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24/07/2026

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रेल मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav
बिहार में रेलवे अवसंरचना एवं नई रेल सेवाओं का विस्तार
प्रविष्टि तिथि: 24 JUL 2026 2:58PM by PIB Patna
रेल बजट: पिछले पांच वर्षों में बजट आवंटन में पर्याप्त वृद्धि हुई है। बिहार राज्य में पूर्णत:/अंशत: पड़ने वाली अवसंरचना संबंधी परियोजनाओं कार्यों के लिए बजट आवंटन निम्नानुसार है:

अवधि

परिव्यय

2009-14

1,132 करोड़ रुपए/वर्ष

2026-27

10,379 करोड़ रुपए (9 गुना से अधिक)

रेलपथ निर्माण

बिहार राज्य में पूर्णतः/अंशत: पड़ने वाले नए रेलपथ की कमीशनिंग/बिछाने के कार्यों का ब्यौरा निम्नानुसार हैं:

अवधि

कमीशन किए गए नए रेलपथ

नए रेलपथों की औसत कमीशनिंग

2009-14

318 कि.मी.

63.6 कि.मी./वर्ष

2014-26

2,034 कि.मी.

169.5 कि.मी./वर्ष (2.5 गुना से अधिक)

स्वीकृत परियोजनाएं

दिनांक 01.04.2026 की स्थिति के अनुसार, बिहार राज्य में पूर्णतः/अंशत: पड़ने वाली 96,651 करोड़ रुपए की लागत से 5,067 किलोमीटर कुल लंबाई की 59 परियोजनाओं (32 नई लाइन, 01 आमान परिवर्तन और 26 दोहरीकरण) को स्वीकृत किया गया है। इसका सार निम्नानुसार है:-

कोटि

स्वीकृत परियोजनाओं की संख्या

कुल लंबाई

(कि.मी. में)

मार्च, 2026 तक कमीशन की गई लंबाई (कि.मी. में)

मार्च, 2026 तक व्यय (करोड़ रु. में)

नई लाइन

32

2,616

533

14,806

आमान परिवर्तन

1

69

52

544

दोहरीकरण/मल्टीट्रैकिंग

26

2,382

465

14,509

कुल

59

5,067

1,050

29,860



हाल ही में पूरी हुई परियोजनाएं:



बिहार में पूर्णतः/अंशतः पड़ने वाली तथा हाल ही में पूरी हुई कुछ परियोजनाओं का विवरण निम्नानुसार है:

क्र.सं.

परियोजना

लागत

(करोड़ रु. में)

1

पटना ब्रिज (28 कि.मी.)

3,310

2

मुंगेर रेल सह सड़क पुल (15 कि.मी.)

3,040

3

कोसी पुल (22 कि.मी.)

863

4

दनियावां-बिहारशरीफ नई लाइन (38 कि.मी.)

354

5

चांदन -बांका नई लाइन (40 कि.मी.)

496

6

रामपुरहाट-मंदारहिल नई लाइन (130 कि.मी.)

908

7

महाराजगंज-मसरख नई लाइन (35 कि.मी.)

412

8

राजगीर-तिलैया और नटेसर-इस्लामपुर नई लाइन (67 कि.मी.)

726

9

जयनगर-नरकटियागंज आमान परिवर्तन (260 कि.मी.)

967

10

कप्तानगंज-छपरा आमान परिवर्तन (234 कि.मी.)

819

11

सकरी-निर्मली, सहरसा-फारबिसगंज गेज परिवर्तन (206 कि.मी.)

2,113

12

मानसी-सहरसा, सहरसा-पूर्णिया, बनमखी - बिहारीगंज आमान परिवर्तन

(169 कि.मी.)

752

13

साहिबगंज-पीरपैंती दोहरीकरण (23 कि.मी.)

129

14

महेशकुंट-थानाबिहपुर दोहरीकरण (32 कि.मी.)

115

15

हाजीपुर-रामदयालु नगर दोहरीकरण (48 कि.मी.)

367

16

पीरपैंती -भागलपुर दोहरीकरण (51 कि.मी.)

493

17

किऊल -गया दोहरीकरण (124 कि.मी.)

2,462

18

हाजीपुर-बछवाड़ा दोहरीकरण (72 कि.मी.)

930

19

अररिया-गलगलिया (ठाकुरगंज) नई लाइन (110 कि.मी.)

2,132

20

समस्तीपुर-दरभंगा दोहरीकरण (38 कि.मी.)

874

जारी परियोजनाएं:

बिहार राज्य में रेल अवसंरचना को और बेहतर बनाने के लिए निम्नलिखित कार्यों को शुरू किया गया है:-

क्र.सं.

