Siraj Alam

Siraj Alam प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी
बिहार सरकार

एक दुकानदार अब्दुर्रहमान ने अभी अपनी दुकान खोली ही थी कि एक औरत आई और बोली —“भाई साहब, ये लीजिए आपके दस रुपए।”अब्दुर्रहम...
26/10/2025

एक दुकानदार अब्दुर्रहमान ने अभी अपनी दुकान खोली ही थी कि एक औरत आई और बोली —

“भाई साहब, ये लीजिए आपके दस रुपए।”

अब्दुर्रहमान ने हैरानी से औरत की तरफ देखा, जैसे पूछ रहा हो —
“मैंने तुम्हें दस रुपए कब दिए थे?”

औरत बोली —
“कल शाम मैंने आपसे कुछ सामान खरीदा था। मैंने आपको सौ रुपए दिए थे।
सामान सत्तर रुपए का था, और आपने मुझे चालीस रुपए वापस दिए,
जबकि देने तीस रुपए थे।”

अब्दुर्रहमान ने वो दस रुपए अपनी पेशानी से लगाए,
पैसे के डिब्बे में रखे और बोले —
“बहन, एक बात बताओ, सामान लेते वक़्त तुमने हर पाँच रुपए पर मुझसे खूब मोलभाव किया,
और अब सिर्फ दस रुपए लौटाने के लिए इतनी दूर चली आईं?”

औरत ने कहा —
“मोलभाव मेरा हक़ है, मगर जब एक कीमत तय हो जाए,
तो कम देना गुनाह है।”

अब्दुर्रहमान ने कहा —
“लेकिन तुमने कम नहीं दिया, पूरे पैसे दिए।
ये दस रुपए मेरी गलती से तुम्हारे पास गए।
अगर तुम रख लेतीं तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।”

औरत ने जवाब दिया —
“शायद आपको फर्क न पड़ता,
लेकिन मेरे ज़मीर पर बोझ रहता।
मुझे पता होता कि मैंने किसी का हक़ जानबूझकर रखा है।
इसीलिए मैं कल रात ही लौटाने आई थी,
मगर आपकी दुकान बंद थी।”

अब्दुर्रहमान ने हैरान होकर पूछा —
“तुम कहाँ रहती हो?”
औरत बोली —
7 किलो मीटर दूर

अब्दुर्रहमान के मुँह से हैरानी से निकला —
“सात किलोमीटर का फासला तय करके सिर्फ दस रुपए लौटाने आई हो?
और ये तुम्हारा दूसरा चक्कर है?”

औरत ने सुकून से कहा —
“जी हाँ, दूसरी बार आई हूँ।
अगर सुकून-ए-दिल चाहिए तो ऐसे ही काम करने पड़ते हैं।
मेरे शौहर अब दुनिया में नहीं हैं,
मगर वो हमेशा कहा करते थे —
‘कभी किसी का एक पैसा भी नाहक मत रखना।’

क्योंकि इंसान तो खामोश रह सकता है,
मगर अल्लाह पाक कभी भी हिसाब ले सकता है।
और उस हिसाब की सज़ा मेरे साथ मेरे बच्चों को भी भुगतनी पड़ सकती है।”

ये कहकर औरत चली गई।

अब्दुर्रहमान ने फौरन कैश बॉक्स से 300 रुपए निकाले,
अपने मुलाज़िम से कहा —
“दुकान का ख़याल रखना, मैं अभी आता हूँ।”

वो पास ही एक और दुकानदार फ़राज़ के पास गया और बोला —
“ये लो तुम्हारे 300 रुपए,
कल जब तुम सामान लेने आए थे,
मैंने तुमसे ज़्यादा पैसे ले लिए थे।”

फ़राज़ हँसकर बोला —
“अगर ज़्यादा ले लिए थे तो वापस कर देते जब मैं दुबारा आता।
इतनी सुबह-सुबह आने की क्या ज़रूरत थी?”

