27/05/2026
🌍 INTERNATIONAL BREAKING: इस्राइल से कट्टर दुश्मनी रखने वाला पाकिस्तान कैसे बनेगा मध्यस्थ? अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने उठाए बड़े सवाल! 🌍
वाशिंगटन / इस्लामाबाद: अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली संभावित सीजफायर वार्ता में पाकिस्तान की एंट्री पर अब बहुत बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम (Lindsey Graham) ने पाकिस्तान की निष्पक्षता पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसकी भूमिका को "समस्याग्रस्त" बताया है।
सीनेटर ग्राहम ने साफ़ कहा है कि जो देश इस्राइल को अपना धुर विरोधी मानता है, वह इस शांति वार्ता में एक ईमानदार मध्यस्थ (Mediator) कैसे हो सकता है?
✈️ "पाकिस्तानी एयरबेस पर मौजूद हैं ईरानी सैन्य विमान!" – ग्राहम का बड़ा खुलासा
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक बेहद चौंकाने वाली पोस्ट शेयर की है। उन्होंने दावा किया कि ईरानी सैन्य विमानों को पाकिस्तान के एयरबेस पर जगह दी जा रही है। ग्राहम ने लिखा:
"काफी समय से मुझे लगता रहा है कि पाकिस्तान का मध्यस्थ बनना बेहद समस्याग्रस्त है। इस्राइल के प्रति उनकी दुश्मनी जगजाहिर और पुरानी है। इसके अलावा, पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं के हालिया बयान और उनके एयरबेस पर ईरानी सैन्य विमानों की मौजूदगी बेहद परेशान करने वाली है।"
❌ पाकिस्तान ने ठुकराई डोनाल्ड ट्रंप की अपील, 'अब्राहम समझौते' से किया इनकार!
यह पूरा विवाद तब और बढ़ गया जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस खास अपील को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें पाकिस्तान को 'अब्राहम अकॉर्ड्स' (Abraham Accords) में शामिल होने के लिए कहा गया था।
एक टीवी इंटरव्यू में पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने इस्राइल पर सीधा हमला बोलते हुए कहा:
"आप उन लोगों के साथ कैसे बैठ सकते हैं जिनकी बात पर एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं किया जा सकता? व्यक्तिगत तौर पर मुझे नहीं लगता कि हमें ऐसे किसी समझौते में शामिल होना चाहिए जो हमारी मूल विचारधारा के खिलाफ हो। यह हमारे लिए कभी स्वीकार्य नहीं है।"
🛂 "हमारे पासपोर्ट पर लिखा है- इस्राइल जाना मना है!"
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने दुनिया के सामने पाकिस्तान की कड़े रुख को दोहराते हुए कहा कि पाकिस्तान शायद दुनिया का इकलौता ऐसा देश है, जिसके पासपोर्ट पर साफ़ अक्षरों में लिखा होता है कि यह पासपोर्ट इस्राइल को छोड़कर दुनिया के सभी देशों के लिए मान्य है। रक्षा मंत्री के इस बयान के बाद सीनेटर ग्राहम ने अमेरिकी प्रशासन से मांग की है कि पाकिस्तान इस मुद्दे पर अपना आधिकारिक रुख तुरंत और पूरी तरह से स्पष्ट करे।
🤔 क्या है यह 'अब्राहम समझौता' (Abraham Accords) और ट्रंप का प्लान?
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सऊदी अरब, कतर, तुर्किये, मिस्र और पाकिस्तान जैसे बड़े मुस्लिम देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने की अपील की थी। ट्रंप का मानना है कि ईरान के साथ एक ऐतिहासिक समझौता होने वाला है, जिससे पश्चिम एशिया (Middle East) का नक्शा और भविष्य बदल सकता है।
बता दें कि अब्राहम समझौता साल 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता में हुआ एक ऐतिहासिक कूटनीतिक समझौता है, जिसके तहत इस्राइल और कई अरब देशों (जैसे यूएई और बहरीन) के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध सामान्य हुए थे। ट्रंप चाहते हैं कि पाकिस्तान भी इसका हिस्सा बने, लेकिन पाकिस्तान इसके लिए कतई तैयार नहीं है।
📢 खिसकते समीकरण: भारत और दुनिया पर क्या होगा असर?
एक तरफ पाकिस्तान जहां ईरान के करीब दिख रहा है और उसके सैन्य विमानों को पनाह दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ वह अमेरिका और इस्राइल की नज़रों में अपनी साख खोता जा रहा है। ऐसे में वैश्विक राजनीति में पाकिस्तान का यह दोहरा रुख उसे और अलग-थलग कर सकता है।
Khabar Box स्पेशल सवाल: क्या आपको लगता है कि पाकिस्तान का इस्राइल विरोधी रुख और ईरान से ये नज़दीकियां उसे एक बार फिर वैश्विक मंच पर मुश्किल में डाल देंगी? क्या अमेरिका को पाकिस्तान पर भरोसा करना चाहिए?
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