परियोजना

लागत (करोड़ रु. में)

1

सकरी - हसनपुर नई लाइन (76 कि.मी.)

802

2

फतुहा - इस्लामपुर नई लाइन (167 कि.मी.)

3,158

3

कोडरमा - तिलैया नई लाइन (65 कि.मी.)

2,287

4

हाजीपुर - सगौली नई लाइन (151 कि.मी.)

2,820

5

अररिया - सुपौल नई लाइन (96 कि.मी.)

2,170

6

कुर्सेला - बिहारीगंज नई लाइन (58 कि.मी.)

194

7

पीरपैंती - जसीडीह नई लाइन (97 कि.मी.)

2,700

8

छितौनी - तुमकुही रोड नई लाइन (59 कि.मी.)

1,881

9

जलालगढ़ - किशनगंज नई लाइन (51 कि.मी.)

407

10

सीतामढ़ी - निर्मली नई लाइन (189 कि.मी.)

2,833

11

बिहटा - औरंगाबाद नई लाइन (120 कि.मी.)

3,606

12

गया - चतरा और गया - नटेसर नई लाइन (135 कि.मी.)

4,543

13

सुल्तानगंज - कटुरिया नई लाइन (77 कि.मी.)

291

14

जयनगर - बिजलपुरा गेज परिवर्तन (69 कि.मी.)

900

15

धनबाद - सोननगर तीसरी लाइन (291 कि.मी.)

7,906

16

सगौली - वाल्मीकिनगर दोहरीकरण (110 कि.मी.)

1,456

17

मुजफ्फरपुर - सुगौली दोहरीकरण (101 कि.मी.)

1,745

18

बरौनी - बछवाड़ा तीसरी और चौथी लाइन (32 कि.मी.)

486

19

नरकटियागंज - दरभंगा, सीतामढ़ी - मुजफ्फरपुर दोहरीकरण (256 कि.मी.)

4,080

20

छपरा-बलिया पैच दोहरीकरण (65 कि.मी.)

1,046

21

कटिहार - कुमेदपुर और कटिहार - मुकुरिया दोहरीकरण
(65 कि.मी.)

943

22

सोन नगर - अंडाल मल्टीट्रैकिंग (749 कि.मी.)

12,334

23

पुनारख - बख्तियारपुर नई चौथी लाइन और बाकी तीसरी लाइन (28 कि.मी.)

422

24

अलुआबाड़ी रोड - ठाकुरगंज दोहरीकरण (20 कि.मी.)

327

25

भागलपुर - जमालपुर तीसरी लाइन (53 कि.मी.)

1,156

26

भागलपुर – दुमका - रामपुरहाट दोहरीकरण (177 कि.मी.)

3,169

27

बख्तियारपुर – राजगीर - तिलैया दोहरीकरण (104 कि.मी.)

2,192

28

बख्तियारपुर - फतुहा तीसरी और चौथी लाइन (24 कि.मी.)

931

29

-किऊल तीसरी और चौथी लाइन (50 कि.मी.)

2,668

30

किउल - झाझा तीसरी लाइन (54 कि.मी.)

962

31

मानसी - सहरसा दोहरीकरण (44 कि.मी.)

499

रेल परियोजना/परियोजनाओं का पूरा होना कई कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

• राज्य सरकारों द्वारा भूमि अधिग्रहण

• वानिकी स्वीकृति

• अतिलंघनकारी जनोपयोगी सेवाओं का स्थानांतरण

• विभिन्न प्राधिकरणों से सांविधिक स्वीकृतियाँ

• क्षेत्र की भूवैज्ञानिक और स्थलाकृतिक परिस्थितियाँ

• परियोजना स्थल के क्षेत्र में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति

• परियोजना स्थल विशेष के लिए एक वर्ष में कार्य करने के महीनों की संख्या आदि।



ये सभी कारक परियोजना/परियोजनाओं के समापन समय और लागत को प्रभावित करते हैं।

विद्युतीकरण:

भारतीय रेल में रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण मिशन मोड में शुरू किया गया है। अब तक, बड़ी लाइन नेटवर्क का लगभग 99.6% विद्युतीकृत किया जा चुका है। शेष नेटवर्क में विद्युतीकरण कार्य शुरू हो गया है। वर्ष 2014-26 के दौरान और वर्ष 2014 से पहले किए गए विद्युतीकरण का ब्यौरा निम्नानुसार है:

अवधि

मार्ग किलोमीटर

2014 से पहले (लगभग 60 वर्ष)

21,801

2014-2026

48,072

बिहार में संपूर्ण मौजूदा बड़ी लाइन नेटवर्क का विद्युतीकरण किया गया है। इसके अलावा, सभी नई लाइन/बहुपथन परियोजनाओं को विद्युतीकरण के साथ स्वीकृति प्रदान की जा रही है और उनका निर्माण किया जा रहा है।