अब्दुर्रहमान ने कहा —
“अगर मैं तुम्हारे आने से पहले मर गया तो?
तुम्हें तो पता भी न चलता कि तुम्हारे पैसे मेरे पास हैं।
इसीलिए लौटाने आ गया।
कभी नहीं पता कि अल्लाह पाक कब हिसाब ले ले,
और सज़ा मेरे बच्चों को न भुगतनी पड़े।”

ये सुनकर फ़राज़ खामोश हो गया।
उसके दिल में एक पुराना ज़ख्म जाग उठा —
दस साल पहले उसने अपने दोस्त काशिफ़ से तीन लाख रुपए क़र्ज़ लिए थे।
अगले दिन ही काशिफ़ का इंतक़ाल हो गया।

काशिफ़ के घरवालों को उस क़र्ज़ का पता नहीं था,
तो किसी ने तकाज़ा नहीं किया।
लालच में आकर फ़राज़ ने भी कभी खुद नहीं लौटाया।
आज काशिफ़ का घराना ग़रीबी में जी रहा था,
बीवी घरों में काम करके बच्चों को पाल रही थी,
और फ़राज़ उनका हक़ दबाए बैठा था।

अब्दुर्रहमान के अल्फ़ाज़ — “अल्लाह पाक किसी भी वक़्त हिसाब ले सकता है”
फ़राज़ के दिल और दिमाग़ में गूंजने लगे।

दो-तीन दिन की बेचैनी के बाद
फ़राज़ का ज़मीर जाग उठा।
उसने बैंक से तीन लाख रुपए निकाले
और अपने दोस्त के घर गया।
काशिफ़ की बीवी अपने बच्चों के साथ बैठी थी।
फ़राज़ ने उसके क़दमों में गिरकर माफ़ी मांगी।
तीन लाख रुपए उसके लिए बहुत बड़ी रकम थी,
उसकी आँखों से आँसू बहने लगे,
और उसने फ़राज़ को दुआएँ दीं।

वो वही औरत थी
जो दस रुपए लौटाने दो बार दुकानदार के पास गई थी।

जो लोग ईमानदारी और मेहनत से जीते हैं,
अल्लाह पाक उनका इम्तिहान ज़रूर लेता है,
मगर कभी छोड़ता नहीं।
एक दिन उनकी दुआ ज़रूर क़बूल होती है।

अल्लाह पाक पर यक़ीन रखो।

“ईमानदारी, ईमान का हिस्सा है,
और नाहक माल इंसान के रिज़्क़ से बरकत छीन लेता है।” 🌿

 #बिहार_विधानसभा_चुनाव_2025
06/10/2025

#बिहार_विधानसभा_चुनाव_2025

13/09/2025

*तारीख़ की कमज़ोर तरीन नस्ल।*

वो नस्ल जो सन 2000 के बाद पैदा हुई।
आज 23, 24 साल की उमर में है
मगर ये इंसानी तारीख़ की सबसे कमज़ोर, नातवां और नफ़्सियाती दबाव का शिकार नस्ल हो चुकी है।

*जिस्मानी तौर पर लाचार..*
*ज़ेहनी तौर पर मुन्तशिर..*
*और जिसकी तरबियत सोशल मीडिया के ज़रिए हुई है,*
*ना कि बुज़ुर्गों से।*

हर वक़्त *मोबाइल फ़ोन, स्क्रीन, व्हाट्सऐप, फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम...*
नतीजा?
गरदन में ख़म
आँखों में कमज़ोरी
जिस्म में ताक़त की कमी
रिश्तों में बर्दाश्त की अदम मौजूदगी
और सफ़र जज़्बाती ज़हानत (EQ)।

ये वो नस्ल है जो पाँच किलोमीटर पैदल नहीं चल सकती,
धूप में आधा घंटा खड़े होकर गुज़ार नहीं सकती,
छोटा सा इख़्तिलाफ़ हो तो *ब्लॉक, अनफ़ॉलो और रिश्ता ख़त्म।*

