26/08/2026
9 मई 2020 की वह रात, जब देश ने दूसरी बार फिर दिए मोमबत्ती जलाए गए
ड्राइवर समाज की एकता के लिए और माननीय प्रधान मंत्री जी को यह याद दिलाने के लिए
कोरोना में ड्राइवर भाइयों का भी योगदान रहा और उन्हें आपने धन्यवाद नहीं दिया इसलिए
कोरोना काल में माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर रात 9 बजे, 9 मिनट तक देशवासियों ने दिए, मोमबत्ती और टॉर्च जलाकर कोरोना के खिलाफ संघर्ष कर रहे डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्यकर्मी, सफाई कर्मचारी, पुलिस, प्रशासन और तमाम कोरोना योद्धाओं के सम्मान में एकजुटता दिखाई थी। उन्हें देश ने कोरोना योद्धा कहा और सम्मान दिया।
लेकिन उस कठिन समय में देश के लगभग 19 करोड़ चालक भाई भी अपनी जान जोखिम में डालकर सड़कों पर डटे हुए थे। आवश्यक सामान, दवाइयाँ और दूसरी जरूरी सेवाएँ पहुँचाने वाले इन चालकों को वह सम्मान और याद नहीं किया गया जिसके वे हकदार थे।
इसी बात को देश के सामने रखने के लिए मैं, नीरज कुमार,ने मुहिम छेड़ी शोशल मिडिया के माध्यम से लगातार अपनी आवाज़ उठाता रहा। लाइव के माध्यम से अपनी बात रखी, देश लग भग 50 संगठनों और चालक भाइयों से समर्थन किया
इसके बाद देशभर में चालक भाइयों ने दिए, मोमबत्तियाँ और टॉर्च जलाकर अपनी एकता और अपने योगदान को याद दिलाया। यह सिर्फ रोशनी नहीं थी, बल्कि उन करोड़ों चालक भाइयों की आवाज़ थी जो कोरोना काल में भी अपने कर्तव्य पर डटे रहे।
और फिर देश के माननीय प्रधानमंत्री जी को ड्राइवर याद आया और ड्राइवर को सम्मान दिया गया। 🙏
हमारा उद्देश्य किसी का विरोध करना नहीं, था बल्कि चालक समाज के सम्मान, अधिकार और अपनी बात रखने के संवैधानिक अधिकार को सामने रखना था । संविधान का अनुच्छेद 19 नागरिकों को अपनी बात रखने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है।
तो सवाल उठना स्वाभाविक है
आप बताएं क्या जो सवाल अब शोशल मिडिया पर मेरे द्वारा उठाए गए हैं गलत या असवैधानिक हैं
जिससे किसी को तकलीफ हो रही होगी
🙏