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वैदिक जाट📍
आदर्श🫴 वीर गोगुला जाट
हिंदू होने पर गर्व है ♥️
अपनी पार्टी 🌍 राष्टीय लोकदल (श्री जयंत चौधरी)

Yogi Adityanath Jayant Singh
आज के छात्र,हिंदुस्तान के विकास हेतु एक मजबूत नींव है,और मैं सदैव इनके समक्ष उपस्थित हूं|
किसान,जवान सदैव आदरणीय♥️

क्या कभी  #भाजपा के नेता अपने समर्थकों के लिए इतनी क्रुरता दिखा पायेगा है इतनी साहस? क्या आप जानते हैं कि काला बच्चा सोन...
16/01/2026

क्या कभी #भाजपा के नेता अपने समर्थकों के लिए इतनी क्रुरता दिखा पायेगा है इतनी साहस?
क्या आप जानते हैं कि काला बच्चा सोनकर जी कौन थे ?
काला बच्चा सोनकर, एक ऐसे रामभक्त का नाम है, जिन पर उत्तर प्रदेश में ‘रामकाज’ के लिए एक ही दिन में 76 FIR ठोंक दिए गए।

काला बच्चा सोनकर जी वो महान बलिदानी रामभक्त थे जिन्हें पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी ISI ने 9 फरवरी 1994 को बम से उड़वा दिया और जिनकी चिता की राख से बम की करीब 40 कीलें मिली थीं।

सोनकर जी वो नाम थे जिनका होना कानपुर में हिन्दुओं की सुरक्षा की गारंटी थी। जिन्हें ‘हिन्दुओं का भौकाल’ कहा जाता था।

‘खटिक’ समाज से आने वाले मुन्ना सोनकर उर्फ़ ‘काला बच्चा’ सोनकर कानपुर के बिल्हौर के रहने वाले थे। खटिक समाज दलित समुदाय का एक बड़ा हिस्सा है। काला बच्चा सोनकर कानपुर में इसी का नेतृत्व करते थे। वह खटिकों के साथ ही पूरे हिन्दू समाज में काफी पॉपुलर थे। वह भाजपा से जुड़े हुए थे। इस्लामी कट्टरपंथियों के आतंक से हिन्दुओं को बचाने वाले काला बच्चा पहले सूअर पालने का काम करते थे। इसी के साथ ही वह स्थानीय राजनीति में भी सक्रिय थे।

काला बच्चा का नाम पहले से प्रसिद्ध तो था ही, वह हीरो बन कर तब उभरे जब उन्होंने बाबरी विध्वंस के बाद कानपुर के भीतर हिन्दुओं को बचाया था। 6 दिसम्बर, 1992 को अयोध्या में बाबरी ढाँचे के विध्वंस के बाद देश के बाकी हिस्सों के साथ कानपुर में भी दंगे भड़के थे। बाबूपुरवा, जूही समेत मुस्लिम बहुल इलाकों के अलावा कई जगह हिंसा हुई थी। 6 दिसम्बर के बाद मुस्लिमों ने एक मार्च निकाला था जिसके चलते खून खराबा हुआ। इस दंगे के दौरान आतातायी मुस्लिम भीड़ से काला बच्चा सोनकर ने हिन्दुओं को बचाया और मुस्लिमों का प्रतिरोध किया।

1992 में उनके ऊपर मुकदमे लगे लेकिन लोकप्रियता बढ़ती गई। काला बच्चा सोनकर को 1993 चुनाव में भाजपा ने बिल्हौर से टिकट दिया लेकिन वह हार गए। इस चुनाव के कुछ ही दिनों के बाद 9 फरवरी, 1994 को उनकी हत्या हो गई। हत्या के दिन काला बच्चा सोनकर स्कूटर पर जा रहे थे। उन पर कानपुर में बम चलाया गया था, इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुरानी रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बम धमाके में उनके शरीर का एक ही हिस्सा बचा था। उन पर इतने शक्तिशाली बम मारे गए थे कि बाद में अस्थियों तक से 40 लोहे के टुकड़े निकले थे।