सब कुछ फ़ौरी चाहिए।
*सब्र (0)जीरो I*
*ग़ुस्सा 100%।*

जिन्हें ना तहज़ीब, ना ज़बान, ना मक़सद, ना ग़ैरत और ना ही ईमान की फ़िक्र है।
और ज़रा सोचो,
अगर इस क़ौम पर कभी *ग़ज़्ज़ा, शाम, इराक़ या यमन* जैसी आज़माइश आ गई...
तो क्या ये नस्ल ज़िंदा रह सकेगी?
लकड़ी से आग जलाना तो दूर,
उन्हें मशरिक़ और मग़रिब का फ़र्क़ भी नहीं पता,
ये सर्वाइवल तो छोड़ो, सोशल मीडिया डाउन हो जाए तो पागल हो जाते हैं!

अभी वक़्त है बेदारी का,
अपनी नस्लों को बचाओ।

उन्हें *क़ुरआन, सीरत, ग़ैरत, हया, क़ुर्बानी और जद्द-ओ-जहद* सिखाओ।
मक़सद दो, वरना ये दुनिया उन्हें गुमराह कर देगी।

*तारीख की कमजोर तरीन नस्ल आज के मुस्लिम बच्चे।*

अल्लाह तआला इस कौम की नस्लों को हिदायत दे अल्लाह करीम हमारी नस्लों को बेदार करें।
आमीन या रब

सहकारिता प्रशिक्षण केन्द्र , पूसा (समस्तीपुर) में 3 माह क़ा आवासीय विभागीय प्रशिक्षण सफलतापूवर्क पूर्ण करने के उपरांत सर...
17/09/2024

सहकारिता प्रशिक्षण केन्द्र , पूसा (समस्तीपुर) में 3 माह क़ा आवासीय विभागीय प्रशिक्षण सफलतापूवर्क पूर्ण करने के उपरांत सर्टिफिकेट प्राप्त करते हुए। साथ मे सभी सहकर्मी सहकारिता पदाधिकारीगण।

दोनों एक ही पेड़ पर एक साथ में एक ही डाल पर लगे हैं लेकिन एक पक गया है और दूसरे में अभी और वक्त लगेगा कुदरत हमें इससे ये...
05/03/2024

दोनों एक ही पेड़ पर एक साथ में एक ही डाल पर लगे हैं लेकिन एक पक गया है और दूसरे में अभी और वक्त लगेगा

कुदरत हमें इससे ये सबक सिखा रही है कि अगर हमारे साथ वाले को सफलता मिल गई है और हमें सफलता नहीं मिली है इसका ये मतलब नहीं कि हम नाकामयाब हैं बल्कि अभी हमारा सही वक्त नहीं आया है..!

सब्र करें और ईमानदारी से अपनी मेहनत जारी रखें। याद रखें , ईमानदारी से किया गया मेहनत कभी व्यर्थ नही जाता।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित  #इंटरमीडिएट_परीक्षा 2024 में  #स्टैटिक_मजिस्ट्रेट की ड्यूटी करते हुए।
01/02/2024

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित #इंटरमीडिएट_परीक्षा 2024 में #स्टैटिक_मजिस्ट्रेट की ड्यूटी करते हुए।

 #मजिस्ट्रेट_ड्यूटी @दिवाली & काली पूजा
12/11/2023

#मजिस्ट्रेट_ड्यूटी
@दिवाली & काली पूजा

नेपाली बल्लेबाज दीपेंद्र सिंह ने 9 गेंद में 8 छक्कों के साथ फिफ्टी जड़कर युवराज सिंह के सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड तोड़ ...
27/09/2023

