावश्यक विवाद और वैमनस्य पैदा करता है।
हिरण्यकश्यप एक शक्तिशाली और प्रसिद्ध राजा थे। इतिहास और पुराणों की व्याख्या अलग-अलग हो सकती है, परन्तु किसी भी महान व्यक्तित्व या परंपरा के प्रति सम्मानजनक भाषा का प्रयोग होना चाहिए।
हम सभी को चाहिए कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पात्रों के बारे में बोलते समय संयम और सम्मान बनाए रखें, ताकि समाज में सद्भाव और सकारात्मक संवाद कायम रह सके।
MYogiAdityanath Narendra Modi Dr.Sanjay Kumar Nishad