Real Home Satlok

Real Home Satlok Hello Everyone. So plz don't forget to like and follow this page.

This page is created about giving complete spirituality

From here you will get all spiritual knowledge from our all holy scriptures as like Geeta, Quran, Vedas, Bible etc.

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से 8 अप्रैल 2026 बुधवार को जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज को केस 428 (देशद्रोह का मामल...
08/04/2026

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से 8 अप्रैल 2026 बुधवार को जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज को केस 428 (देशद्रोह का मामला) में जमानत मिली है।

पुलिस ने संत रामपाल जी को गलत फंसाने के लिए झूठे गवाह तैयार किया थे।सत्य को दबाया जा सकता है मिटाया नहीं।जितनी गंद 2014 ...
31/03/2026

पुलिस ने संत रामपाल जी को गलत फंसाने के लिए झूठे गवाह तैयार किया थे।
सत्य को दबाया जा सकता है मिटाया नहीं।
जितनी गंद 2014 में दलाल मीडिया ने फैलाई थी उसकी परत एक -एक करके खुल रही है।

🚩 इतिहास का नया अध्याय: सतलोक आश्रम कारोंथा में महासमागम! 🚩सत साहेब!आज से ठीक 20 वर्ष पूर्व, सन् 2006 में सतलोक आश्रम का...
26/03/2026

🚩 इतिहास का नया अध्याय: सतलोक आश्रम कारोंथा में महासमागम! 🚩
सत साहेब!
आज से ठीक 20 वर्ष पूर्व, सन् 2006 में सतलोक आश्रम कारोंथा की पावन धरा ने एक भीषण संघर्ष और अग्निपरीक्षा देखी थी। आज दो दशकों के लंबे इंतजार, अटूट धैर्य और सत्य की जीत के बाद, वही कारोंथा धाम एक बार फिर भक्ति की सुगंध से महकने जा रहा है।
पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी के 629वें प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में, संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में 27, 28 और 29 जून 2026 को एक विशाल त्रैदिवसीय समागम का आयोजन हो रहा है।
इस महाकुंभ की मुख्य विशेषताएं:
अखंड भंडारा: शुद्ध देसी घी से निर्मित सात्विक भोजन का अटूट लंगर।
दहेज मुक्त विवाह: 'रमैणी' के माध्यम से रूढ़ियों को तोड़ती सामाजिक क्रांति।
निशुल्क नाम दीक्षा: भटके हुए जीवों के कल्याण हेतु मोक्ष मार्ग की प्राप्ति।
आध्यात्मिक प्रदर्शनी: कबीर साहेब की वाणी और शास्त्रों के प्रमाणों का अद्भुत संगम।
2006 का वह 'कांड' भक्तों की आस्था को डिगा नहीं सका, बल्कि 20 वर्ष बाद यह भव्य आयोजन सिद्ध करता है कि सत्य को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं। आइए, इस ऐतिहासिक और भावुक क्षण के साक्षी बनें।
📍 स्थान: सतलोक आश्रम कारोंथा (रोहतक, हरियाणा)
🗓️ दिनांक: 27, 28, 29 जून 2026


22/03/2026

सतलोक आश्रम,महोली (सीतापुर)

नालंदा में सेवा की ऐसी मिसाल जिसे देख दुनिया रह गई हैरान! जर्जर झोपड़ी की जगह खड़ा हो गया ‘सुदामा का महल’, बेबस मां की आ...
21/03/2026

नालंदा में सेवा की ऐसी मिसाल जिसे देख दुनिया रह गई हैरान! जर्जर झोपड़ी की जगह खड़ा हो गया ‘सुदामा का महल’, बेबस मां की आंखों में छलके सुख के आंसू

के पन्नों में दर्ज द्वापर युग की वह अलौकिक गाथा तो आपने सुनी ही होगी, जिसमें द्वारकाधीश भगवान कृष्ण ने अपने दरिद्र सखा सुदामा की नियति बदल दी थी और पलक झपकते ही उनकी झोपड़ी को राजसी वैभव के महल में तब्दील कर दिया था। लेकिन, अगर कलयुग के इस दौर में आपको अपनी आँखों से वही ‘चमत्कार’ साक्षात घटते देखना है, तो नालंदा के इस्लामपुर प्रखंड स्थित बीरा कुंवर गांव चले आइए। यहाँ 40 वर्षीय उर्मिला देवी की जिंदगी ने एक ऐसी करवट ली है कि देखने वाले इसे साक्षात भगवान का चमत्कार मान रहे है।