ऊपरी सड़क पुल और निचले सड़क पुल:

भारतीय रेल में समपारों के स्थान पर ऊपरी/निचले सड़क पुलों (आरओबी/आरयूबी) के निर्माण के प्रस्तावों की स्वीकृति और निष्पादन एक सतत् और निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। ऐसे कार्यों का प्राथमिकता निर्धारण और उन्हें शुरू करने का कार्य रेल परिचालन में संरक्षा गाड़ियों की गतिशीलता तथा सड़क उपयोगकर्ताओं पर इसके प्रभाव और व्यवहार्यता के आधार पर किया जाता है।

2004-14 की तुलना में 2014-26 (मई, 2026) की अवधि के दौरान भारतीय रेल में निर्मित ऊपरी/निचले सड़क पुलों की संख्या निम्नानुसार है:-

अवधि‍

निर्मित ऊपरी/निचले सड़क पुल

2004-14

4,148

2014-26 (मई, 2026)

14,451 (बिहार राज्य में 580)

01.06.2026 की स्थ‍िति‍ के अनुसार, भारतीय रेल में ₹1,17,492 करोड़ की लागत से 4,993 ऊपरी/निचले सड़क पुल स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें बिहार राज्य में 328 अदद ऊपरी/निचले सड़क पुल शामिल हैं, जिनकी लागत 12,250 करोड़ रुपए है और ये योजना निर्माण और क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।

2023-26 (मई, 2026 तक) के दौरान, बिहार राज्य में 192 आरओबी/आरयूबी कार्यों का निर्माण किया गया और बिहार राज्य में लगभग 7,032 करोड़ रु. की लागत से 201 आरओबी/आरयूबी कार्यों को मंजूरी दी गई है, जो योजना और निष्पादन के विभिन्न चरणों में हैं।

आरओबी/आरयूबी कार्यों का पूरा होना और चालू होना कई कारकों जैसे समपार को बंद करने के लिए सहमति देने में राज्य सरकारों का सहयोग, एप्रोच अलाइनमेंट तय करना, सामान्य व्यवस्था ड्राइंग (जीएडी) की मंजूरी, भूमि अधिग्रहण, अतिक्रमण को हटाना, अतिक्रमणकारी उपयोगिताओं को स्थानांतरित करना, विभिन्न प्राधिकरणों से वैधानिक मंजूरी, जलवायु परिस्थितियों आदि के कारण परियोजना/कार्य स्थलों के क्षेत्र में कानून और व्यवस्था की स्थिति पर निर्भर करता है। ये सभी कारक परियोजनाओं/कार्यों के पूरा होने के समय को प्रभावित करते हैं।

इसके अलावा, रेलवे ने कार्य की प्रगति में तेजी लाने के लिए निम्नलिखित उपाय किए हैं:

सामान्य व्यवस्था ड्राइंग (जीएडी) को अंतिम रूप देने से पहले सुचारू रूप से निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित राज्य सरकार/सड़क स्वामित्व प्राधिकरण के साथ संयुक्त सर्वेक्षण किया जाता है।

आरओबी/आरयूबी कार्यों से संबंधित विभिन्न मुद्दों को हल करने के लिए रेलवे और राज्य सरकार के अधिकारियों की समय-समय पर बैठकें की जाती हैं।

डिज़ाइन अनुमोदन के दौरान देरी से बचने के लिए रेलवे हिस्से पर सड़क के फैलाव, तिरछापन और चौड़ाई के विभिन्न संयोजनों के लिए अधिरचना और उपसंरचना रेखाचित्रों का मानकीकरण किया गया है।

स्टेशन पुनर्विकास:

रेल मंत्रालय ने दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना शुरू की है।

इस योजना में भारतीय रेल के स्टेशनों को बेहतर बनाने के लिए मास्टर प्लान तैयार करना और इनका चरणों में कार्यान्वयन शामिल है। प्रत्येक स्टेशन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लानिंग में शामिल हैं:

रेलवे स्टेशन और परिचलन क्षेत्रों तक पहुँच में सुधार

रेलवे स्टेशन का शहर के दोनों तरफ के साथ एकीकरण

रेलवे स्टेशन इमारत में सुधार

प्रतीक्षालय, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, वाटर-बूथों में सुधार

यात्री यातायात के अनुरूप चौड़े ऊपरी पैदल पुल/एयर कॉन्कोर्स की व्यवस्था

लिफ्ट/एस्केलेटर/रैम्प की व्यवस्था

प्लेटफ़ॉर्म की सतह में सुधार/प्लेटफ़ॉर्म शेल्टर की व्यवस्था

'एक स्टेशन एक उत्पाद' जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों के लिए कियोस्क की व्यवस्था