काला बच्चा की हत्या मामले में कुछ मुस्लिम आरोपित बनाए गए थे। इनमें से कुछ की बाद में हत्या भी हो गई। इस मामले में जाँच में सामने आया था कि काला बच्चा को निशाने पर लेने वाले ISI से जुड़े हुए लोग थे। सोनकर को मारने के लिए मुंबई से पैसा भेजे जाने की बात भी सामने आई थी। उनके बेटे राहुल सोनकर बताते हैं कि ₹10 लाख मुंबई से भेजे गए थे, जिनमें से ₹4 लाख का इस्तेमाल इस हत्या में हुआ।

काला बच्चा सोनकर के परिवार पर भी मुलायम सिंह यादव की तब की सरकार ने काफी अत्याचार किए थे। काला बच्चा सोनकर के परिवार को उनका शव ही नहीं दिया गया। उनके शव को पुलिस ने जब्त किए रखा। भाजपा नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी भी कानपुर पुलिस से बातचीत करने पहुँचे। पहले पुलिस ने शव लौटाने की हामी भरी और भाजपा नेताओं से तैयारी करने को कहा। लेकिन बाद में मुलायम सरकार ने शव लौटाने से इनकार कर दिया। काला बच्चा को पुलिस ने सुबह 4 बजे चुपके से सिंधियों के शमशान में जला दिया।

इसके बाद जब काला बच्चा के परिवार ने प्रदर्शन किया और मामले में कार्रवाई की माँग की तो उनकी विधवा और बूढ़ी माँ को मुलायम सिंह यादव की पुलिस ने घेर कर मारा पीटा। प्रदर्शन करने पहुँचे भाजपा कार्यकर्ताओं को पकड़ लिया गया और उनकी बेरहमी से पिटाई हुई। काला बच्चा के परिवार के सड़क पर निकलने पर तक बैन लगा दिया गया। इस मामले में यह तक आदेश दिया गया कि हत्या का विरोध करने वालों को ऐसा सबक सिखाया जाए कि वह आगे विरोध करने लायक ना रहें।

काला बच्चा सोनकर के बेटे राहुल बच्चा सोनकर को 2022 में भाजपा ने बिल्हौर विधानसभा से टिकट दिया था। उन्होंने अपने पिता के काम को आगे बढाते हुए प्रचार किया और 2022 में 1 लाख से अधिक अंतर से चुनाव जीता।

2021 में अपने पिता को ट्विटर पर राहुल सोनकर ने ‘कानपुर का भौकाल’ बताया था। वर्तमान में राहुल सोनकर अपने पिता की तरह इस इलाके में दलितों का बड़ा चेहरा हैं।

महान रामभक्त और अमर बलिदानी काला बच्चा सोनकर जी को कोटि कोटि नमन 🙏🙏
शेयर आवश्य करें ताकी मुल्ला मुलायम का असलियत हिन्दुओ को पता रहे।

1999 की एक रात...एक पब, एक गोली और एक बेगुनाह ज़िंदगी खत्म।नाम था जेसिका लाल।गवाह थे, पहचान थी,फिर भी सिस्टम में सब बिखर...
11/01/2026

1999 की एक रात...
एक पब, एक गोली और एक बेगुनाह ज़िंदगी खत्म।
नाम था जेसिका लाल।

गवाह थे, पहचान थी,
फिर भी सिस्टम में सब बिखर गया।
पहले बरी, फिर 2006 में जनता और मीडिया के दबाव से सज़ा।
और 2020 में “अच्छे व्यवहार” के नाम पर रिहाई।
आज वही नाम एक बड़े ब्रांड से जुड़ा है,
Indri, सिंगल मॉल्ट, करोड़ों की कमाई, ग्लोबल पहचान।
लेकिन सवाल आज भी ज़िंदा है।

इस ब्रांड के लोगो की लाल बिंदी
लोगों को क्यों उस तस्वीर की याद दिलाती है
जो जेसिका लाल की पहचान बन चुकी थी?
👇कोई ठोस सबूत नहीं कि यह जानबूझकर किया गया डिज़ाइन है।