पति के साये के बिना 6 मासूम बच्चों की भूख और कोख में पल रही नन्ही जान के साथ जर्जर झोपड़ी में मौत और जिंदगी के बीच संघर्ष कर रही इस बेबस मां के आंगन में आज ‘खुशियों का महल’ खड़ा है। ईंट और सीमेंट का यह ढांचा महज एक मकान नहीं, बल्कि ‘समर्थ कबीर के सुदामा का महल‘ है। यह वह दिव्य चमत्कार है जिसे एक ऐसे सच्चे संत ने अंजाम दिया है, जो भले ही आज जेल की दीवारों के पीछे हों, लेकिन उनकी दया और रहमत की बारिश आज पूरे विश्व को सराबोर कर रही है। यह कहानी है संत रामपाल जी महाराज और उनके द्वारा संचालित ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ की, जिसने एक उजड़े हुए आशियाने में फिर से हरा भरा कर दिया है।

उर्मिला देवी के लिए यह बदलाव किसी जादुई चिराग से नहीं बल्कि संत रामपाल जी महाराज की असीम कृपा से हुआ है। बीते 10 महीनों से, जब दुनिया अपनी रफ्तार में मस्त थी, संत रामपाल जी महाराज की ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ इस परिवार के लिए एक सुरक्षा कवच बनी हुई थी। इन 10 महीनों में एक दिन भी ऐसा नहीं बीता जब उर्मिला के बच्चों को खाली पेट सोना पड़ा हो। हर महीने राशन, दूध, और पहनने को कपड़े—मदद का यह सिलसिला लगातार जारी रहा। सेवादारों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह सहायता महज एक बार की नहीं है, बल्कि इस बेसहारा परिवार की जिम्मेदारी अब ताउम्र अन्नपूर्णा मुहिम के हिस्से रहेगी।परिवार

इतिहास के पन्नों में दर्ज कृष्ण-सुदामा की कहानी आज कलयुग के इस अंधकारमय समय में वैसी ही अलौकिक झलक दिखा रही है। संत रामपाल जी महाराज अब तक देश के कोने-कोने में हजारों ऐसे घर बना चुके हैं, जिन्हें उन्होंने ‘समर्थ कबीर के सुदामा का महल’ का नाम दिया है। यह महल उन लोगों के लिए है जिनके पास सिर छिपाने को छत तो दूर, कल की रोटी का भी ठिकाना नहीं था।
#अन्नपूर्णा

21/03/2026

I got over 4,000 reactions on my posts last week! Thanks everyone for your support! 🎉

13/03/2026

भाई बस देखते रहो, आगे - आगे होता है क्या?
संत रामपाल जी महाराज जी कोई आम इंसान नहीं बल्कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर कबीर परमेश्वर जी के अवतार है।

13/03/2026

I got over 3,000 reactions on my posts last week! Thanks everyone for your support! 🎉

हरियाणा राज्य जिला चरखी दादरी के गांव दुधवा में एक विधवा असहाय बहन का मकान संत रामपाल जी महाराज अन्नपूर्णा मुहीम के तहत ...
07/03/2026

हरियाणा राज्य जिला चरखी दादरी के गांव दुधवा में एक विधवा असहाय बहन का मकान संत रामपाल जी महाराज अन्नपूर्णा मुहीम के तहत बनवा रहे हैं!
इस बहन के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं इस बहन के कमाने का कोई साधन नहीं है!
इस बहन का अन्नपूर्णा मुहीम के तहत हर महीने का राशन व परिवार की हर जरुरत का घर का सामान लगातार हर महीने संत रामपाल जी महाराज दे रहे है!
इस बहन का मकान बहुत ही जर जर हालत में था!
संत रामपाल जी महाराज इस बहन का दो रूम, आगे बरण्डा, रसोई घर व टॉयलेट तथा बाथरूम बनाने के आदेश संत रामपाल जी महाराज ने दिए!
जैसे ही संत रामपाल जी महाराज ने आदेश दिए! सभी भक्तजन सेवा में लग गए!
आज 5 दिन में इतना मकान तैयार हो चुका है!