पार्किंग क्षेत्र का विकास

दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएँ

बेहतर यात्री सूचना प्रणाली

प्रत्येक रेलवे स्टेशन पर आवश्यकता को देखते हुए एक्ज़ीक्यूटिव लाउंज, व्यावसायिक बैठकों के लिए निर्दिष्ट स्थान, भूसुदर्शनीकरण आदि की व्यवस्था।

इस योजना में दीर्घकालिक और पर्यावरण अनुकूल समाधानों; आवश्यकता, चरणबद्धता एवं व्यवहार्यता के लिए गिट्टी रहित पटरियों की व्यवस्था आदि और दीर्घावधि में रेलवे स्टेशन पर सिटी सेन्टरों के निर्माण की संकल्पना भी की गई है।

अब तक, इस योजना के अंतर्गत विकास के लिए 1,340 स्टेशन चिहनित किए गए है, जिनमें से 98 स्टेशन बिहार में स्थित हैं। बिहार में अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत विकास के लिए चिह्नित किए गए गए स्टेशनों के नाम निम्नलिखित हैं:

राज्य

स्टेशनों की संख्या

स्टेशन का नाम

बिहार

98

अनुग्रह नारायण रोड, आरा, अररिया कोर्ट, बख्तियारपुर, बांका, बनमनखी, बापूधाम मोतिहारी, बड़हिया, बरौनी, बाढ़, बरसोई जंक्शन, बेगूसराय, बेतिया, भभुआ रोड, भागलपुर, भगवानपुर, बिहारशरीफ, बिहिया, बिक्रमगंज, बक्सर, चकिया, चौसा, छपरा, दलसिंह सराय, दरभंगा, दौराम मधेपुरा, डेहरी ऑन सोन, ढोली, दिघवारा, डुमरांव, दुर्गौती, एकमा, फतुहा, गया, घोड़ासहन, गुरारू, हाजीपुर जंक्शन, जमालपुर जंक्शन, जमुई, जनकपुर रोड, जयनगर, जहानाबाद, झंझारपुर, कहलगांव, करहागोला रोड, कटिहार जंक्शन, खगड़िया जंक्शन, किशनगंज, कुदरा, लाभा, लहेरिया सराय, लखमीनिया, लखीसराय जंक्शन, मधुबनी, महेशखूंट, मैरवा, मानसी जंक्शन, मसरख, मोकामा, मोतीपुर, मुंगेर (मोंगेर), मुजफ्फरपुर जंक्शन, नबीनगर रोड, नरकटियागंज जंक्शन, नौगछिया, नवादा, पहाड़पुर, पाटलिपुत्र, पटना जंक्शन, पीरो, पीरपैंती, रफीगंज, रघुनाथपुर, राजेंद्र नगर टर्मिनल (पटना), राजगीर, राम दयालु नगर, रक्सौल, सबौर, सगौली, सहरसा, साहेबपुर कमाल, सकरी, सलौना, सलमारी, समस्तीपुर, सासाराम, शाहपुर पटोरी, शिवनारायणपुर, सिमरी बख्तियारपुर, सिमुलतला, सीतामढ़ी, सीवान, सोनपुर जंक्शन, सुल्तानगंज, सुपौल, तारेगना, ठाकुरगंज, थावे



स्टेशन जिनका कार्य पूरा हो गया है:

बिहार में अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों पर विकास कार्य बेहतर गति से किए जा रहे हैं। बिहार में पूरे किए गए स्टेशनों का विवरण निम्नानुसार है:

राज्य

स्टेशनों की संख्या

स्टेशनों के नाम

बिहार

08

बनमनखी, दौराम मधेपुरा, कहलगांव, पीरपैंती, सबौर, शिवनारायणपुर, सिमुलतला, थावे

अन्य स्टेशनों पर विकास की गतिविधियां भी अच्छी गति से की गई हैं और कुछ स्टेशनों की प्रगति नीचे दी गई है:

सहरसा स्टेशन: नए मुख्य प्रवेश स्टेशन भवन, पार्किंग, परिचलन क्षेत्र में सुधार, प्लेटफॉर्म शेल्टर, प्रवेश द्वार और चाहरदीवार का कार्य पूरा हो चुका है। 12 मीटर चौड़े पैदल पार पुल का कार्य शुरू कर दिया गया है।

सलौना स्टेशन: नए मुख्य प्रवेश स्टेशन भवन, प्लेटफॉर्म शेल्टर, परिचलन क्षेत्र, प्रवेश द्वार और चाहरदीवार के सुधार का कार्य पूरा हो चुका है। 12 मीटर चौड़े पैदल पार पुल का कार्य शुरू कर दिया गया है।

