28/09/2025
*प्राथमिक विद्यालय*
एक सामान्य जानकारी की पढ़ाई-लिखाई नाम का कुछ होता है
*मिडिल क्लास*
अच्छा ये, ये भी विषय होते हैं
*हाई स्कूल*
अच्छा ऐसा-ऐसा इतिहास भी होता है
*उच्च माध्यमिक विद्यालय*
नहीं, मुझे कुछ दूसरा करना है, अपनी पसंद से सब्जेक्ट लेकर पढ़ाई करूँगा
*महाविद्यालय*
घर में क्या करेंगे, चलो कॉलेज कर लेते हैं
*विश्वविद्यालय*
थोड़ा और पढ़ लेते हैं, क्या करेंगे घर में
वास्तव में देखा जाए तो यह सभी सामान्य नॉलेज है, और कुछ नहीं। इन सब से कुछ नहीं होता, सिर्फ़ पढ़ने का शौक पूरा होता है। दो-चार साल में भूल जाते हैं,
यहाँ तक कि सब्जेक्ट का नाम भी याद नहीं रहता।
यह वही लोग करते हैं, जिनको कोई करियर मार्गदर्शन नहीं मिलता।
वो जमाना नहीं रहा कि लोग केवल पढ़ने के लिए स्कूल जाते थे,
आज का जमाना कुछ अलग है।
आज की पढ़ाई का उद्देश्य है — पैसा कमाने लायक तक पहुँचना।
ये सब पढ़ने से सरकारी नौकरी नहीं लगती।
कब समझोगे? उसके लिए सही करियर मार्गदर्शन और सही पढ़ाई, कोचिंग, नौकरी की जानकारी, एक्स्ट्रा ज्ञान ज़रूरी होता है।
तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन वह है जो तुमसे पूछता है — क्या बनना चाहते हो?
तुम कहोगे, कलेक्टर, पुलिस। लेकिन वह सिर्फ़ सुन लेगा, नहीं बताएगा कि पुलिस कैसे बनते हैं, कलेक्टर कैसे बनते हैं।
दुश्मन है वह गुरुजी, जो 9 से 12 तक यह नहीं बताते कि नौकरी कैसे लगती है, Vacancy क्या होता है, कैसे फॉर्म भरते हैं, कैसे पेपर होता है।
वास्तव में यह गुरुजी सरकार के चमचे होते हैं,
जो केवल अपने बच्चों पर ध्यान देते हैं, स्कूल के बच्चों पर नहीं।
सरकार केवल आँकड़े के लिए आपको पढ़ा रही है।
क्योंकि नेताओं का भविष्य राजनीति में है, और उनका बच्चा होने वाला भावी राजकुमार।
आप किस्मत वाले हो जो यह जानकारी पढ़ रहे हो।
गुरुजी के होमवर्क से बाहर निकलो,
स्कूल की किताबों से बाहर निकलकर अपना अध्ययन करो,
एक्स्ट्रा ज्ञान जुटाओ।
तुम्हारा जीवन का उद्देश्य — अच्छा जीवन और पैसा कमाना हो।
✍️ योगेन्द्र कुमार धिरहे