14/11/2025
सासाराम रोहतास (बिहार) जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों के चुनाव के मतगणना केंद्र, कृषि बाजार समिति तक़िया के परिसर में, एक संदिग्ध ट्रक पहुंचने के बाद **EVM घोटाले** के संदेह को लेकर माहौल गर्म हो गया है। स्थानीय प्रत्याशी और उनके समर्थक ट्रक के अंदर खाली बॉक्स पाए जाने के बाद भारी हंगामा कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि ट्रक में खाली बॉक्स भरे पाए गए हैं, जिसे देखते ही प्रत्याशियों और उनके एजेंटों ने सवाल उठाए कि क्या इन्हें मतगणना केंद्र तक लाया जाना वैध है। मौके पर आकर स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए जिला मज्ञायाधिकारी (डीएम) उदिता सिंह और एसपी रोशन कुमार अधिकारियों सहित पहुंचे। वे ट्रकों की जांच कराने में जुटे हैं।
डीएम उदिता सिंह ने कहा:
हम स्थिति को गंभीरता से ले रहे हैं। ट्रक में पाए गए बॉक्स की जांच पड़ताल जारी है। यदि कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो चुनाव आयोग के निर्देशानुसार पूरी कार्रवाई की जाएगी। अभी तक किसी प्रमाणित विवरण के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि EVM-घोटाले हुआ है।”
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक के आसपास जमा भीड़ ने देर तक विरोध प्रदर्शन किया जिससे मतगणना की प्रक्रिया थोड़ी देर के लिए बाधित हुई। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रक को सील कर आगे की जांच के लिएन्लक्षित किया है।
वहीं, Election Commission of India (चुनाव आयोग) की ओर से लगातार यह स्पष्ट किया जा चुका है कि EVM मशीनें हैक या टेम्पर करना नितांत कठिन हैं — क्योंकि ये नेटवर्क से जुड़ी नहीं हैं, और इनके निर्माण एवं संचालन में कई तरह की सुरक्षा-प्रक्रियाएं होती हैं। ([Election Commission of India][1]) इस प्रकार, जिन मौके पर EVM घोटाले की बात उठती है — उनमें अक्सर संदर्भ स्पष्ट नहीं होते।
इस बीच रोहतास में चल रही इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कुछ दल प्रशासन पर दबाव डाल रहे हैं कि मामले की उच्च-स्तरीय पड़ताल हो और मतगणना की निष्पक्षता पर उठ रहे प्रश्नों का जल्द समाधान हो।
अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि ट्रक में लाए गए बॉक्स EVM से संबंधित हैं या नहीं — जांच जारी है। प्रशासन ने कहा है कि जैसे ही जांच पूरी होगी विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।
इस प्रकार, EVM घोटाला” होने की संभावना को लेकर संदेह बनी हुई है, पर अभी तक ऐसा कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है कि मशीनों को हैक या बदला गया हो। मामला स्पष्ट होने तक शांतिपूर्ण मतगणना सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता बनी हुई है।