सोनपुर जंक्शन स्टेशन: नए एट्रियम भवन, बुकिंग काउंटर, स्टेशन भवन का सुधार, परिचलन क्षेत्र का सुधार, पार्किंग और प्रवेश बरामदे का कार्य पूरा हो चुका है। 12 मीटर चौड़े पैदल पार पुल का कार्य शुरू कर दिया गया है।

अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन: प्लेटफॉर्म संख्या 1/2 और 3/4 के विस्तार, प्लेटफॉर्म सं. 1/2 और 3/4 के प्लेटफॉर्म सतह में सुधार और नए शौचालय ब्लॉक का कार्य पूरा हो गया है। स्टेशन भवन में सुधार, परिचलन क्षेत्र में सुधार, प्रवेश/निकास द्वार, पानी बूथ, प्लेटफॉर्म शेल्टर और 6 मीटर चौड़े पैदल पार पुल का कार्य किया गया है।

लक्खीसराय जंक्शन स्टेशन: नए मुख्य प्रवेश स्टेशन भवन का कार्य, पैदल पार पुल का विस्तार और परिचलन क्षेत्र में सुधार का कार्य पूरा हो चुका है। मौजूदा पैदल पार पुल के लिए लिफ्ट का कार्य शुरू कर दिया गया है।



इसके अलावा, भारतीय रेल में स्टेशनों का विकास/पुनर्विकास/उन्नयन/आधुनिकीकरण एक सतत् और निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और इस संबंध में निर्माण कार्य परस्पर प्राथमिकता और निधियों की उपलब्धता के अध्यधीन आवश्यकतानुसार किए जाते हैं। स्टेशन का विकास/पुनर्विकास/उन्नयन/आधुनिकीकरण स्टेशन की कोटि/अवस्था/संभाले जाने वाले यातायात आदि के आधार पर किया जाता है।

रेलवे स्टेशनों का विकास/उन्नयन जटिल स्वरूप का होता है जिसमें यात्रियों और रेलगाड़ियों की संरक्षा अंतर्ग्रस्त होती है और इसके लिए पेड़ों की कटाई, धरोहर, दमकल विभाग की स्वीकृति, विमानपत्तन संबंधी स्वीकृति इत्यादि जैसी विभिन्न सांविधिक स्वीकृतियों की आवश्यकता होती है। ये स्टेशन काफी समय से परिचालित हैं, इसलिए जनोपयोगी सेवाओं (जिनमें जल/सीवेज लाइन, ऑप्टिकल फाइबर केबल, गैस पाइप लाइन, पावर/सिगनल केबल इत्यादि शामिल हैं) अतिलंघनों को स्थानांतरित करने, यात्री संचलन को बाधित किए बिना रेलगाड़ियों के परिचालन, रेलपथ एवं उच्च वोल्टेज बिजली लाइनों के नजदीक किए जाने वाले कार्यों के कारण गति प्रतिबंध आदि जैसी ब्राउनफील्ड कार्य संबंधी चुनौतियां सामने आ रही हैं और ये कारक कार्य की प्रगति और कार्य के पूरा होने के समय को प्रभावित करते हैं।

सामान्यतः अमृत भारत स्टेशन योजना सहित अन्य योजनाओं के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों के विकास/उन्नयन/आधुनिकीकरण का वित्तपोषण योजना शीर्ष-53 'ग्राहक सुविधाएँ' के अंतर्गत किया जाता है। योजना शीर्ष-53 के अंतर्गत आबंटन और व्यय का ब्यौरा क्षेत्रीय रेल-वार रखा जाता है, न कि रेलवे स्टेशन-वार या राज्य-वार। बिहार राज्य चार क्षेत्रीय रेलों अर्थात् पूर्व रेलवे, पूर्व मध्य रेलवे, पूर्वोत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के क्षेत्राधिकार में आता है। इन क्षेत्रीय रेलों के लिए पिछले तीन वित्तीय वर्ष और मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 6,903 करोड़ रुपए का आबंटन किया गया है, जिसमें से अब तक (जून, 2026 तक) 6,021 करोड़ रुपए का व्यय उपगत किया गया है।

वंदे भारत और अमृत भारत एक्सप्रेस गाड़ियां

चूंकि रेलवे नेटवर्क राज्य की सीमाओं में फैला हुआ है, इसलिए नेटवर्क की आवश्यकता के अनुसार, ऐसी सीमाओं में गाड़ियां शुरू की जाती हैं। बहरहाल, भारतीय रेल ने बिहार राज्य में स्थित विभिन्न स्टेशनों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रारंभिक/समाप्ति के आधार पर 11 जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस और 14 जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाएं शुरू की हैं। ये नीचे सूचीबद्ध हैं:

वंदे भारत एक्सप्रेस

क्र.सं.

