30/08/2026
#जोनल स्तरीय #निरंकारी #इंग्लिश #संत समागम संपन्न
शीर्षक-सतगुरु के संदेशों को मानवता तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम अंग्रेजी भाषा का ज्ञान भी है- रामाकांत जी ゚viralシ #केएसआर ゚
समस्तीपुर(30 अगस्त 2026) तेजी से विकास करती दुनिया में जहां बड़े-बड़े प्रतिष्ठानों से लेकर छोटे से छोटे कार्यों के लिए अंग्रेजी भाषा का चलन तेजी से बढ़ रहा है यहां तक की चॉकलेट और बिस्कुट के पैकेटों पर भी अंग्रेजी भाषा में ही नाम लिखा रहता है पढ़ने लिखने वाले बच्चों एवं युवाओं के विकास का माध्यम है अंग्रेजी भाषा का ज्ञान ,तो वहीं विभिन्न भाषाओं वाले क्षेत्रों में सतगुरु माता सुदीक्षा जी के संदेशों को मानवता तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम अंग्रेजी भाषा का ज्ञान भी है उक्त विचार अपने प्रवचनों के माध्यम से उत्तर प्रदेश बांदा से आए प्रचारक महात्मा आदरणीय रमाकांत जी ने स्थानीय संत निरंकारी सत्संग भवन जूट मिल रोड में हुए जोनल स्तरीय निरंकारी इंग्लिश संत समागम में कहा।
आगे आपने भक्ति की प्रकाष्ठा पर प्रकाश डालते हुए कहा मानव जन्म और मृत्यु के बीच अपनी सांसारिक आवश्यकताओं की पूर्ति में ही लगा रहता है,नतीजा शवासों की लड़ी चलती चली जाती है,समय बीत जाता है ,मृत्यु समीप आ जाती है पर इंसान ब्रह्म का साक्षात्कार नहीं कर पाता।वास्तव में समय के सतगुरु से ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति से ही सभी भ्रमों का अंत संभव है। जो आज समय के सतगुरु माता सुदीक्षा जी महराज ब्रह्मज्ञान के माध्यम से सुलभ कर रही है। ब्रह्यज्ञान अति-उत्तम,अति-पावन अति-पवित्र,प्रत्यक्ष फल देने वाला मोक्ष की प्राप्ति का सरल व आसान उपाय है।ब्रह्मज्ञान से मनुष्य परमात्मा का साक्षात्कार कर सभी दुखों से मुक्त हो जाता है। ब्रह्मज्ञान प्राप्ति के बाद सभी भ्रम-भूलेखे ,भय संशय आदि समाप्त हो जाते हैं।ज्ञान का सूर्य उदय होने पर सही -गलत,अविनाशी और नश्वर का पता चल जाता है,आत्मा रोशन हो जाती है,कण- कण में परमात्मा का नूर दिखने लगता है,एकत्व व विश्व बंधुत्व की भावना स्वतः जागृत होने लगती है,यही भावना मानवीय मिलवर्तन का आधार बनता है।
समस्त कार्यक्रम का संचालन आदरणीय मुखी महात्मा राजेश कुमार जी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
अवसर पर मुजफ्फरपुर, रोसड़ा,दरभंगा ,शिवाजी नगर स्थानीय संत महात्माओं सहित राज किशोर जी, विनोद कुमार महाराज जी ,यमुना जी ,राम प्रकाश जी ,नन्देश्वर जी,मिथलेश जी, चन्देश्वर जी , बच्चा शर्मा जी ,राजू जी , प्रभाकर जी सहित सैकड़ो की संख्या में प्रभु-प्रेमी संत एवं सेवा दल के भाई- बहन उपस्थित रहे।अवसर पर विशाल लंगर का आयोजन हुआ।