13/04/2026
*केंद्रीय सहकारी बैंकों के MD की नियुक्ति के लिए अब RBI का अनुमोदन अनिवार्य*
*जयपुर।*( MKM मिङिया समूह) राजस्थान के सहकारी क्षेत्र में पारदर्शिता और कुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। कार्यालय रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां (राजस्थान) द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, अब प्रदेश के अजमेर, बांसवाड़ा, बारां, भरतपुर, बीकानेर, बूंदी, दौसा, डूंगरपुर, जयपुर, जैसलमेर, झुंझुनू, नागौर, सीकर और टोंक जिलों के केंद्रीय सहकारी बैंकों में तैनात प्रबंध निदेशकों (Managing Directors) की नियुक्ति के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है।अतिरिक्त रजिस्ट्रार (बैंकिंग) द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक, बैंकों में मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO/MD) की नियुक्ति अब RBI द्वारा निर्धारित "फिट एंड प्रॉपर क्राइटेरिया" (Fit and Proper Criteria) के आधार पर की जाएगी। यह निर्णय 26 जून 2025 को प्रमुख शासन सचिव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद लिया गया है।
*क्या है 'फिट एंड प्रॉपर' क्राइटेरिया?*
भारतीय रिजर्व बैंक के इन मानकों का उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र में कुशल नेतृत्व सुनिश्चित करना है। इसके तहत अधिकारी की शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, ट्रैक रिकॉर्ड और वित्तीय नैतिकता की जांच की जाती है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि वर्तमान में पदस्थापित जो भी प्रबंध निदेशक इन पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं, उन्हें अविलंब भारतीय रिजर्व बैंक से अपने पदस्थापन का औपचारिक अनुमोदन प्राप्त करना सुनिश्चित करना होगा।
*पारदर्शिता की ओर बढ़ते कदम*
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से सहकारी बैंकों के प्रबंधन में राजनीतिक हस्तक्षेप कम होगा और पेशेवर दक्षता बढ़ेगी। यदि कोई अधिकारी RBI के मानकों पर खरा नहीं उतरता है या अनुमोदन प्राप्त करने में विफल रहता है, तो उसे पद से मुक्त किया जा सकता है। सरकार के इस कड़े रुख से सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है, लेकिन यह आम जमाकर्ताओं के भरोसे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।
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