गाड़ी संख्या और नाम

1

22349/22350 पटना - रांची वंदे भारत एक्सप्रेस

2

22347/22348 हावड़ा - पटना वंदे भारत एक्सप्रेस

3

22233/22234 न्यू जलपाईगुड़ी - पटना वंदे भारत एक्सप्रेस

4

22345/22346 पटना - गोमती नगर वंदे भारत एक्सप्रेस

5

22309/22310 हावड़ा - जमालपुर वंदे भारत एक्सप्रेस

6

20893/20894 टाटानगर - पटना वंदे भारत एक्सप्रेस

7

22303/22304 हावड़ा - गया वंदे भारत एक्सप्रेस

8

21893/21894 टाटानगर - पटना वंदे भारत एक्सप्रेस

9

21895/21896 टाटानगर - पटना वंदे भारत एक्सप्रेस

10

26501/26502 पाटलिपुत्र - गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस

11

26301/26302 जोगबनी - दानापुर वंदे भारत एक्सप्रेस

अमृत भारत एक्सप्रेस

क्र.सं.

गाड़ी संख्या और नाम

1

11015/11016 लोकमान्य तिलक (टी) - सहरसा अमृत भारत एक्सप्रेस

2

13697/13698 गया - दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस

3

15293/15294 मुजफ्फरपुर - चरलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस

4

15557/15558 दरभंगा - आनंद विहार (टर्मिनस) अमृत भारत एक्सप्रेस

5

15561/15562 दरभंगा - गोमतीनगर अमृत भारत एक्सप्रेस

6

15567/15568 बापूधाम मोतिहारी - आनंद विहार (टी) अमृत भारत एक्सप्रेस

7

22361/22362 राजेंद्रनगर (टी) - नई दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस

8

15133/15134 छपरा - आनंद विहार (टर्मिनस) अमृत भारत एक्सप्रेस

9

14047/14048 सीतामढ़ी - दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस

10

14627/14628 सहरसा - छेहरटा अमृत भारत एक्सप्रेस

11

19623/19624 मदार - दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस

12

19725/19726 खातीपुरा- दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस

13

11431/11432 पुणे - दानापुर अमृत भारत एक्सप्रेस

14

16601/16602 इरोड- जोगबनी अमृत भारत एक्सप्रेस



इसके अलावा, भारतीय रेल में, नई गाड़ी सेवाओं की शुरूआत एक सतत् प्रक्रिया है, जो विभिन्न कारकों पर निर्भर करती हैः

संबंधित खंड की क्षमता

रेलपथ की उपलब्धता

आवश्यक चल स्टॉक की उपलब्धता

चल स्टॉक के लिए उपयुक्त अवसंरचना की उपलब्धता

रेलपथ और अन्य परिसंपत्तियों की अनुरक्षण आवश्यकता।

खंड की अधिभोगिता और यातायात आवश्यकता।

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(This statement was given by MINISTER OF RAILWAYS, INFORMATION & BROADCASTING AND ELECTRONICS & INFORMATION TECHNOLOGY SHRI ASHWINI VAISHNAW in a written reply to a question in Rajya Sabha on 24.07.2026)

23/07/2026
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने सहयोग शिविर में सुनीं आमजन की समस्याएं, प्रमाण-पत्र एवं जॉब कार्ड का किया वितरणसमस्तीपुर...
22/07/2026

जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने सहयोग शिविर में सुनीं आमजन की समस्याएं, प्रमाण-पत्र एवं जॉब कार्ड का किया वितरण
समस्तीपुर, 21 जुलाई 2026
जिलाधिकारी समस्तीपुर श्री रोशन कुशवाहा एवं पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर श्री अरविंद प्रताप सिंह ने सोमवार को सरायरंजन प्रखंड अंतर्गत हरपुरा बहरेता एवं अख्तियारपुर बलभद्र पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में भाग लेकर आमजन की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने शिविर में प्राप्त आवेदनों की प्रगति की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, आवास, भूमि विवाद, पेयजल, विद्युत, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन कार्ड, पेंशन एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित अपनी समस्याएं एवं आवेदन प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर उसका निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े।
पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद प्रताप सिंह ने भी लोगों की समस्याओं को सुनते हुए संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विधि-व्यवस्था बनाए रखने तथा आम नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि अथवा असामाजिक तत्वों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की।
इस अवसर पर पूर्व में प्राप्त एवं निष्पादित आवेदनों के लाभार्थियों के बीच जन्म प्रमाण-पत्र, मृत्यु प्रमाण-पत्र एवं जॉब कार्ड का वितरण भी किया गया। लाभार्थियों ने समय पर सेवाओं का लाभ मिलने पर जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि सहयोग शिविर का उद्देश्य प्रशासन को गांव-गांव तक पहुंचाकर आमजन की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पूरी पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ पहुंचाया जाए।
सहयोग शिविर में विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

