30/03/2022
सलखुआ सहरसा.
संवाददाता :- वशिष्ट नारायण.
सलखुआ में कौशल युवा कार्यक्रम के तहत खोले गए सेंटर रहता है बराबर बंद दूरदराज से आए छात्र को बैरन वापस जाने पर हो रहा विवस। सेंट्रल चालक के मनमानी से सरकार सरकार द्वारा किए जा रहे झांसी का हो रहा दुरुपयोग। सोमवार को भी सेंटर में ताला झूलता हुआ देख शिक्षा ग्रहण करने आए छात्र-छात्राओं को परेशानी बढ़ी उसने वीडियो को इसकी सूचना दी वीडियो फौरन सेंटर पर पहुंच लिया जायजा एवं फोन पर संचालक से बातचीत कर सेंटर बंद रहने को लेकर उसे फटकार लगाई । बीडीओ ने संचालक से 2 दिन के अंदर स्पष्टीकरण की मांग की।
एक तरफ बिहार सरकार ने बेरोजगार युवाओं को रोजगार के साधनों से जोड़ने के लिए बिहार स्किल डेवलपमेंट मिसन (कौशल युवा कार्यक्रम) ट्रेनिंग सेंटर की बिहार में शुरुआत की है। इस स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग सेंटर में इंटर पास करने के बाद छात्र छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु व बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए कौशल विकास योजना के तहत ट्रेनिंग दी जा रही है। जिसमें कोर्ष की अवधि 3 माह होती है जिसके तहत बीएस सीसीएस (बिहार स्टेट सर्टिफिकेट इन कम्युनिकेशन स्किल,) बीएस -सीआईटी (बिहार स्टेट सर्टिफिकेट इन इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी), बीएस-सीएसएस( बिहार स्टेट सर्टिफिकेट इन सॉफ्ट स्किल्स) कोर्स के तहत कंप्यूटर की तकनीकी शिक्षा का प्रशिक्षण दिये जाने हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हे सर्टिफिकेट भी दिया जाता है ताकि छात्र आत्मनिर्भर हो अपने कौशल के अनुसार रोजगार प्राप्त कर सके।
लेकिन सरकार की इन योजना को सलखुआ प्रखंड में स्थापित कौशल युवा कार्यक्रम ठेंगा दिखाने का काम कर रहा है। ताज्जुब की बात है कि ना ही यहां पर एक भी बेहतर व कुशल शिक्षक है और ना ही यहां पर सही समय पर सेंटर का संचालन होता है। जबकि कोरोना काल में 2 वर्षों तक सेंटर बंद रहने के बाद जबसे सेंटर खुली है तब से यहां पर छात्रों के प्रशिक्षण के लिए ना ही छात्रों के अनुरूप कंप्यूटर है और ना ही योग्य शिक्षक है। इस सेंटर की स्थिति काफी दयनीय वह चिंतनीय है। कलास करने आये छात्रों ने कहा की यहां 3 शिक्षक कार्यरत है लेकिन शिक्षक सेंटर चलाने में अपनी मनमानी करते हैं और जब चाहा तब खोलते हैं और जब चाहा तो बन्द करते हैं जिसके कारण ज़्यादातर सेंटर पर आकर बिना क्लास किये लौटना पड़ता है। वहीं सोमवार को क्लास करने आये दूर दराज से विभिन्न गाँव के छात्र-छात्राओं ने कड़ी धूप में निर्धारित समय अनुसार 10 बजे 20 से 25 छात्र क्लास करने बीएसडीएम सेंटर पहुँचे। लेकिन हैरत की बात है 12 बजे तक इंतजार के बाबजूद सेंटर में ताला लटका रहा और एक भी शिक्षक नहीं पहुँचे। सेंटर पहुँचे बच्चों द्वारा फ़ोन से इसकी सूचना मिलते ही बीडीओ नुजहत सुल्ताना सलखुआ प्रखंड परिसर स्थित बीएसडीएम सेंटर पहुँची तो सेंटर में ताला लटका मिला और बच्चे कड़ी धूप में सेंटर खुलने का इंतजार करते दिखे। बीडीओ को छात्रों ने अपनी व्यथा सुनाई। बीडीओ ने कहा कि यह संचालक की बड़ी लापरवाही है। जहां सरकार बच्चों की शिक्षा को लेकर लाखों खर्च कर रही है बच्चे तकनीकी शिक्षा पाकर अपना भविष्य सवार सकें लेकिन इन संचालक की लापरवाही के कारण अच्छी शिक्षा तो दूर बच्चों के लिए इनका भविष्य अंधकारमय साबित हो रहा है। वहीं प्रखंड के विभिन्न पंचायत व दूर दराज से करि धूप में आयी छात्राओं में रोशनी कुमारी, हेमा कुमारी, प्रेमा कुमारी, स्वेता कुमारी, शिवानी कुमारी, रिंकी कुमारी, प्रतिभा कुमारी, पल्लवि कुमारी, कोमल कुमार, करिश्मा कुमारी, अर्चना कुमारी, अंजलि कुमारी, जुली कुमारी, मौसम कुमारी, काजल कुमारी ने बीडीओ से सेंटर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने में हो रही कंप्यूटर सिस्टम की असुविधा के बारे में बताया और साथ ही कहा कि सुयोग्य शिक्षक की कमी है। बीडीओ ने छात्राओं को आश्वासन देते हुए कहा कि सेंटर खुलने पर जांच कर इस समस्या से निजात दिलाया जाएगा और इस लापरवाही के लिए विभाग को सूचित कर कार्रवाई की जाएगी।