13/04/2026
निशा' का वजन थोड़ा ज्यादा था, जिसकी वजह से उसे बचपन से ही 'मोटी' कहकर चिढ़ाया जाता था। जब भी वह कोई सुंदर ड्रेस पहनती, लोग कहते— "ये तुम पर अच्छी नहीं लगेगी, तुम कुछ ढीला-ढाला पहनो।" धीरे-धीरे निशा ने पार्टियों में जाना और सजना-संवरना छोड़ दिया। उसे लगने लगा था कि वह कभी सुंदर नहीं दिख सकती।
एक दिन निशा ने एक सफल बिजनेस वुमन का इंटरव्यू देखा, जो खुद भी वैसी ही दिखती थी जैसी निशा थी। उस महिला ने कहा— "लोग आपको वैसे ही देखेंगे जैसे आप खुद को देखती हैं।"
निशा को बात समझ आ गई। उसने दूसरों की नज़रों से खुद को देखना बंद किया। उसने अपने ड्रेसिंग सेंस और अपने हुनर (जैसे साड़ियों का बिजनेस या डिजाइनिंग) पर काम करना शुरू किया। उसने अपनी बॉडी टाइप के हिसाब से ऐसे आउटफिट्स तैयार किए कि जो लोग पहले उसे टोकते थे, अब वही उससे फैशन टिप्स मांगने लगे।
आज निशा एक सफल 'प्लस साइज' मॉडल और फैशन इन्फ्लुएंसर है। वह गर्व से कहती है— "सुंदरता का मतलब जीरो साइज होना नहीं, बल्कि खुद की त्वचा में सहज और खुश रहना है।"