लेकिन भारत में प्रतीक सिर्फ डिज़ाइन नहीं होते,
वे यादें होते हैं, जख़्म होते हैं।
जब सिस्टम समय पर जवाब नहीं देता,
तो सवाल, शक और गुस्सा
खुद अपनी जगह बना लेते हैं।
इंसाफ सिर्फ फैसले से नहीं,
संवेदना और स्मृति के सम्मान से भी पूरा होता है।

ऑस्ट्रेलियाई मज़हबी क्रिकेटर उस्मान ख़्वाजा:• इस्लामाबाद में जन्म।• चार साल की उम्र में अम्मी अब्बू के साथ ऑस्ट्रेलिया मे...
04/01/2026

ऑस्ट्रेलियाई मज़हबी क्रिकेटर उस्मान ख़्वाजा:

• इस्लामाबाद में जन्म।
• चार साल की उम्र में अम्मी अब्बू के साथ ऑस्ट्रेलिया में शरण ली।
• एक श्वेत ईसाई लड़की से शादी की और उसे दीन में परिवर्तित कराया।
• उनके दो मु•स्लि•म बच्चे हैं।
• ऑस्ट्रेलिया के लिए 88 टेस्ट मैच खेले, जो कई ईसाई खिलाड़ी भी नहीं खेल पाए।
• करोड़ों कमाए। उसका जीवन अधिकांश ऑस्ट्रेलियाइयों से बेहतर है।

अपनी रिटायरमेंट के भाषण में उसने “भेद भाव” के एंटोनिआ रोने मचाये
घुसपैठियों के हक़ की बातें कीं।

उस्मान ऑस्ट्रेलिया और उसके लोगों का धन्यवाद कर सकता था..... जिन्होंने इतना कुछ उसे दिया , लेकिन उसने आरोप... शिकायत का पिटारा खोला...

यह उस्मान की नहीं पूरी जमात की प्रॉब्लम है
तुम कुछ भी कर लो ये ख़ुश नहीं रह सकते...
क्यों कि इनका असल दुःख तो तुम ही हो....!

इस मासूम का हाथ पकड़कर सामने बाप की लाश रखकर भीड़ के सहारे देशभक्ति के नारे तो लगवा लिएपर कैसे कटेगा बिना बाप के इसका जी...
21/05/2025

इस मासूम का हाथ पकड़कर सामने बाप की लाश रखकर भीड़ के सहारे देशभक्ति के नारे तो लगवा लिए

पर कैसे कटेगा बिना बाप के इसका जीवन क्योंकि ये तो अभी पांच साल का है और बाप की जरूरत तो पचास साल के को भी होती है

बड़ी महंगी पड़ती है नारों में छुपी ये देशभक्ति

समसपुर के शहीद मनोज फौगाट का पांच वर्षीय मासूम बेटा प्रिंस

दादा पहले ही नहीं था अब पिता भी नहीं रहे

18/05/2025

गिरे हुए आम उठाने गए हिंदू युवक को मुस्लिम शक्स ने मार डाला

पश्चिम बंगाल के नैहाटी में 17 साल सुदीप्ता पंडित को शेख फरहाद ने कुछ गिरे हुए आमों के कारण बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला।
एक युवा की जान बेवजह की हिंसा में चली गई, फिर भी मानवाधिकार के लिए आवाज़ उठाने वालों ने चुप्पी साध रखी है।
सुदीप्ता का अपराध क्या था? आक्रोश कहाँ है? अब मानवता कहाँ है? न्याय मिलना चाहिए

17/05/2025

तुर्की, आर्मेनिया और भारत... जेहाद को जड़ से मिटाने का सौदा...

