24/05/2026
29 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही बायोपिक फिल्म ‘द इंडियन लेनिन बाबू जगदेव’ अमर शहीद जगदेव प्रसाद के जीवन, संघर्ष और सामाजिक न्याय की विचारधारा पर आधारित है। फिल्म की शूटिंग बिहार और झारखंड के कई गांवों में की गई है, जिसमें 200 से अधिक कलाकारों ने अभिनय किया है।
निर्देशक प्रेम कुमार विद्यार्थी ने बताया कि यह फिल्म दलित, पिछड़े, अतिपिछड़े, आदिवासी और वंचित समाज के अधिकारों की लड़ाई को दर्शाती है। फिल्म में सामाजिक असमानता, छुआछूत, गरीबी, राजनीति, गांव की संस्कृति और शोषण के खिलाफ संघर्ष को प्रमुखता से दिखाया गया है।
नेक्सजेन हूमन फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म की लागत लगभग दो करोड़ रुपये है। फिल्म में बिहार-झारखंड के करीब 80 प्रतिशत स्थानीय कलाकारों को अवसर दिया गया है। दर्शकों को इसमें एक्शन, संवाद, संगीत, सस्पेंस और सामाजिक-राजनीतिक संदेश का अनोखा मिश्रण देखने को मिलेगा।
फिल्म का शीर्षक ‘द इंडियन लेनिन’ इसलिए रखा गया है क्योंकि जगदेव प्रसाद को उनके संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन की राजनीति के कारण “बिहार लेनिन” और “भारत लेनिन” कहा जाता था।
द इंडियन लेलिन बाबू जगदेव " फ़िल्म में समस्तीपुर जिला के उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत पचपैका निवासी अशोक कुमार दास ने वैद्य जी की भूमिका निभाई है,वो एक ऐसे वैद्य जी हैं, जो भगवान के पूजा पाठ में अधिक रहते हैं, लेकिन उनमें छुआछूत कूट कूट कर भरें हैं, जिसके कारण एक गरीब मजदूर को गाँव के दबंग जमींदार द्वारा काम करने के समय खाना और पानी मांगने पर जमींदार द्वारा पीटा जाता है और जुटा में पानी भरकर पिलाया जाता है और हाँथ पैर बाँध कर कुआँ में लटका दिया जाता है, वैद्य जी इलाज करने से मनाकर भगवान की पूजा में लगे रहते हैं, जिसके कारण उनके दरवाजे पर ही गरीब मजदूर की मौत हो जाती करते है.