28/05/2026
उर्दू के मशहूर शायर डॉ बशीर बद्र का इंतकाल,
शायरी की दुनियां में शोक की लहर
समस्तीपुर (आजाद खबर)। उर्दू के मशहूर और पद्मश्री से सम्मानित शायर डॉ बशीर बद्र का 91 वर्ष की आयु में भोपाल स्थित उनके आवास पर लंबी बीमारी और डिमेंशिया (स्मृतिलोप) के बाद निधन हो गया है। उजियारपुर विधायक सह पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता ने उनके निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक प्रकट करते हुए कहा है कि डॉ बशीर बद्र के इंतकाल से साहित्य जगत में शोक की लहर है और उर्दू अदब के एक सुनहरे दौर का अंत हो गया। उन्होंने अपनी गजलों में फारसी के कठिन शब्दों की जगह आम बोलचाल की बेहद सरल और भावुक भाषा का इस्तेमाल किया, जो सीधे दिलों को छू जाती है l उन्हें 1999 में साहित्य अकादमी पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्होंने बिहार उर्दू अकादमी सहित कई अन्य साहित्यिक सम्मान भी प्राप्त किए। उनके कई शेर आज भी लोगों की जुबान पर हैं, जैसे उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाये। उनके जाने से उर्दू शायरी और गजल की दुनियां में जो शून्य पैदा हुआ है, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।