नेपाली बल्लेबाज दीपेंद्र सिंह ने 9 गेंद में 8 छक्कों के साथ फिफ्टी जड़कर युवराज सिंह के सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 2007 के T20I वर्ल्ड कप में जब इंग्लैंड के खिलाफ युवराज सिंह ने 12 गेंद पर फिफ्टी मार दी थी, तो यह रिकॉर्ड टूटना असंभव सा लगा था। कई खिलाड़ियों ने कोशिश तो की, लेकिन इस रिकॉर्ड को तोड़ नहीं पाए। पर करीब 14 साल बाद इस रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया गया है। दीपेंद्र सिंह का नाम याद रख लीजिए, क्योंकि 27 सितंबर को इस खिलाड़ी ने ऐसा रिकॉर्ड बना दिया, जो क्रिकेट इतिहास में कभी टूट नहीं सकता। एशियन गेम्स में मंगोलिया के खिलाफ मैच में दीपेंद्र सिंह ने सिर्फ 9 गेंदों में फिफ्टी जड़ दी, जिसमें 8 छक्के शामिल रहे। क्रिकेट के खेल में इससे कम गेंद पर यह कारनामा संभव भी नहीं है। दीपेंद्र 10 गेंद पर 52 रन बनाकर नाबाद लौटे।

इस मैच में सिर्फ एक यही नहीं, बल्कि कई और रिकॉर्ड भी बने। नेपाल के बल्लेबाज कुशल मल्ला ने केवल 34 गेंद पर सेंचुरी जड़ दी। यह T20I क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज शतक है। इससे पहले यह रिकॉर्ड भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज डेविड मिलर के नाम था। दोनों ने 35-35 गेंद पर सेंचुरी लगाई थी। मल्ला ने मैच में 50 गेंद पर 137 रन की पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 12 छक्के शामिल रहे। मैच में नेपाल की टीम ने T20I क्रिकेट का सबसे बड़ा स्कोर बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। नेपाल ने निर्धारित 20 ओवर में 3 विकेट खोकर 314 रन बना दिए। T20I क्रिकेट में ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी टीम ने 300 या उससे ज्यादा रन बनाए हैं। नेपाल से पहले कोई टीम ऐसा नहीं कर सकी थी।

नेपाल के 314 रनों के जवाब में मंगोलिया की टीम 13.1 ओवर में केवल 41 रन बनाकर सिमट गई। यानी नेपाल ने इस मैच को 273 रनों के अंतर से जीत लिया। T20I क्रिकेट इतिहास में रनों के लिहाज से यह किसी टीम की सबसे बड़ी जीत है। एक और रिकॉर्ड के बारे में बताएं, तो नेपाल ने इस मैच में कुल 26 छक्के लगाए। इससे पहले सबसे ज्यादा छक्के उड़ाने का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज और अफगानिस्तान के नाम था। दोनों टीमों ने एक मैच में 22-22 सिक्स लगाए थे। दीपेंद्र सिंह का रिकॉर्ड क्रिकेट के इतिहास में कभी नहीं टूट सकता। 9 गेंद पर अर्धशतक जड़कर कोई बल्लेबाज उनकी बराबरी जरूर कर सकता है, लेकिन उनसे तेज यह कारनामा नहीं कर सकता। अगर गेंदबाज नो बॉल पर छक्के खाए, तो फिर अलग बात है। Lekhanbaji के साथ दीपेंद्र सिंह को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दीजिए और साथ ही यह भी बताइए कि उनका रिकॉर्ड बराबर करने की क्षमता फिलहाल किस बल्लेबाज में है? 🌻

" जन संवाद कार्यक्रम " की एक झलक     सहकारिता विभाग
23/09/2023

" जन संवाद कार्यक्रम " की एक झलक
सहकारिता विभाग

20/09/2023

BNMU स्नातक पार्ट 3 सत्र 2020-23 कला संकाय का रिजल्ट ऑफलाइन PDF द्वारा जारी कर दिया गया है।

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