15/04/2026
🌺 **शिव–पार्वती की एक गहन आध्यात्मिक कथा** 🌺
एक दिन माता पार्वती ने भगवान शिव से पूछा,
“प्रभु, मनुष्य को सबसे ज्यादा दुख किस बात से होता है?”
भगवान शिव ने शांत स्वर में कहा,
“अपेक्षाओं से…”
माता पार्वती ने आश्चर्य से पूछा,
“कैसे प्रभु?”
शिव बोले,
“जब मनुष्य बिना समझे, बिना जाने, दूसरों से उम्मीद करता है,
और जब वे पूरी नहीं होतीं…
तो उसका मन दुख से भर जाता है।”
माता पार्वती ने फिर पूछा,
“तो इससे बचने का मार्ग क्या है?”
भगवान शिव ने मुस्कुराकर कहा,
“अपेक्षाएं कम करो, और स्वीकार करना सीखो।
जो है, उसे प्रेम से अपनाओ — यही शांति का मार्ग है।”
फिर शिव जी ने कहा—
“जिसने स्वीकार करना सीख लिया,
उसके जीवन में दुख ठहर नहीं सकता।”
🌼 **सीख:**
अपेक्षाएं दुख का कारण हैं,
और स्वीकार ही सच्ची शांति का द्वार है।
🔱 हर हर महादेव 🔱
🙏 जितनी कम उम्मीद, उतनी ज्यादा शांति…