20/07/2026

समस्तीपुर, 20 जुलाई 2026
स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) राजकीय समारोह की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक
जिलाधिकारी समस्तीपुर श्री रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आगामी 15 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस राजकीय समारोह की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में समारोह को गरिमामय, भव्य एवं सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के लिए सभी संबंधित विभागों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय गौरव, एकता एवं देशभक्ति का प्रतीक है। इस अवसर पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों का सफल संचालन सुनिश्चित करना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि आपसी समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं तथा प्रत्येक विभाग अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ सुनिश्चित करे।
जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि जिले के सभी विद्यालयों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए आकर्षक एवं अनुशासित प्रभात फेरी का आयोजन कराया जाए। प्रभात फेरी के मार्ग, समय एवं अन्य व्यवस्थाओं का पूर्व निर्धारण करते हुए सभी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश समय पर उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने पुलिस विभाग एवं पुलिस लाइन को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली परेड एवं सलामी समारोह की सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने, नियमित पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) कराने तथा सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था के व्यापक प्रबंध सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
खेल विभाग को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं एवं युवा गतिविधियों के आयोजन की कार्ययोजना तैयार कर सफल आयोजन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं कला, संस्कृति एवं युवा विभाग को स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रभक्ति तथा बिहार की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित उच्चस्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी करने एवं उत्कृष्ट प्रस्तुति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला कल्याण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के सभी महादलित टोलों में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित कराने हेतु उपयुक्त स्थलों का चिन्हांकन कर उसकी सूची शीघ्र सामान्य शाखा को उपलब्ध कराएं। साथ ही सामान्य शाखा के प्रभारी पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि चिन्हित स्थलों पर पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करते हुए उन्हें निर्धारित समय पर ध्वजारोहण कार्यक्रम में भाग लेने हेतु आदेश निर्गत किया जाए।
जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि नगर क्षेत्र के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर स्थापित राष्ट्रपुरुषों एवं महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्वतंत्रता दिवस से पूर्व समुचित साफ-सफाई, रंग-रोगन तथा आसपास के परिसर की स्वच्छता सुनिश्चित की जाए। साथ ही नजारत उप समाहर्ता को संबंधित स्थलों पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
बैठक में समारोह स्थल की साफ-सफाई, मंच एवं पंडाल निर्माण, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा, अग्निशमन व्यवस्था, यातायात एवं पार्किंग प्रबंधन, बैरिकेडिंग, ध्वनि विस्तारक यंत्र, झंडोत्तोलन समारोह, अतिथियों के बैठने की व्यवस्था तथा अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा कार्यक्रम से पूर्व सभी व्यवस्थाओं का पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) कराने का निर्देश दिया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर श्री अरविंद प्रताप सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था, विधि-व्यवस्था संधारण, यातायात नियंत्रण एवं समारोह के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में अपर समाहर्ता समस्तीपुर श्री ब्रजेश कुमार, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) श्री राजेश सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री कामेश्वर प्रसाद गुप्ता, सभी अनुमंडल पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

प्रेस विज्ञप्तिसमस्तीपुर, 20 जुलाई 2026स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) राजकीय समारोह की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने ...
20/07/2026

