15/04/2026
ंगीत केवल सुरों का संगम नहीं, बल्कि वह अदृश्य डोर है जो दिलों को जोड़कर एक परिवार बना देती है।
सिवनी की एक छोटी-सी कलाकार जब मुंबई आई, तो यह सफर केवल स्थान परिवर्तन नहीं बल्कि सपनों के विस्तार की यात्रा बन गया। इसी यात्रा में मुझे एक ऐसा सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिसे मैं हमेशा अपने हृदय में संजोकर रखूंगी।
अमृत गंगा पेज के संस्थापक, आदरणीय श्री गंगा बिशन शर्मा जी का स्नेह और उनका समय मेरे लिए अत्यंत अमूल्य है। उन्होंने मुझसे मिलने के लिए लगभग दो घंटे का लंबा सफर तय कर मेरे निवास तक आकर मुझे जो सम्मान दिया, वह मेरे लिए गर्व और कृतज्ञता का विषय है।
उनके साथ संगीत पर हुई सार्थक चर्चा, उनके अनुभवों से मिली प्रेरणा और उनके विचारों की गहराई ने मेरे मन को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की। यह मुलाकात मेरे लिए केवल एक भेंट नहीं, बल्कि सीख, प्रेरणा और आत्मविश्वास का अनमोल संगम रही।
मैं हृदय की गहराइयों से आपका आभार व्यक्त करती हूँ, गंगा बिशन शर्मा जी। आपका स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद सदैव मेरे संगीत सफर को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने की प्रेरणा देता रहेगा।
आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। 🙏