तुर्की के पड़ोस में है अजरबैजान और आर्मेनिया।यह दोनों देश पहले संयुक्त USSR के राज्य थे, बाद में स्वतंत्र देश बन गये।अजरबैजान और तुर्की में है मुस्लिम आबादी और आर्मेनिया में हैं ईसाई। जब औटोमन शासन में तुर्की का इस्लामीकरण हो रहा था तब सबसे ज्यादा विरोध आर्मेनियन ईसाइयों ने किया था। बाद में करीब एक लाख आर्मेनियन ईसाइयों का कत्लेआम कर दिया गया था और 50000 ईसाई महिलाओं का किया गया था शोषण।

आज तक तुर्की और आर्मेनिया में कोई कुटनीतिक संबंध नहीं है। आर्मेनिया ने मुसलमानों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया और हालत ये है कि मात्र 1000 मुस्लिम समुदाय के लोग आर्मेनिया में हैं। करीब 20,000 हिंदू आर्मेनिया में हैं।अब यहीं से शुरू होता है मोदी का चमत्कार :आर्मेनिया से मोदी जी ने सैन्य समझौता किया। आकाश मिसाइल उन्हें दी है तथा ब्रह्मोस देने वाले हैं।तुर्की आर्मेनिया के निशाने पर है और हमारे सैनिक आर्मेनिया में मिसाइल टेस्ट कर रहे हैं...कुछ समझे ?

08/05/2025

सभी प्यारे भारतवासियों!

इस संवेदनशील समय में अफ़वाहें, दुश्मन देश के दुष्प्रचार से बचें। उनका काम यही है कि लोगों के बीच मतभेद और अलगाव पैदा करे, हमारे डिफेन्स के लोगों बदनाम करें। इन सबसे बचें।

हमारा कोई भी राजनीतिक तर्क रहा हो पर इस समय देश से सर्वोपरि और कुछ भी नहीं!

कोई भी ख़बर को बिना जांच पड़ताल के सोशल मीडिया पर शेयर न करे। देखें, जांचें और बाद में योग्य लगे तो साझा करिए।

हमारे वीर बहादुर सिपाही सरहद पर हमारे देश की और हमारी रक्षा कर रहे हैं तब हमारा नागरिक के तौर पर नैतिक और सर्वोपरि धर्म और कर्तव्य बन जाता हैं कि हम देश की अखंडितता और एकता को बनाएं रखें !

एकजुट रहें। सझग रहें। सुरक्षित रहें। जय हिंद

मेरे नाम सिर्फ़ एक फ़ोन है, ना कोई इसके अलावा बड़ी प्रॉपर्टी ना कोई बड़ा काम फिर कभी कुछ अगर जेब में होता है तो गुप्त दा...
30/04/2025

मेरे नाम सिर्फ़ एक फ़ोन है, ना कोई इसके अलावा बड़ी प्रॉपर्टी ना कोई बड़ा काम फिर कभी कुछ अगर जेब में होता है तो गुप्त दान खूब करता हूँ मैं किसी को भी अपनी नज़र के सामने दुखी नहीं देख सकता, ख़ुद के लिए कपड़े तक नहीं लेता जब तक फट ना जाए। सहयोग ना ही किसी से कभी माँगा ना ही किया किसी ने एक दो को छोड़कर, बस सब बाबा नीब करौरी महाराज और माँ बाप का आशीर्वाद है की सब चलता रहता है।।

29/04/2025

एक भी मौलाना ने पाकिस्तान के खिलाफ फतवा जारी नही कीया ...

देश के अंदर के आतंकवाद को समझें

29/04/2025

पूछ रही सारी जनता अब प्रश्नों के उत्तर दे दो
नृप कोई आश्वासन मत दो, अपराधी का सिर दे दो

27/04/2025
27/04/2025

मेरी लिस्ट के मुसलमान भाई कह रहे हैं कि मैं और मेरे जैसे लाखो आम हिन्दू नागरिक इस्लामिक आतंकवाद पर खुलकर लिखने बोलने लगे हैं बिना किसी मुस्लिम मित्र की परवाह किये.... वो कह रहें हैं की पहलगाम पर आतंकी हमला पाकिस्तानियों ने किया और हमारे यहां के हिन्दू अपने पड़ोसी मुसलमान को गरियाकर बदला ले रहे...गरीब मुसलमान का ठेला पलटा रहे...सहमत हूँ की गलत बात है...

लेकिन "तेरा मेरा रिश्ता क्या, ला इलाही इल्लल्लाह"....जब हमास ने इजराइल पर हमला किया था तब इन्ही भारतीय मुस्लिमों ने इंटरनेट पर ये ट्रेंड कराया था....सोचा याद दिला दूँ..!!!

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