प्रेस विज्ञप्ति
समस्तीपुर, 20 जुलाई 2026
स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) राजकीय समारोह की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक
जिलाधिकारी समस्तीपुर श्री रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आगामी 15 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस राजकीय समारोह की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में समारोह को गरिमामय, भव्य एवं सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के लिए सभी संबंधित विभागों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय गौरव, एकता एवं देशभक्ति का प्रतीक है। इस अवसर पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों का सफल संचालन सुनिश्चित करना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि आपसी समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं तथा प्रत्येक विभाग अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ सुनिश्चित करे।
जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि जिले के सभी विद्यालयों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए आकर्षक एवं अनुशासित प्रभात फेरी का आयोजन कराया जाए। प्रभात फेरी के मार्ग, समय एवं अन्य व्यवस्थाओं का पूर्व निर्धारण करते हुए सभी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश समय पर उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने पुलिस विभाग एवं पुलिस लाइन को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली परेड एवं सलामी समारोह की सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने, नियमित पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) कराने तथा सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था के व्यापक प्रबंध सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
खेल विभाग को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं एवं युवा गतिविधियों के आयोजन की कार्ययोजना तैयार कर सफल आयोजन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं कला, संस्कृति एवं युवा विभाग को स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रभक्ति तथा बिहार की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित उच्चस्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी करने एवं उत्कृष्ट प्रस्तुति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला कल्याण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के सभी महादलित टोलों में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित कराने हेतु उपयुक्त स्थलों का चिन्हांकन कर उसकी सूची शीघ्र सामान्य शाखा को उपलब्ध कराएं। साथ ही सामान्य शाखा के प्रभारी पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि चिन्हित स्थलों पर पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करते हुए उन्हें निर्धारित समय पर ध्वजारोहण कार्यक्रम में भाग लेने हेतु आदेश निर्गत किया जाए।
जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि नगर क्षेत्र के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर स्थापित राष्ट्रपुरुषों एवं महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्वतंत्रता दिवस से पूर्व समुचित साफ-सफाई, रंग-रोगन तथा आसपास के परिसर की स्वच्छता सुनिश्चित की जाए। साथ ही नजारत उप समाहर्ता को संबंधित स्थलों पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
बैठक में समारोह स्थल की साफ-सफाई, मंच एवं पंडाल निर्माण, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा, अग्निशमन व्यवस्था, यातायात एवं पार्किंग प्रबंधन, बैरिकेडिंग, ध्वनि विस्तारक यंत्र, झंडोत्तोलन समारोह, अतिथियों के बैठने की व्यवस्था तथा अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा कार्यक्रम से पूर्व सभी व्यवस्थाओं का पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) कराने का निर्देश दिया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर श्री अरविंद प्रताप सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था, विधि-व्यवस्था संधारण, यातायात नियंत्रण एवं समारोह के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में अपर समाहर्ता समस्तीपुर श्री ब्रजेश कुमार, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) श्री राजेश सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री कामेश्वर प्रसाद गुप्ता, सभी अनुमंडल पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

अनुमंडल पदाधिकारी श्री दिलीप कुमार को भावभीनी विदाई एवं श्री राकेश कुमार का भव्य स्वागतआज दिनांक 20 जुलाई 2026 को अनुमंड...
20/07/2026

अनुमंडल पदाधिकारी श्री दिलीप कुमार को भावभीनी विदाई एवं श्री राकेश कुमार का भव्य स्वागत
आज दिनांक 20 जुलाई 2026 को अनुमंडल सभा कक्ष में निवर्तमान अनुमंडल पदाधिकारी श्री दिलीप कुमार के सम्मान-सह-विदाई समारोह एवं नवनियुक्त अनुमंडल पदाधिकारी श्री राकेश कुमार के स्वागत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में अनुमंडल कार्यालय के पदाधिकारी, कर्मचारी तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर दोनों अधिकारियों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया।
समारोह के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने श्री दिलीप कुमार के कार्यकाल की मुक्त कंठ से सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि उनके नेतृत्व में अनुमंडल प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, निर्वाचन संबंधी कार्यों के सफल संचालन, यातायात व्यवस्था में सुधार, रेलवे ओवरब्रिज (ROB) निर्माण, विभिन्न पुल निर्माण कार्यों की सतत निगरानी, अतिक्रमण हटाने तथा जनसमस्याओं के त्वरित समाधान जैसे अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कीं। उनके कुशल प्रशासन, अनुशासित कार्यशैली, निष्पक्ष निर्णय एवं जनहित के प्रति समर्पण ने प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास को और मजबूत किया।
इस अवसर पर अनुमंडल कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने श्री दिलीप कुमार को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। विदाई के अवसर पर अनेक कर्मचारी भावुक भी हो उठे और उन्होंने कहा कि श्री दिलीप कुमार का सरल, सहज एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्व सदैव स्मरणीय रहेगा।
इसी अवसर पर नवनियुक्त अनुमंडल पदाधिकारी श्री राकेश कुमार का गर्मजोशी एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में स्वागत किया गया। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया तथा उन्हें पूर्ण सहयोग का विश्वास दिलाया। अपने संबोधन में श्री राकेश कुमार ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ आम जनता तक पहुँचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने टीम भावना के साथ कार्य करते हुए अनुमंडल के समग्र विकास एवं बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया।
समारोह का वातावरण सम्मान, आत्मीयता एवं नई ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। एक ओर श्री दिलीप कुमार को भावभीनी विदाई दी गई, वहीं दूसरी ओर श्री राकेश कुमार के आगमन का सभी ने हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया। उपस्थित लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री राकेश कुमार के नेतृत्व में अनुमंडल प्रशासन विकास, सुशासन एवं जनसेवा के नए आयाम स्थापित करेगा।

06/07/2026

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Madhuri Chowk
Samastipur
848101

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