हम जिसे जियोपॉलिटिक्स कहते हैं, वह असल में चंद ताकतवर लोगों की ईगो का खेल है बस।■ ईरान के भीतर युवा आबादी बदलाव चाहती है...
05/03/2026

हम जिसे जियोपॉलिटिक्स कहते हैं, वह असल में चंद ताकतवर लोगों की ईगो का खेल है बस।
■ ईरान के भीतर युवा आबादी बदलाव चाहती है, लेकिन वहां की सत्ता को बाहरी दुश्मन चाहिए ताकि वे घरेलू विद्रोह को दबा सकें। यह युद्ध उनके लिए अपनी गद्दी बचाने का एक ढाल है।
■ अमेरिका शांति की बात तो करता है, लेकिन उसका मिलिट्री-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स तभी फलता-फूलता है जब दुनिया के किसी कोने में मिसाइलें गिरती हैं। उनके लिए मध्य पूर्व एक प्रयोगशाला है, जहाँ वे अपने नए हथियारों का परीक्षण करते हैं।
■ चीन शांति का दूत बनकर सऊदी और ईरान की दोस्ती कराना चाहता है, ताकि अमेरिका का प्रभाव कम हो। वहीं रूस चाहता है कि दुनिया यूक्रेन को भूलकर मिडिल-ईस्ट की आग में उलझी रहे।
जब गद्दी पर बैठे लोग डरने लगते हैं, तो वे और ज्यादा क्रूर हो जाते हैं। और इस क्रूरता की कीमत वो आम इंसान चुकाता है जिसे लगता है कि वो सुरक्षित है।
माने यह शतरंज है, जहाँ मोहरे हम और आप जैसे आम लोग हैं
■ भारत आज एक ऐसी कश्ती में सवार है जो दो तूफानों के बीच से रास्ता बना रही है। हमारी विदेश नीति अब साधु वाली नहीं रही, वह सर्वाइवल की हो गई है।
हमें युद्ध से डर नहीं लगता, हमें 100 $ प्रति बैरल तेल से डर लगता है। अगर तेल महंगा हुआ, तो भारत के मध्यम वर्ग की कमर टूट जाएगी। हमारी सरकार की असली चुनौती यह है कि वह अमेरिका को नाराज़ किए बिना रूस और ईरान से अपने रिश्ते कैसे बचाए रखे।
हम पर्दे के पीछे उन देशों को समझा रहे हैं कि अगर युद्ध बढ़ा, तो भारत अपना हाथ खींच लेगा, और भारत का साथ छोड़ना आज किसी भी बड़ी शक्ति के लिए आर्थिक सुसाइड जैसा ही है।
■ युद्ध की सबसे बड़ी त्रासदी यह नहीं है कि लोग मरते हैं, बल्कि यह है भी है कि जो बच जाते हैं, वे भी जीते जी मर जाते हैं।
जब कोई मिसाइल गिरती है, तो वह केवल ईंट-पत्थर नहीं गिराती, वह एक परिवार की दशकों की विरासत को धूल में मिला देती है।
शरणार्थियों की कतारें केवल सरहदें पार नहीं करतीं, वे अपने स्वाभिमान को नीलाम होते देखती हैं। किसी दूसरे देश के कैंप में रोटी की लाइन में खड़ा व्यक्ति और क्या सोचता होगा?
चाहे रूस जीते, अमेरिका या ईरान विजेता के हाथ में केवल राख का ढेर लगेगा।
■ पर्शिया (ईरान) के ही सूफी संतों ने कभी कहा था कि इंसान के भीतर का अंधकार ही बाहर की दुनिया में आग लगाता है।
सच में आज हम तकनीक में इतने आगे निकल गए कि मंगल तक पहुँच सकते हैं, लेकिन रूहानी तौर पर हम आज भी उसी गुफा में खड़े हैं जहाँ पत्थर उठाकर अपने भाई का सिर फोड़ देना ही समाधान लगता है।
हम चाँद की शीतलता की बातें करते हैं और ज़मीन को सूरज से ज्यादा गर्म कर देते हैं।
जब कोई मां अपने बच्चे के कफन को अपनी गोद में लेकर बैठती है, तो उस समय न कोई डॉलर बड़ा होता है, न दीन,
होता है तो देश और केवल एक सन्नाटा,वो सन्नाटा जो आने वाली नस्लों से पूछेगा कि क्या तुम्हारी तरक्की की कीमत मेरा लहू था?
ईश्वर करे कि ये मशालें जलाने वाले लोग समझ सकें कि आग जब लगती है, तो हवा ये नहीं पूछती कि किसका घर ईरानी है और किसका अमेरिकी,
जलती तो बस इंसानियत है।
कभी-कभी सोचता हूँ,अगर सरहदें मिटा दी जाएँ तो क्या दुश्मनी भी मिट जाएगी,या फिर हम नई सरहदें अपने दिलों में बना लेंगे।।

संत रामपाल जी महाराज जी ही वर्तमान में वे महापुरुष है जो इन आपदाओं से मनुष्य को बचा सकते हैं।


•─────༺༻─────•

05/03/2026

व्रत करने वाले क्या बनते हैं?
घट रामायण में प्रमाण।

Address

Samastipur
848503

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Real Home Satlok posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Real Home Satlok:

Share