26/05/2026
70 साल पहले 2 जनवरी को शुरू हुआ था भारत रत्न देने का सिलसिला
भारत रत्न, भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है। इसकी स्थापना 2 जनवरी, 1954 को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने की थी। भारत रत्न पाने के लिए जाति, व्यवसाय, पद, और लिंग के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता। भारत रत्न पाने वाले को राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित पदक और प्रमाण पत्र दिया जाता और इसे पाने वाले को वीआईपी दर्जा प्राप्त होता है। भारत रत्न पाने वाले को कई सुविधाएं मिलती हैं जैसे कि स्वतंत्रता और गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमों में खास अतिथि के तौर पर भाग लेना, हवाई जहाज़, ट्रेन, और बस में मुफ़्त यात्रा, संसद की बैठकों में भाग लेना, और किसी राज्य में घूमने जाने पर राज्य अतिथि का दर्जा।
आपकी जानकारी के लिए अब तक भारत देश के 53 विभिन्न सम्मानित व्यक्तियों को सर्वोच्च पुरस्कार मिल चुका है। इनमें छ: महिलाएं एवं तीन विदेशी मेहमान भी सम्मिलित है। 2024 में एक ही दिन एक साथ छह व्यक्तियों को यह सम्मान दिया गया जो एक रिकॉर्ड है। सुभाष चंद्र बोस अकेले ऐसे नेता थे, जिन्हें भारत रत्न देने के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उन्हें यह सम्मान नहीं दिया गया। पंडित जवाहरलाल नेहरू (1955) एवं श्रीमती इंदिरा गांधी ने अपने प्रधानमंत्री काल में ही इस सर्वोच्च पुरस्कार को प्राप्त किया।
सबसे पहले स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और साइंटिस्ट डॉक्टर चंद्रशेखर वेंकट रमन को 1954 में दिया गया था। भारत रत्न सम्मान के लिए हर साल सिर्फ 3 व्यक्तियों को ही पुरस्कृत किया जाता है। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री साल 1966 में मरणोपरांत भारत रत्न पाने वाले पहले व्यक्ति थे।
मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित होने वाली पहली महिला गायिका श्रीमती एम एस सुब्बुलक्ष्मी थी जिनको 1998 में भारत रत्न मिला। भारत रत्न पाने वाली पहली महिला श्रीमती इंदिरा गांधी (1971) थीं।महान क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंडुलकर ऐसे एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्हें इस पुरस्कार से नवाजा गया।
आपको याद होगा कि देश के 1989 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी हार गई थी।उस समय राजीव गांधी 1991 के चुनाव तक कांग्रेस अध्यक्ष बने रहे। चुनाव प्रचार के दौरान, LTTE के एक आत्मघाती हमलावर ने उनकी हत्या कर दी। 1991 में, भारत सरकार ने गांधी को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया। मुझे विश्वास है कि आप सबको यह आलेख पसंद आएगा।
नंदकिशोर अग्रवाल, बेंगलुरु